लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Low Blood Pressure Symptoms

लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Low Blood Pressure Symptoms


बार-बार चक्कर या अचानक धुंधला दिखने के पीछे एक अहम कारण ब्लड प्रेशर लो होना भी हो सकता है. यह एक चिकित्सीय स्थिति है, जिसमें सामान्य रक्तचाप कम हो जाता है. इस अवस्था को हाइपोटेंशन भी कहा जाता है. वयस्कों में सामान्य रक्तचाप 120/80 mmHg से कम होता है, लेकिन हाइपोटेंशन की स्थिति में रक्तचाप 90/60 mmHg से कम हो जाता है. ब्लड प्रेशर लो की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, जो ह्रदय रोग जैसी घातक बीमारी का कारण बन सकती है ( 1 ). ऐसा नहीं है कि इसका इलाज नहीं किया जा सकता.

स्टाइलक्रेज के इस लेख में हमारे साथ जानिए बीपी लो को ठीक करने के सबसे सटीक घरेलू उपचारों के बारे में, जो जल्द अच्छे परिणाम देने की क्षमता रखते हैं. उससे पहले हम यह जान लेते हैं कि बीपी किन कारणों से कम होता है.

लो बीपी के कारण – Causes of Low BP in Hindi

लो ब्लड प्रेशर की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से मुख्य इस प्रकार हैं ( 2 ). [19659005] तनाव, भय, असुरक्षा या दर्द (बेहोशी के सबसे सामान्य कारण)

  • निर्जलीकरण (Dehydration) जो रक्त की मात्रा को कम करता है. [19659006] जरूरत से ज्यादा रक्तदान
  • आंतरिक रक्तस्राव (Internal bleeding)
  • गहरी चोट जिससे रक्त का ब ाव ज्यादा हो गया हो.
  • गर्भावस्था
  • उच्च रक्तचाप के लिए दवाएं
  • अवसाद (Depression) के लिए दवाएं
  • हृदय रोग
  • एलर्जी
  • संक्रमण
  • नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर, पार्किंसंस रोग
  • लो बीपी के कारण के बाद आगे जानिए, लो बीपी लो होने के लक्षण के बारे में.

    लो ब्लड प्रेशर के लक्षण – Symptoms of Low BP in Hindi [19659004] बीपी लो होने के लक्षण के लिए
  • कोजोरी
  • थकान
  • मतली
  • त्वचा का ठंडा होना
  • अंग्रेजी हिन्दी
  • ] अत्यधिक पसीना निकलना
  • नाड़ी कमजोर होना
  • सांस लेने में दिक्कत आदि
  • ब्लड प्रेशर चार्ट – Blood Pressure Chart in Hindi

    रक्तचाप की श्रेणी सिस्टोलिक MM HG (UPPER #) [19659035] डायस्टोलिक MM HG (LOWER #)
    न्यून रक्तचाप 100 से कम और 60 से कम
    सामान्य 120 से कम
    120-129 120-129 80 से कम
    उच्च रक्त चाप [196590035] या 80-89 स्लोवाक्ति [19659038] उच्च रक्त चाप

    (हाइपरटेंशन) स्टेज 2

    140 या उससे अधिक [19659035] या [19659035] 90 या उससे ज्यादा
    उच्च रक्तचाप से संकट

    (आपातकालीन देखभाल की तलाश करें) [19659035] 180 से अधिक

    और / या 120 से ज्यादा

    लो ब्लड प्रेशर (निम्न रक्तचाप) के घरेलू उपाय – Home Remedies for Low Blood Pressure in Hindi

    1. कॉफी

     1. कॉफी

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    सामग्री:
    • 1-2 चम्मच कॉफी पाउडर [19659006] चीनी (आवश्यकतानुसार)
    • 1 कप गर्म पानी [19659069] बनाने की प्रक्रिया: [19659070] एक कप गर्म पानी में कॉफी और चीनी मिलाएं और धीरे-धीरे पिएं.

      कितनी बार करें:

      रोजाना दो कप कॉफी पिएं.

      कैसे है लाभदायक:

      लो बीपी का इलाज करने के लिए आप कॉफी का सेवन कर सकते हैं. कॉफी कैफीन का एक समृद्ध स्रोत है, जो आपके कम रक्तचाप को बढ़ाने का काम कर सकता है ( 3 )

      2. नमक का पानी

      सामग्री:
      • आधा चम्मच नमक
      • 1 गिलास पानी [19659069] बनाने की प्रक्रिया:
        • एक गिलास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाएं.
        • अब इस घोल को पिएं. [19659069] कितनी बार करें:

          जब भी कम रक्तचाप का अनुभव हो नमक के पानी का सेवन करें.

          कैसे है लाभदायक:

          लो बीपी के उपाय में आप नमक को शामिल कर सकते हैं. नमक की संतुलित मात्रा शरीर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने काम कर सकती है ( 4 ), लेकिन नमक में मौजूद सोडियम की अधिक मात्रा रक्तचाप को बढ़ाने का काम भी कर सकती है ( 5 )

          नोट – इस घरेलू उपचार को डॉक्टर के कहने पर है, क्योंकि अधिक नमक का सेवन लो बीपी में भी हानिकारक साबित हो सकता है. तुलसी

           तुलसी

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          सामग्री:
          • 10-15 तुलसी के पत्ते [19659006] 1 चम्मच शहद [19659069] बनाने की प्रक्रिया:
            • 10 से 15 तुलसी के पत्तों को कुचलकर रस निकाल लें. [19659006] इस रस को शहद के साथ अच्छी तरह मिलाएं.
            • अब इस मिश्रण का सेवन करें.
            कितनी बार करें:

            रोजाना सुबह इस मिश्रण का सेवन करें.

            कैसे है लाभदायक:

            जड़ी- बूटियों में सबसे उच्च के लिए योप्रोटेक्टिव गुणों मौजूद होते हैं. इसके अलावा, तुलसी में विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं ( 6 ). तनाव, अवसाद और थकान के कारण भी बीपी लो हो सकता है. 7 )

            4. 4. लिकोराइस

            सामग्री:
            • लिकोराइस का 1 चम्मच [19659006] 1 कप पानी [19659006] शहद स्वादानुसार [19659069] बनाने की प्रक्रिया:
              • एक कप पानी में एक चम्मच लिकोराइस डालें. [19659006] इसे सॉस पैन में 5 मिनट के लिए उबाल लें. [19659006] फिर इसे थोड़ी देर हल्का ठंडा होने दें. [19659006] अब इसमें शहद मिलाएं और सेवन करें. [19659069] कितनी बार करें: [19659070] इस चाय को रोजाना 2 से 3 बार पीना चाहिए

                कैसे है लाभदायक:

                लो बीपी का इलाज करने के लिए आप लिकोर इस का उपाय कर सकते हैं. इसकी जड़ें हाइपोटेंशन से पीड़ित व्यक्तियों के लिए लाभदायक हो सकती हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार लिकोराइस रक्तचाप को बढ़ाकर लो ब्लड प्रेशर की स्थिति को सुधार सकता है ( 8 )

                5. रोजमेरी तेल

                 रोजमेरी तेल

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                सामग्री:
                • रोजमेरी तेल की 6 बूंदें [19659006] एक चम्मच नारियल या जैतून का तेल [19659069] कैसे करें इस्तेमाल:
                  • नारियल या जैतून के तेल में रोजमेरी तेल को मिलाएं.
                  • तेल के इस मिश्रण से पूरे शरीर की मालिश करें.
                  • आप चाहें तो नहाने के पानी में भी रोजमेरी की कुछ बूंदें मिला सकते हैं.
                  कितनी बार करें

                  रोजाना एक बार जरूर करें. [19659071] कैसे है लाभदायक:

                  लो बीपी के उपाय में रोजमेरी तेल को शामिल कर सकते हैं. इसमें कपूर होता है, जो आपके श्वास तंत्र के साथ-साथ रक्त संचालन को भी उत्तेजित करता है. इसके अलावा, रोजमेरी तेल अपने एंटीहाइपोटेंसिव गुण से निम्न रक्तचाप को ठीक कर सकता है ( 9 )

                  6. जिनसेंग

                  सामग्री:
                  • 1 चम्मच जिनसेंग टी [19659006] 1 कप पानी [19659006] शहद (स्वादानुसार)
                  बनाने की प्रक्रिया:
                  • एक कप पानी में एक चम्मच जिनसेंग टी मिलाएं. [19659006] इसे सॉस पैन में पांच मिनट के लिए उबाल लें.
                  • एक-दो मिनट के लिए इसे ठंडा होने दें.
                  • अब इसमें शहद मिलाएं और सेवन करें.
                  कितनी बार करें:

                  समस्या के दिनों में रोजाना 2 से 3 बार इस चाय को पिएं.

                  कैसे है लाभदायक:

                  जिनसेंग निम्न रक्त ाप की स्थिति में फायदेमंद हो सकता है. यह हाइपोटेंशन से पीड़ित लोगों में रक्तचाप बढ़ाने का काम कर सकता है ( 10 )

                  7. चुकंदर

                  सामग्री:
                  • चुकंदर (आवश्यकतानुसार)
                  बनाने की प्रक्रिया:
                  • जूसर की मदद से चुकंदर का एक कप जूस निकालें और पिएं. [19659069] कितनी बार करें: [19659070] दिन में दो बार

                    कैसे है लाभदायक:

                    लो बीपी का इलाज करने के लिए चुकंदर फायदेमंद हो सकता है. चुकंदर नाइट्रेट नामक खास तत्व से समृद्ध होता है, जो हाइपोटेंशन से पीड़ित लोगों में रक्तचाप बढ़ाने का काम कर सकता है, ( 11 ) ( 12 ).

                    8. ग्रीन टी

                     8. ग्रीन टी

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                    सामग्री:
                    • 1 चम्मच ग्रीन टी [19659006] 1 कप गर्म पानी [19659069] बनाने की प्रक्रिया:
                      • एक कप गर्म पानी में एक चम्मच ग्रीन टी मिलाएं.
                      • 5 से 10 मिनट तक पानी में ग्रीन टी रहने दें और छान लें. [19659006] अब धीरे-धीरे चाय का आनंद लें. [19659069] कितनी बार करें: [19659070] निम्न रक्तचाप की स्थिति में रोजाना 2 से 3 बार ग्रीन टी पीनी चाहिए

                        कैसे है लाभदायक:

                        कॉफी की तरह ही ग्रीन टी भी कैफीन का अच्छा स्रोत ै, जो निम्न रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है. एक अध्ययन के अनुसार, कैफीन के सेवन से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप बढ़ सकता है ( 13 )

                        9. नींबू का रस

                        सामग्री:
                        • आधा नींबू
                        • एक गिलास पानी
                        बनाने की प्रक्रिया:

                        एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ें और पी जाएं.

                        कितनी बार करें:

                        रोजाना सुबह खाली पेट एक गिलास नींबू पानी पिएं.

                        कैसे है लाभदायक:

                        निर्जलीकरण के कारण हाइपोटेंशन से पीड़ित लोगों कि लिए नींबू का रस कारगर उपाय हो सकता है. हाइपोटेंशन का एक कारण शरीर में तरल की कमी भी है ( 2 ). वहीं, नींबू पानी शरीर में तरल की मात्रा को सामान्य करने में मदद करता है. नींबू पानी न सिर्फ शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि शरीर में विटामिन्स व मिनरल्स की पूर्ति भी करता है. नींबू पानी को एक कारगर एनर्जी बूस्टर कहा गया है ( 14 )

                        किशमिश

                        सामग्री:

                        मुट्ठी भर किशमिश

                        कैसे खाएं:

                        मुट्ठी भर किशमिश को दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाएं.

                        कितनी बार करें:

                        किशमिश का सेवन रोजाना करें. [19659071] कैसे है लाभदायक:

                        एड्रेनालाइन इंसफिशंसी ऐसी स्थिति है, जिसमें एड्रेनालाइन ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन करना बंद कर देती हैं और निम्न रक्तचाप की समस्या हो सकती है ( 15 ). किशमिश एड्रेनालाइन इंसफिशंसी की समस्या को ठीक करने में मदद कर सकती है. ( 16 ), ( 17 ). ). एड्रेनालाइन इंसफिशंसी में सोडियम की कितनी मात्रा लेनी चाहिए, उस बारे में आपको डॉक्टर ही बेहर के हैं.

                        11. विटामिन्स

                         विटामिन्स

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                        लो ब्लड प्रेशर का उपचार करने के लिए आप विटामिन्स की मदद ले सकते हैं. निम्न रक्तचाप को बढ़ाने में विटामिन बी 12 आपकी मदद कर सकता है. विटामिन-बी 12 का उपयोग एनीमिया के इलाज के लिए किया जाता है ( 18 ), जो हाइपोटेंशन का मुख्य कारण है. वहीं, विटामिस-सी तनाव को दूर कर लो बीपी से राहत दिला सकता है ( 6 ). [19659002] आप विटामिन के लिए बादाम, पालक, शकरकंद, अंडे, दूध, पनीर, अंगूर, संतरे और मछली का सेवन कर सकते हैं. आप इन विटामिनों के लिए अतिरिक्त सप्लीमेंट भी ले सकते हैं, लेकिन अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही.

                        लो ब्लड प्रेशर से बचाव – Prevention Tips for Low BP in Hindi

                        लो बीपी से बचने के लिए आप निम्नलिखित टिप्स का पालन कर सकते हैं-

                        • ऐसे आहार का सेवन करें, जिसमें नमक की मात्रा अधिक हो.
                        • पानी और फलों के रस का अत्यधिक सेवन करें.
                        • गर्मियों के दौरान खुद को अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रखें. [19659006] शराब व धूम्रपान से दूरी बनाए रखें.
                        • रक्त प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए नियमित व्यायाम करें.
                        • सोते समय सिर के नीचे तकिया लगाएं.

                        लो बीपी (निम्न रक्तचाप) में आहार – Low Blood Pressure Diet in Hindi [19659062] डाइट चार्ट

                        • मछली, मांस, चिकन, अंडे, दूध, और दूध उत्पाद जैसे विटामिन-बी 12 से समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन करें ( 19 ). [19659006] पालक, संतरा, चिकन व साबुत अनाज जैसे फोलेट्स भोजन का सेवन करें ( 20 )
                        • डिब्बाबंद ूप व पनीर जैसे नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन करें.
                        • कैफीन आपके रक्तचाप को अस्थायी रूप से बढ़ाने में मदद कर सकता है. इससे लिए आप कॉफी पी सकते हैं.

                        इन खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें –

                        • ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन से बचें.
                        • शराब का सेवन न करें.

                        आहार और उपचार संबंधी सावधानी बरतकर आप निम्न रक्तचाप की स्थिति से बच सकते हैं. फिर भी अगर लो बीपी से जुड़ा कोई भी लक्षण नजर आता है, तुरंत बीपी की जांच कराएं and अच्छे डॉक्टर से उपचार कराएं. संख्या के लिए गर्नुहोस्, लेकिन हालत गंभीर होने की स्थिति में अच्छा होगा कि आप सीधे डॉक्टर से संपर्क करें. अगर आपको इन घरेलू उपचार से कोई फायदा होता है, तो अपने अनुभव नीचे दिए कमेंट बॉक्स में साझा करें. लो बीपी से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप हमसे सवाल भी पूछ सकते हैं.

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    निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Dehydration Symptoms and Home Remedies in Hindi

    निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Dehydration Symptoms and Home Remedies in Hindi


    शरीर के लिए पानी कितना जरूरी है, यह कोई जानता है. इंसान बिना खाए तो कई दिनों तक जीवित रह सकता है, लेकिन पानी के बगैर नहीं. श्रेणियाँ का का कारण बन सकती है, जिसमें निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन को सबसे घातक माना गया है. यह गर्मियों में होने वाली सबसे आम समस्या है, जो शरीर में तरल की कमी के संकेत देती है. यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है. अगर इसका इलाज सही समय पर नहीं किया जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है. इस लेख में हमारे साथ जानिए निर्जलीकरण के उपाय, जो जल्द अच्छे परिणाम देने की क्षमता रखते हैं.

    क्या है निर्जलीकरण – What Is Dehydration in Hindi

    निर्जलीकरण तब होता है, जब शरीर में पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ की कमी होने लगती है. निर्जलीकरण की समस्या हल्का, मध्यम या गंभीर हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करती है कि आपके शरीर ने कितना तरल खोया है ( 1 ). निर्जलीकरण के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनकी चर्चा हम नीचे करेंगे.

    निर्जलीकरण के बारे में जानने के बाद आगे जानिए निर्जलीकरण के कारण.

    निर्जलीकरण के कारण – Causes of Dehydration in Hindi

    शरीर में पानी और तरल की कमी के पीछे विभिन्न कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं ( 1 ) –

    • अधिक पसीना निकलने के कारण [19659008] अत्यधिक व्यायाम करने से [19659008] बुधा
    • उल्टी
    • दस्त
    • बहुत ज्यादा पेशाब आना

    निर्जलीकरण के लक्षण – Symptoms of Dehydration in Hindi

    निर्जलीकरण की पहचान करने के लिए आइए जानते हैं निर्जलीकरण के लक्षण ( 1 ). [19659007] प्यास लगना

  • सूखा या चिपचिपा मुंह
  • ज्यादा पेशाब नहीं आना
  • गहरे पीले रंग का मूत्र निकलना
  • सूखी व ठंडी त्वचा
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में ऐंठन
  • अन्य लक्षण

    • सूखी, सिकुड़ी हुई त्वचा
    • चिड़चिड़ापन
    • चक्कर आना
    • तेज धड़कन
    • ेजी से सांस लेना
    • धंसी हुई आंखें
    • बेहोशी

    निर्जलीकरण के लक्षण जानने के बाद आगे जानिए सटीक निर्जलीकरण के उपाय.

    निर्जलीकरण के घरेलू उपाय – Home Remedies for Dehydration in Hindi

    ऐसा नहीं है कि निर्जलीकरण का इलाज नहीं किया जा सकता है. नीचे जानिए निर्जलीकरण से निपटने के सबसे कारगर घरेलू उपायों के बारे में.

    1. छाछ

     1. छाछ

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    सामग्री:

    एक कप छाछ

    आधा चम्मच सोंठ

    बनाने की विधि:
    • एक कप छाछ में सोंठ मिलाएं.
    • इस ताजे पेय का सेवन करें. [19659042] कितनी बार करें:

      निर्जलीकरण का उपाय करने के लिए आप दिन में कम से कम तीन से चार बार छाछ पिएं.

      कैसे है लाभदायक:

      छाछ एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है. यह पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों से समृद्ध है. निर्जलीकरण से बचने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है. यह डायरिया जैसी पेट की समस्या से छुटकारा दिलाने का काम करता है ( 2 ). गर्मियों में इसका महत्व ज्यादा है. यह शरीर में तरल की को को पूरा करता है और पेट को ठंडा रखता है. निर्जलीकरण के इलाज के लिए छा का उपाय कारगर रहेगा.

      2. एसेंशियल ऑयल

      क) नींबू का तेल

      सामग्री:
      • नींबू के तेल की एक से दो बूंदें
      • एक गिलास पानी
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • एक गिलास पानी में नींबू के तेल की कुछ बूंदे डालें.
      • अब इस मिश्रण को पिएं.
      कितनी बार करें:

      रोजाना एक बार नींबू के स्वाद वाला पेय पिएं.

      कैसे है लाभदायक:

      निर्जलीकरण के इलाज के लिए आप नींबू को प्रयोग में ला सकते हैं. नींबू का तेल एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड और स्वस्थ रखने में एक अहम भूमिका निभा सकता है ( 3 ) ( 4 ). [19659058] ख) वाइल्ड ऑरेंज एसेंशियल ऑयल

      सामग्री:

      वाइल्ड ऑरेंज एसेंशियल ऑयल की एक से दो बूंदें

      कैसे करें इस्तेमाल:
      • एक गिलास पानी में तेल की बूंदे मिलाएं.
      • अब इस पानी का सेवन करें. [19659042] कितनी बार करें:

        इस पानी को रोजाना कम से कम एक बार पि

        कैसे है लाभदायक:

        वाइल्ड ऑरेंज एसेंशियल ऑयल का पानी एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है ( 5 ). यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करता है और शरीर को हाइड्रेट करने का काम करता है. निर्जलीकरण से निपटने के लिए यह अच्छा स्वादिष्ट तरीका है.

        ग) पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल

         ग) पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल

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        सामग्री:
        • पेपरमिंट तेल की दो बूंदें
        • 1 गिलास पानी [19659042] कैसे करें इस्तेमाल: [19659037] एक गिलास पानी में पेपरमिंट एसेंशियल तेल की बूंदें मिलाएं और सेवन करें. [19659039] कितनी बार करें: [19659037] रोजाना एक से दो बार इस पानी का सेवन करें. [19659039] कैसे है लाभदायक:

          पेपरमिंट ऑ ल में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो निर्जलीकरण से निजात दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं ( 6 ).

          3. नारियल पानी

          सामग्री:
          • 1 गिलास नारियल पानी [19659042] क्या करें: [19659037] दिनभर में तीन से चार गिलास नारियल पानी पिएं. [19659039] कैसे है लाभदायक: [19659037] नारियल पानी सोडियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है. डिहाइड्रेशन की अवस्था में शरीर में इन दोनों की मात्रा कम हो जाती है. नारियल पानी इन पोषक तत्वों की पूर्ति करने का काम करता है. डिहाइड्रेशन के इलाज का यह सबसे प्रभावी तरीका है ( 7 )

            4. सूप

            नहीं है. सूप पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है, जो निर्जलीकरण and इसके लक्षणों से लड़न का काम कर सकता है. सूप में पोटैशियम जैसे कई खनिजों की मात्रा होती है, जिससे शरीर में इसकी पूर्ति हो सकती है. अच्छे परिणामों के लिए आप कसरत से पहले सूप का सेवन कर सकते हैं. 8 ).

            5. केला

            सामग्री:
            • एक से दो केले
            क्या करें

            व्यायाम या अन्य कठीन शारीरिक कार्य करने से पहले केला खाएं.

            कितनी बार करें:

            ऐसा रोजाना दो बार

            कैसे है लाभदायक:

            निर्जलीकरण का एक कारण शरीर में पोटैशियम की कमी होना है. केले में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है और शरीर में इसकी मात्रा को संतुलित करने व निर्जलीकरण के इलाज में केला मदद कर सकता है ( 9 ).

            6. घर का बना ओआरएस

            सामग्री:
            • आधा चम्मच नमक
            • चीनी के 6 चम्मच
            • 4 कप पानी [19659042] बनाने की विधि:
              • पानी में नमक व चीनी को डालकर अच्छी तरह मिलाएं.
              • इस घोल को तब तक पिएं, जब तक कि निर्जलीकरण के लक्षण खत्म न हो जाएं.
              कितनी बार करें:

              इस घोल को एक दिन में कम से कम 3 लीटर पिया जा सकता है. [19659039] कैसे है लाभदायक :

              ओआरएस का मतलब ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन है. निर्जलीकरण के इलाज का यह कारगर विकल्प हो सकता है. ओआरएस डायरिया और उल्टी जैसी समस्याओं के दौरान शरीर द्वारा खोए तरल की पूर्ति करने का काम करता है. 10 ), ( 11 ).

              7. 7. जौ का पानी

              सामग्री:
              • 1 कप जौ [19659008] तीन से चार कप पानी [19659008] आधा नींबू [19659008] शहद (स्वादानुसार)
              कैसे करें इस्तेमाल:
              • पानी में एक कप जौ डालें और सॉस पैन में 30-40 मिनट के लिए उबालें. [19659008] पानी को ठंडा होने दें और स्वाद के लिए नींबू का रस व शहद मिलाएं. [19659008] दिनभर में इसे थोड़ा-थोड़ा करके पिएं. [19659042] कितनी

                केसे है लाभदायक:

                निर्जलीकरण के उपाय के रू

                केसे है लाभदायक:

                निर्जलीकरण के उपाय के रू में जौ का पानी स्वस्थ पेय है. यह कई एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिजों से समृद्ध होता है, जो निर्जलीकरण द्वारा खोए हुए तरल पदार्थों को पूरा करने और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है ( 12 ).

                8. अचार का रस

                सामग्री:
                • एक तिहाई कप अचार का रस
                कैसे करें इस्तेमाल:

                कसरत से पहले या बाद में अचार का रस पिएं.

                कितनी बार करें: [19659037] दिन में एक बार ऐसा करें.

                कैसे है लाभदायक:

                शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने से अधिक मात्रा में पोटैशियम व सोडियम भी निकल जाता है, जो निर्जलीकरण का कारण बनता है. अचार का रस सोडियम और पोटैशियम से समृद्ध होता है. इस प्रकार, यह निर्जलीकरण के इलाज के लिए अच्छा विकल्प बन सकता है, क्योंकि यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाने में मदद करता है ( 13 ).

                9. नींबू पानी

                 नींबू पानी

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                सामग्री:
                • आधा नींबू
                • 1 गिलास पानी
                • शहद (स्वादानुसार)
                कैसे करें इस्तेमाल:
                • एक गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़ें.
                • स्वाद के लिए शहद मिलाएं और पिएं.
                कितनी बार करें:

                दिन में दो से तीन बार नींबू पानी पिएं.

                कैसे है लाभदायक:

                नींबू का पानी न केवल आपको तरोताजा करता है, बल्कि शरीर में पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम के स्तर को बढ़ाकर निर्जलीक 14 ), ( 15 ).

                10. सेब का रस

                सामग्री:

                एक सेब

                आधा गिलास पानी

                कैसे करें इस्तेमाल:
                • आधे गिलास पानी के साथ एक सेब को ब्लेंड करें. [19659008] अब इस जूस का सेवन करें.
                कितनी बार करें:

                इस रस को रोजाना दो बार पिएं.

                कैसे है लाभदायक:

                सेब मैग्नीशियम का समृद्ध स्रोत हैं. इसमें पोटैशियम की मात्रा भी होती है, इसलिए यह शरीर में खोए हुए खनिजों और इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति कर निर्जलीकरण का इलाज कर सकता है.

                एक अध्ययन के अनुसार, बच्चों में निर्जलीकरण के इलाज के लिए इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स की तुलना में सेब का पतला रस अधिक प्रभावी विकल्प हो सकता है ( 16 ), ( 17 )

                11. संतरे का रस

                सामग्री:

                संतरे के रस के एक से दो गिलास

                कैसे करें इस्तेमाल:

                कसरत से पहले या बाद में संतरे का जूस पिएं.

                कितनी बार करें:

                संतरा विटामिन्स और खनिजों से भरपूर होता है.

                द्वारा के लिए यह पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स and मैग्नीशियम से भी समृद्ध होता है. संतरे का रस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखने और निर्जलीकरण को दूर करने की क्षमता रखता है ( 18 ), ( 19 )

                क्रैनबेरी जूस

                 क्रैनबेरी जूस

                Shutterstock

                सामग्री:

                क्रैनबेरी रस के दो कप

                कैसे करें इस्तेमाल:

                रोजाना कम से कम दो गिलास बिना पके क्रैनबेरी का जूस पिएं.

                कितनी बार करें: [19659037] इस रस को रोजाना दो बार पिएं.

                कैसे है लाभदायक:

                क्रैनबेरी फल पोटैशियम और सोडियम से समृद्ध होता है, जो इलेक्ट्रोलाइट के महत्पूर्ण तत्व माने जाते हैं. इलेक्ट्रोलाइट शरीर में पानी के संतुलन को बनाने में मदद करता है. 20 ), ( 21 )

                13. 13. नमक

                निर्जलीकरण की वजह से शरीर मैग्नीशियम, पोटैशियम और सोडियम जैसे कई महत्वपूर्ण खनिज और इलेक्ट्रोलाइट्स को खोने लगता है. ऐ ऐ ् ् ् ् ् ् ् ् ् ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै 22 ), ( 23 )

                14. 14. दही

                सामग्री:

    पैरों में सूजन को कम करने के 15 असरदार घरेलू उपाय – Swollen Feet Home Remedies in Hindi

    पैरों में सूजन को कम करने के 15 असरदार घरेलू उपाय – Swollen Feet Home Remedies in Hindi


    Many times there is inflammation in the legs due to greater walking, ascent to the mountains or missing injuries. Inflammation of the legs may occur in both normal and painful forms. People usually ignore it, but swelling can also cause death in case of negligence. In this article, we tell you the most effective home remedies to reduce leg inflammation, which will help you recover quickly. Let's first understand what is the swelling of the legs?

    What is swelling of the legs – What is swelling of the legs of Hindu

    Inflammation of the legs is a common problem that is called a pediatrician in the therapeutic language. This is a common problem and the level of pain may fluctuate. The reason for this is the build-up of fluid in the lower leg ( 1 ). The reason for this can be both normal and serious. Come on, tell us what is due to swelling of the legs.

    Due to leg swelling – causes of swelling of the legs of Hindu

    There may be various causes for leg swelling, including the following points. 2 –

    • The body weight is high.
    • Blood clots in the leg.
    • If the person is older,
    • what kind of foot infection
    • From legs back to the heart, blood flow
    • Long standing.

    Leg swelling symptoms

    Leg swelling Symptoms described below can be seen 3 ) –

    • Inflammation in the ankles and feet .
    • The legs are heavier.
    • Due to suppression of the swollen area, there is a cavity.
    • Brilliant in swollen skin.
    • Difficulty in moving. Feeling Pain or Feeling Pain

    Learn more about leg swelling symptoms due to leg swelling and symptoms.

    Home remedies for leg swelling – Home remedies for leg swelling

    The problem with leg inflammation can be overcome by using home remedies that are easy to use. Come on, let us know about the exact natural remedies that have the ability to relieve swelling soon –

    1. Ice pack

      1. Ice Packages

    Shutterstock

    Material:
    • Ice Package
    Directions for use:
    • Add ice pack for 10-12 minutes to swelling
    • put ice cubes in wet towels using them.
    How often:

    Repeat this process three to four times a day.

    How useful:

    The ice pack works to promote blood flow, causing inflammation and swelling. Pain is reduced ( 4 ). It is among the most effective home remedies for inflammation.

    2.

    • Ingredients:
      • 3 teaspoons of coriander seeds
      • 1 cup of water
      How to use:
      • water and let it cool down.
      • Now drink this water gradually.
      or
      • Soak it for two hours in water.
      • Now melt the seeds and make a paste and put it in the swollen place.
      How is the supplier:

      coriander is a healthy food that is rich in antimicrobial and anti-inflammatory properties. This can be an effective alternative to foot inflammation ( 5 )

      3. Salt Rock

      Ingredients: [1 9659028] Half a cup of apple salt or rock salt
    • Bucket or bath
    • Hot water
    How to use:
    Fill the bucket with hot water and add the salt. Keep in mind that the water may not be too hot, otherwise your skin may burn.
  • Now put your swollen leg in water for 10-15 minutes.
  • How often are you:

    Take this medicine to the son

    How useful:

    You can use stone salt to treat inflammation in the legs. This salt is enriched with magnesium sulphate, which can help reduce muscle pain and stress and improve swelling ( 6 ). Lemon

      4. Lemon

    Shutterstock

    Ingredients: [1 9659028] One teaspoon of lemon juice
  • half a teaspoon of cinnamon powder [196599027] One teaspoon of olive oil
  • Combine the ingredients.
  • Put this mixture in the swollen place for a few hours.
  • How often:

    Take this medicine before sleeping at night

    How useful:

    Lemon is known for its anti-inflammatory properties 7 . At the same time, cinnamon and olive oil can also help in inflammation due to its anti-inflammatory properties ( 8 ), 9 ). Olive oil works to nourish and soften the skin ( 10 )

    5. Ginger

    Ingredients: [1 9659028] Half a teaspoon of crushed ginger
  • A glass of water
  • Some drops of lemon
  • Honey by taste
  • ] Now filter the water and put it in a glass.
  • Mix a few drops of lemon and honey to taste.
  • Now drink it slowly like tea. Beneficial:
  • As a means of inflammation of the legs, you use ginger. You Ginger is a healthy food containing different healing properties that is considered useful for the body. Enriched with anti-inflammatory properties. Therefore, it can work to relieve pain and swelling ( 11 )

    6.

    Two cups of hot water
  • Two to three cups of hot water
  • Two to three cups of hot water [19659907] One cup of apple cider [vinegarinwarmwaterandhalfacupincoldwater
  • First, soak the cloth in the hot water and squeeze it. Now wrap it with swollen legs. Remove the cloth after two to three minutes.
  • Now wipe the cloth in cold water with vinegar and screw it with a swollen leg.
  • How often:

    For good results this process is every two hours Repeat later

    How useful:

    Apple vinegar can effectively treat leg inflammation. According to research, the antimicrobial properties present in apple vinegar can reduce swelling and pain

    7. Tea from Dandilion

      7. Dandelion Tea

    Shutterstock Ingredients :

    • Large Dandelion Dandelion [19659907] You cook it in two to three minutes.
    • Now eat it.
    How often:

    Drink this tea twice a day on the day of the problem

    How useful:

    Dandilion is Ayurvedic medicine that is effective in reducing the inflammation of the feet of Africa can be. It is rich in antioxidant properties that can help reduce edema in any part of the body ( 13 )

    8. Bathroom 19659027 Cold water
  • Two buckets
  • Directions for use:
    • One bucket is filled with half hot water Fill it with half cold water Do not forget that the water does not heat up too.
    • Put your swollen feet in the hot water bucket for 10 minutes and then place it in cold water for 10 minutes. Repeat this procedure before sleeping

      How useful:

      The contrast bath can be an effective remedy for foot inflammation. The insertion of swollen feet at different water temperatures stimulates blood circulation, which can be prevented by the inflammation problem ( 4 ). Baking soda

      Ingredients:
      • Two tablespoons soda for bread
      • Two tablespoons water of rice
      Boil the rice and take out the starch-containing water.
    • Mix the baking soda into the water.
    • Now place it on your swollen leg for 10-15 minutes.
    How Often:

    This paste as a quick way to reduce swelling of the feet.

    How Good: [1965] 9033] You can also treat bloating with soda for bread. It is enriched with antimicrobial properties ( 14 ), which can work to relieve pain and swelling ( 15 )

    10. Parsley

    Ingredients:
    • Dried leaves of one spoon of parsley
    • How to use a cup of hot water
    :

    Dip the leaves for two to three minutes in warm water and then Drink as tea.

    How often:

    Drink this herbal tea two to three times a day.

    How useful:

    Parsley is a natural food that comes to your feet It can help you get rid of the swelling. It is enriched with anti-inflammatory properties 16 ) and has the ability to quickly reduce pain and swelling. Essential oil

    Ingredients:

    वजन बढ़ाने के घरेलू तरीके – मोटा होने के उपाय – How to Gain Weight Naturally in Hindi

    वजन बढ़ाने के घरेलू तरीके – मोटा होने के उपाय – How to Gain Weight Naturally in Hindi


    In an era of modernity and competition, an effective personality matters. A charming body can pull each one towards you, for which it is very important for the body to remain in shape. It has been observed that body fragility along with obesity strongly affects the personality. Especially this has become a problem in youth.

    If you're worried about laziness and you've made all the effort, then this article can solve your problem. Find Out How To Increase Weight Using Selected Household Articles

    Because of Tightening – Causes of Underweight Hindi

    There are many reasons behind the fragility of the body. Here we are talking about these reasons for the fragility of the body ( 1 ).

  • Lack Of Eating
  • Lack Of Eating
  • Lack Of Eating
  • Lack Of Appetite
  • Cancer And Diabetes Disease
  • Concern
  • Once you know the reason for the brittleness, you know ways to be quick

    Growing the weight of the household Health – weight gain tips in Hindi

    1. Ghee and Sugar

      Ghee and Sugar

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    As a measure to increase weight, you can consume melted butter and sugar. This is a natural remedy that has been used for health for centuries. Find Out How To Increase Ghi and Sugar Intake –

    How To Use:

    • Mix a spoon of sugar well in a spoon of gi.
    • Repeat this process every day for one month.

    How useful:

    Calories and fats play an important role in increasing body weight. Ghee is rich in both nutrients to help you gain weight ( 2 ), ( 3 )

    2. Mango and Milk

    People with brittleness can consume mango and milk at the same time. Both are rich in nutrients to increase weight. Find out how to make mango and milk intake as a healing agent for fat.

    How to use:

    • Take two mature mangoes daily.
    • After a normal meal, Drink Hot Milk.
    • In a few days you will see changes in the body.

    How useful:

    Proteins, carbohydrates and fats in milk are in sufficient quantity that can help you increase weight ( 4 ). At the same time, the mango is also rich in fat and calories ( 5 ), which works to conserve digestion and improve weight 6 ). 19659025] 3. Ashwaganda

    The use of Ashwaganda can be an effective way of being fat. This is an Ayurveda that can help you increase your weight. Here's how to use Ashwagandha –

    How to use:

    • Mix half a teaspoon of ashwaganda powder in a glass of hot milk and take it before bedtime. To try, you can add a little spoon of honey to it.
    • Regular consumption of this type of Ashwaganda will give you good results soon.

    How useful:

    It is said that one of the reasons for narrowing can be stress and Ashwaganda acts as an anti-stress that frees the body from stress. In addition, it can also stimulate digestion by removing abdominal problems. The antioxidant properties present in it work to protect the body from free radicals. According to a study, consumption of Ashwagandha with milk can increase body weight ( 7 )

    4. Dried figs and raisins

      Dried figs and raisins

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    Dry fruits can also be a precise method of thickening to increase weight. Find out how to remove the delicacy, how to use figs and raisins.

    How to use:

    • Soak six dry figs and about 30 grams of raisins in water overnight.
    • The next day they can eat twice in the morning and in the evening.
    • Good results can be seen in about 20 to 30 days.

    How useful:

    Dried figs And the calories in the raisins are in surplus. There are about 129 calories in 43 grams of raisins. To get rid of the delicacy, you can consume these dried fruits ( 8 ), ( 9 )

    5. Avocado

    As a medicine for fat, you can choose some fat. Here we describe how avocado can be consumed for a dry table.

    How to use:

    • You can make Smokey to Avocado, for which you take avocado and Remove the anus from the spoon.
    • Now mix the anal avocado in the mill and sugar or honey, if necessary, mix it well and drink.

    How is the Profit

    avocado is a special fruit that contains calories and fat abundant (19459029) 10 ). Regular consumption of your fast may be far ( 11 )

    6. Peanut Butter

    As a way to be fat, you can consume peanut butter. To increase your weight, you can add peanut butter to your daily diet. How to use:

    • You can eat breakfast by putting yellow oil on brown bread.

    How useful:

    Peanut butter is a great source of calories. 598 calories are found in 100 grams of peanut butter. In addition, it is also rich in nutrients like fat, protein and carbohydrates that can help you gain weight (19459030) 11 ), 12 ), ( 13 )

    Banana and milk

    As a measure of weight gain you can choose bananas and milk. Find out how these two foods help weight gain and how to consume them –

    How to use:

    दाद के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Ringworm Symptoms and Home Remedies in Hindi

    दाद के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Ringworm Symptoms and Home Remedies in Hindi


    कई लोगों को त्वचा पर दाद की समस्या हो जाती है, जो काफी तकलीफ देती है. दाद आपके शरीर पर कहीं भी हो सकता है, जैसे हाथ, पैर, जांघ व गुप्तांग आदि. यह बैक्टीरिया के कारण पनपता है और इसमें खुजली भी होती है. हालांकि, खुजली करने पर कुछ समय के लिए राहत तो मिल जाती है, लेकिन इससे दाद फैलने का खता बढ़ जाता है. ऐसे में लोग दाद खाज खुजली की दवा तलाशते हैं.

    अगर आप भी दाद का उपचार करने के तरीके जानना चाहते हैं, तो स्टाइलक्रेज के इस लेख में आपको घरेलू तरीकों से दाद का इलाज बताएंगे. इससे पहले जानेंगे कि दाद क्या हैं, दाद खाज खुजली कितने प्रकार की होती है और दाद खाज खुजली के कारण क्या हैं आदि.

    दाद क्या है – What is Ringworm in Hindi

    दाद एक तरह का चर्म रोग है, जिसे डर्माटोफायोटासिस या टिनिया भी कहा जाता है. यह एक संक्रमण है, जो फंगस के कारण होता है. आमतौर पर दाद तीन तरह की फंगस के कारण होता है – ट्राइकोफिटन, माइक्रोस्पोरम और एपिडर्मोफिटन.

    आइए, अब जानते हैं कि दाद कितने प्रकार के होते हैं.

    दाद के प्रकार – Types of Ringworm in Hindi

    दाद कई प्रकार के हो सकते हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं:

    • हाथ पर होने वाले दाद को टिनिया कहा जाता है.
    • पैर में होने वाले दाद को टिनिया पेडिस या एथलीट फुट कहा जाता है. [19659009] स्कैल्प पर होने वाला दाद ट निया कैपिटिस कहलाता है.
    • चेहरे पर दाद को टिनिया फाचेई कहा जाता है.
    • दाढ़ी के पास होने वाले दाद को टिनिया बारबाई कहा जाता है.
    • पीठ, छाती व जांघ जैसी जगहों पर होने वाले दाद को टिनिया कॉर्पोरिस कहा जाता है.
    • उंगली पर होने वाले दाद को टिनिया अंगियम कहा जाता है.
    • जननांगों में होने वाले दाद को टिनिया क्रुरिस कहा जाता है.

    दाद के प्रकार जानने के बाद आइए इसके कारणों पर नजर डाल

    दाद के कारण – Causes of Ringworm in Hindi

    दाद का मुख्य कारण ट्राइकोफिटन फंगस हो सकता है. नीचे हम बता रहे हैं कि ऐसा किन कारणों से होता है:

    • किसी संक्रमित व्यक्ति, जीव, पानी या भोजन के संपर्क में आने से.
    • रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से.
    • ज्यादा गर्म या आर्द्र जलवायु में रहने से.
    • ज्यादा तंग कपड़े पहनकर आने वाले पसीने से.

    दाद के प्रकार जानने के बाद दाद के लक्षणों पर नजर डालेंगे.

    दाद के लक्षण – Symptoms of Ringworm in Hindi

    दाद के लक्षण संक्रमण के कारणों पर निर्भर करत हैं.

    • त्वचा पर परतदार and उभरा हुआ दाग. यह लाल चकत्ते जैसा हो सकता है, जिसमें खुजली और जलन होती है.
    • यह फैलकर फफोला बन सकता है.
    • दाग का बाहरी किनारों से लाल हो जाना.

    ये थे दाद के लक्षण. अब हम जानेंगे कि दाद के घरेलू उपाय क्या है.

    दाद के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Ringworm in Hindi

    नीचे हम दाद के लिए घरेलू उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप पुराने से पुराने दाद का इलाज कर सकते हैं. इन उपायों को अपनाने के बाद दाद की दवा लेने की जरूरत ने बराबर रह जाती है:

    1. सेब का सिरका

     Apple vinegar

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    सामग्री:
    • थोड़ा-सा सेब का सिरका
    • रूई
    क्या करें?
    • रूई को सेब के सिरके में भिगो लें और अतिरिक्त सिरका निचोड़ दें.
    • फिर इस रूई को 15 मिनट के लिए दाद वाली जगह पर रखें.
    • आप इस प्रक्रिया को एक सप्ताह तक दिन में कई बार दोहराएं. [19659038] यह कैसे काम करता है?

      सेब के सिरके में एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया को मारकर दाद से राहत दिलाते हैं ( 1 )

      2. टी ट्री ऑयल

       Tea Tree Oil

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      सामग्री:
      • थोड़ा-सा टी ट्री ऑयल
      • रूई
      क्या करें?
      • रूई को टी ट्री ऑयल में भिगोकर दाद वाले हिस्से पर लगाएं. इस प्रक्रिया को दिन में तीन से चार बार दोहराएं.
      यह कैसे काम करता है?

      टी ट्री ऑयल में मौजूद एंटी-फंगल गुण त्वचा संबंधी कई समस्याओं को ठीक करने में मदद करते हैं. दाद होने पर भी यह प्रभावी असर दिखाता है ( 2 )

      3. नारियल का तेल

      सामग्री:
      • वर्जिन कोकोनट ऑयल
      क्या करें
      • दाद पर उंगली की मदद से नारियल का तेल लगाएं और कुछ देर मेाज करें. इस प्रक्रिया को दिन में तीन से चार बार दोहराएं.
      यह कैसे फायदा करता है?

      नारियल तेल में जरूरी फैटी एसिड होते हैं, जो एंटीमाइक्रोबियल की तरह काम करते हैं. इसलिए, नारियल तेल दाद के इंफेक्शन को दूर करने में मदद कर सकता है ( 5 ). इसके अलावा, यह दाद के कारण होने वाली खुजली से भी राहत दिलाता है ( 6 )

      4. लहसुन

       Garlic

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      सामग्री:
      • एक से दो लहसुन की कलियां
      क्या करें?
      • लहसुन की कली को बारीक पीसकर इसे दाद वाली जगह पर लगाएं.
      • इसे 15 मिनट तक लगा रहने दें, फिर धो लें.
      यह कैसे काम करता है?

      लहसुन में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो दाद जैसी समस्या से राहत दिलाने में मदद करते हैं ( 7 ).

      5. हल्दी

      सामग्री:
      • एक से दो चम्मच हल्दी पाउडर
      • पानी
      क्या करें?
      • हल्दी पाउडर में थोड़ा-सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें.
      • इस पेस्ट को दाद पर लगाकर उंगली से मालिश करें.
      • यह प्रक्रिया तब तक दोहराएं, जब तक दाद दूर न हो जाए.
      यह कैसे काम करता है?

      एंटीसेप्टिक के तौर पर हल्दी का काफी इस्तेमाल किया जाता है. इसके एंटीसेप्टिक गुण ही इसे है है. साथ ही यह त्वचा को रूखा भी नहीं बनाती है ( 8 )

      6. एलोवेरा

       Aloe vera

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      सामग्री:
      • एक एलोवेरा की पत्ती
      • एक चम्मच
      क्या करें?
      • एलोवेरा की पत्ती को काटकर चम्मच की मदद से उसका जेल निकालें. [19659009] फिर यह जेल दाद वाले हिस्से पर लगाएं.
      • आप इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहरा सकते हैं.
      यह कैसे काम करता है?

      एलोवेरा त्वचा की हर समस्या के लिए कारगर होता है . 9 ).

      7. 7.

      7. नीम का तेल

      सामग्री:
      • नीम के तेल की कुछ बूंदें
      क्या करें?
      • दाद वाले भाग पर नीम का तेल लगाएं.
      यह कैसे काम करता है?

      नीम में एंटीफंगल Do not forget to check out, please do not hesitate to contact us for more details. अगर आपको दाद है, तो यह बहुत जल्दी असर दिखा सकता है ( 10 ). इसका इस्तेमाल करने के बाद आपको दाद की दवा नहीं लेनी पड़ेीी.

      8. कच्चा पपीता

      सामग्री:
      • कच्चे पपीते का एक टुकड़ा
      क्या करें के लिए
      • दाद वाली जगह पर कच्चा पपीता रगड़ें. फिर 15 मिनट तक इसे लगा छोड़ दें. [19659009] बाद में गुनगुने पानी से प्रभावित हिस्से को धो लें. [19659009] आप इस प्रक्रिया को दिन में दो बार दोहराएं. [19659038] यह कैसे काम करता है?

        कच्चे पपीते में एंटीफंगल गुण होते हैं, जो फंगस के कारण हुए दाद को खेल करने में मदद करते हैं.

        9. सरसों के बीज

        सामग्री:
        क्या के बीज
      सरसों के बीज को आधे घंटे तक पानी में भिगोएं. फिर उसके बाद उन्हें पीसकर मोटा पेस्ट बना लें.
    • इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं.
    यह कैसे काम करता है?

    सरसों के बीज त्वचा पर खुजली होने से रोकते हैं. यह खुजली ही दाद के फैलने का कारण बनती है. इसलिए, अगर आपको दाद की समस्या है, तो सरसों के बीज फायदा पहुंचा सकते हैं.

    ऑरेगैनो ऑयल

     Oregano oil

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    सामग्री:
    • ऑरेगैनो ऑयल
    क्या करें?
    • दाद वाले हिस्से पर ऑरेगैनो ऑयल की कुछ बूंदें डालें और कुछ देर छोड़ दें.
    यह कैसे काम करता है?

    ये एसेंशियल ऑयल आपको जिद्दी दाद से छुटकारा पाने में मदद करता है. ऑरेगैनो में कार्वैक्रोल हैं, जो एंटीफंगल की तरह काम करता है ( 11 )

    11. सेंधा नमक

    सामग्री:

    The post दाद के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Ringworm Symptoms and Home Remedies in Hindi appeared first on STYLECRAZE.

    डायरिया के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Diarrhea Symptoms and Home Remedies in Hindi

    डायरिया के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Diarrhea Symptoms and Home Remedies in Hindi


    सर्दी-जुकाम और बुखार की तरह डायरिया भी आम, लेकिन गंभीर समस्या है. गर्मी और बरसात के मौसम में इसका प्रकोप सबसे ज्यादा होता है. इसके पीछे अहम कारण गंदगी है. लगभग हर किसी ने अपने जीवन में कभी न कभी डायरिया का सामना किया ही होगा. जिन्हें डायरिया हुआ है, उन्हें पता होगा कि पेट में संजन और सूजन कितनी तकलीफदेय होती है. बार-बार उल्टी and दस्त होना डायरिया के लक्षण हैं. अगर डायरिया का इलाज सही वक्त पर न किया जाना, तो इससे जान भी जासकती है. आपको इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस लेख में हम आपको डायरिया के घरेलू उपाय बताएंगे. हमारे साथ जानिए डायरिया के लक्षण और डायरिया से बचाव के उपाय.

    डायरिया क्या होता है? – What is Diarrhea in Hindi

    अगर किसी व्यक्ति को लूज मोशन या पानी की तरह दस्त हों और साथ ही में लगातार उल्टी हो रही हो, तो यह डायरिया है. नोरोवायरस व संक्रमण द्वार के लिए सकते है. आपको जानकर हैरानी होगी कि विकासशील देशों में यह में 2 लाख से अधिक मौतों के लिए जिम्मेदार है ( 1 ). स्वच्छता का पालन करके डायरिया से बचाव आसानी से किया जा सकता है, लेकिन का नहीं हो पा रहा है. यूं तो दस्त की समस्या सिर्फ कुछ दिन तक ही रहती है, लेकिन कुछ मामलों में दस्त जान के लिए खतरा भी बन सकता है.

    डायरिया की परिभाषा समझने के बाद, अब इसके प्रकारों के बारे में जान लेते हैं.

    डायरिया के प्रकार – Types of Diarrhea in Hindi

    डायरिया तीन प्रकार के होते हैं, जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं ( 2 ). [19659007] पानी जैसा दस्त (Acute Watery Diarrhea): यह कई घंटों या दिनों तक रह सकता है. यह कॉलेरा संक्रमण (cholera infection) के कारण भी हो सकता है.

  • दस्त में खून (Acute Bloody Diarrhea): इसमें पानी जैसा मल आता है, लेकिन मल के साथ खून भी आता है. इसे पेचिश भी कहा जाता है.
  • लगातार होने वाले दस्त (Persistent Diarrhea): यह 14 दिन या उससे अधिक दिनों तक रहते हैं. [19659010] आर्टिकल के इस भाग में जानिए कि यह समस्या किन-किन कारणों से हो सकती है.

    डायरिया के कारण – Causes of Diarrhea Hindi

    डायरिया के कारण कई हैं, जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं.

    1. दस्त की अधिकांश वजह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (gastrointestinal tract) में संक्रमण होता
    2. दूषित पानी भाजन का ेवन करने से.
    3. ज्यादा यात्रा करने से और इधर-उधर का खाना खाने से.
    4. दवाइयां जैसे – एंटीबायोटिक या पेट साफ करने की दवा.
    5. 5. अधा पका या कच्चा मीट का सेवन करने से.
    6. वंशानुगत या आनुवंशिक स्थिति, जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस या एंजाइम की कमी.
    7. पेट या पित्ताशय की थैली की सर्जरी कराने के बाद.
    8. पेट से संबंधित समस्या जैसे – इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome – IBS), माइक्रोस्कोपिक कोलाइटिस (microscopic colitis) के कारण. [19659014] बच्चों में रोटावायरस (rotavirus) की वजह से डायरिया हो सकता है. [19659014] स्विमिंग के दौरान दूषित पानी के पेट में चल जाने से.
    9. ज्यादा गर्म या नमी वाले मौसम से भी दस्त लग सकते हैं.
    10. जब शिशुओं के दांत निकलते हैं, तो उन्हें डायरिया हो सकता है. उस वक्त उनके मसूड़ों में खुजली होती है, तो वो कुछ भी उठाकर चबाने लगते हैं, जिस कारण उन्हें पेट संबंधी समस्याएं होने लगती हैं.

    अब हम उन लक्षणों की बात कर लेते हैं, जिनके कारण डायरिया होता है.

    डायरिया के लक्षण – Symptoms of Diarrhea in Hindi

    कई बार दस्त बिना इलाज के अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में चिकित्सा की जरूरत होती है. बेहतर है कि वक्त रहते इस पर ध्यान दिया जाए. अगर डायरिया का इलाज सही तरीके से करना है, ताकि इसका सटीक इलाज हो सके, ताकि इसका सटीक इलाज हो सके. डायरिया के कारण बताने के बाद अब हम आपको डायरिया के लक्षण बता रहे हैं.

    1. पेट दर्द
    2. सूजन
    3. पेट में मरोड़
    4. वजन घटना
    5. बुखार
    6. मल में रक्त आना
    7. लगातार उल्टी होना
    8. लगातार लूज मोशन होना
    9. शरीर में दर्द
    10. बार-बार प्यास लगना
    11. डिहाइड्रेशन
    12. सिरदर्द

    आर्टिकल के इस अहम भाग में हम उन घरेलू उपायों की बात करेंगे, जिनसे डायरिया को ठीक किया जा सकता है.

    डायरिया का घरेलू इ ाज – Home Remedies for Diarrhea in Hindi

    1. ओआरएस (ORS)

     ORS [19659044] Shutterstock [19659045] सामग्री: [19659046] छह चम्मच चीनी [19659014] एक चम्मच नमक [19659014] एक लीटर उबला हुआ पानी [19659049] बनाने और उपयोग करने की विधि: [19659046] चीनी को पानी में मिलाएं. </li>
<li> जब चीनी अच्छी तरह घुल जाए, तो इसमें नमक मिलाएं. </li>
<li> फिर इस मिश्रण का सेवन करें. </li>
</ul>
<h5> इसका सेवन कब करें? </h5>
<p> आप हर कुछ देर में या जितनी बार </p>
<h5> कैसे फायदेमंद है? </h5>
<p> बाजार में कई तरह के इलेक्ट </p>
<h5> कैसे फायदेमंद है? </h5>
<p> बाजार में कई तरह के इलेक्ट प्रयोग गर्नुहोस्, के बारे के लिए घर में बना ओआरएस लाभकारी होता है. इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स या आरएस का सेवन काफी वक्त लोग करते आ रहे हैं. डायरिया के दौरान डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है, जिस कारण कमजोरी होने लगती है. <a href= 3 ) ( 4 ).

    2. 2. नारियल पानी

     coconut water

    Shutterstock

    सामग्री:
    • एक गिलास ताजा नारियल पानी
    क्या करें
    • रोजाना एक गिलास ताजा नारियल पानी पिएं.
    कब इसका सेवन करें? [19659054] आप रोजाना इसका सेवन करें.

    कैसे फायदेमंद है?

    जिनको हल्के दस्त की शिकायत है, वह नारियल पानी का उपयोग रिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी के स्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए कर सकते हैं. साथ ही डायरिया के बाद होने वाली रिकवरी के दौरान, जो खाद्य पदार्थ दिए जाते हैं (रीफिडिंग- refeeding) उसके साथ भी आप इसका सेवन कर सकते हैं ( 5 ) ( 6 ).

    सावधानी – दंभीर डिहाइड्रेशन या दस्त के लक्षणों के उपचार के लिए इसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए. कॉलेरा या किडनी की समस्या में भी इसका उपयोग नहीं करना चाहिए.

    3. चावल का पानी

     Rice water

    Shutterstock

    सामग्री:
    • आधा गिलास चावल का पानी
    क्या करें?
    • पके हुए चावल के पानी को छान लें.
    • जब भी आपको डायरिया के दौरान लूज मोशन हों, उसके तुरंत बाद आधा गिलास चावल का पानी पिएं.
    • यह उपचार छोटे बच्चों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है.
    इसका सेवन कब करें?

    आप दो से तीन बार या उससे ज्यादा

    कैसे फायदेमंद है?

    चावल का पानी आप बार भी इसका सेवन कर सकते हैं

    के स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव डाले बिना मल की संख्या में कटौती कर सकता है. यह बच्चों में इन्फेंटाइल गैस्ट्रोएन्टेराइटिस (infantile gastroenteritis) के कारण होने वाले डायरिया को रोकने में मदद कर सकता है. आप इसे हल्के खाद्य पदार्थ and आइस ले सकते हैं. 7 ) ( 8 )

    4. 4. शहद

     Honey

    Shutterstock

    सामग्री:
    • शहद
    • पानी
    बनाने और उपयोग करने की विधि:
    • लूज मोशन होने पर आप दिनभर में एक से दो चम्मच शहद का सेवन कर सकते हैं.
    • इसके अलावा, आप गर्म पानी में एक से दो चम्मच शहद मिलाकर उसे ठंडा करके पी सकते हैं.
    कब इसका सेवन करें?

    आप एक से दो बार इसका सेवन कर सकते हैं. [19659055] कैसे फायदेमंद है?

    शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद हैं, जो गैस्ट्रोएन्टेराइटिस (ga stroenteritis) के कारण होने वाले डायरिया को करने मदद करते हैं. अगर शहद को ओआरएस के साथ लिया जाए, तो इससे भी बैक्टीरियल डायरिया की अवधि कम हो सकती है ( 9 )

    5. अदरक

     Ginger

    Shutterstock

    सामग्री:
    • अदरक के कुछ छोटे टुकड़े
    • एक कप पानी
    बनाने और उपयोग करने की विधि:
    • एक कप पानी में एक इंच या दो अदरक के टुकड़े डालें.
    • अब इस मिश्रण को उबालें.
    • जब यह उबाल जाए, तो इसे छानकर इसका सेवन करें.
    कब इसका सेवन करें?

    आप दिनभर में एक से दो बार इसका सेवन करें.

    कैसे फायदेमंद है?

    जापान की एक फार्मास्युटिकल सोसायटी के जर्नल में प्रकाशित रिपोर ट के अनुसार, अदरक में मौजूद एसीटोन एक्सट्रैक्ट सेरोटोनिन (मस्तिष्क में प्राकृतिक रूप से बनने वाला केमिकल) से दस्त को रोकने में मदद मिल सकती है ( 10 ). इतना ही नहीं, अदरक पेट संबंधी अन्य समस्यायों जैसे – गैस, पेट दर्द, पेट फूलना, सीने में जलन व भूख न लगने से भी राहत दिलाता है ( 11 ).

    6. दही

     curd

    Shutterstock

    सामग्री:
    • दही
    कैसे उपयोग करें?
    • आप एक कटोरी दही ऐसे ही खा सकते हैं.
    • आप चावल के साथ भी दही का सेवन कर सकते हैं.
    इसका सेवन कब करें?

    आप एक दिन में दो से तीन बार दही का सेवन कर सकते हैं.

    कैसे फायदेमंद है?

    प्रोबायोटिक पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है. अगर सामान्य खाद्य पदार्थ की बात करें जिसमें प्रोबायोटिक मौजूद है, तो वह दही है. दही न सिर्फ ठंडा होता है, बल्कि डायरिया के दौरान इसका सेवन बहुत लाभकारी होता है. 13 ) ( 14 ) ( 15 (19) )

    7. ग्रीन या कच्चा केला

     Green or raw banana

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    सामग्री:
    • एक कच्चा केला
    • नमक (स्वादानुसार)
    • नींबू (वैकल्पिक)
    बनाने और उपयोग करने की विधि:
    • आप कच्चे केले को उबाल लें.
    • इसे अच्छे से मैश यानी कुचल लें.
    • फिर इसमें स्वादानुसार नमक और थोड़ा नींबू का रस निचोड़कर मिला लें.
    • फिर इसका सेवन करें.
    • आप उबले
    इसका सेवन कब करें

    आप दिनभर

  • आप दिनभर

    आप दिनभर

    कैसे फायदेमंद है?

    केले में पेक्टिन नामक तत्व होता है, जो डायरिया की समस्या को कम कर सकता है. अगर डायरिया में उबला हुआ केला दिया जाए, तो यह बहुत लाभकारी हो सकता है. अगर डायरिया के घरेलू उपाय की बात करें, तो यह अच्छा विकल्प है ( 16 ) ( 17 ). ग्रीन टी

     Green tea

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    सामग्री:
    • एक चम्मच या एक ग्रीन टी बैग
    • एक कप गर्म पानी
    बनाने और उपयोग करने की विधि:
    • एक चम्मच या एक ग्रीन टी बैग को एक कप गर्म पानी में पांच से छह मिनट के लिए भिगोकर रखें.
    • फिर इसे छानकर इस चाय का सेवन करें.
    इसका सेवन कब करें?

    आप दिनभर में एक से दो बार पी सकते

    कैसे फायदेमंद है?

    ग्रीन टी में अधिक मात्रा में कैटेकिन है, जो रेडिय थ थ थ थ ा ा ा ा ा ा ा ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै जो मरीज पेल्विक या पेट के निचले हिस्से में रेडियोथेरेपी करा चुके हैं और अगर डायरिया व उल्टी से पीड़ित हैं, तो उनके लिए हर रोज 450 मिलीग्राम (450 mg / day) ग्रीन टी सुरक्षित है. फिर भी इसे लेने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें ( 18 )

    9. विटामिन-ए

     Vitamin A

    Shutterstock

    सामग्री:
    • विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ या सप्लीमेंट्स
    उपयोग करने की विधि:
    • अपने आहार में विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – गाजर, शक्करकंद व पालक का सेवन करें.
    • इसके अलावा, आप अपने डॉक्टर से पूछकर विटामिन-ए के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं.
    कब इसका सेवन करें?

    आप अपने आहार में विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं.

    कैसे फर यदेमंद है?

    कई बार विटामिन-ए की कमी से भी डायरिया हो सकता है. ऐ े े े ु ु ि ि ि ि ि ि ि ि ि ि ि ि ि ि ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै हल्के डायरिया के दौरान विटामिन-एक सेवन से भी इसके लक्षण कम हो सकते हैं. 19 ) ( 20 ) ( 21 )

    10. कैमोमाइल टी (Chamomile tea)

     Chamomile tea [19659165] Shutterstock [19659045] सामग्री: [19659046] एक कैमोमाइल टी बैग या एक चम्मच सूखे कैमोमाइल फूल [19659014] एक कप गर्म पानी [19659014] दो से तीन पुदीने के पत्ते ( वैकल्पिक) </li>
</ul>
<h5> उपयोग करने की विधि: </h5>
<ul>
<li> एक कप गर्म पानी में कैमोमाइल टी बैग या एक चम्मच सूखे कैमोमाइल फूल को थोड़ी देर भिगोकर रखें. </li>
<li> अब आप इस गरमा गर्म काढ़े में पुदीने के पत्ते मिला दें. [19659014] फिर इसका सेवन करें </li>
</ul>
<h5> कब इसका सेवन करें </h5>
<p> डाय िया के दौरान आप दो से तीन कप कैमोमाइल टी का सेवन कर सकते हैं. </p>
<h5> कैसे फायदेमंद है? </h5>
<p> कैमोमाइल चाय डायरिया के दौरान काफी आराम दिला सकती है. यह डायरिया की अवधि को कम कर सकती है. इसमें एंटी-डायरियल and एंटीस्पैस्मोडिक गुण मौजूद हैं. (19459006) 22 </a>) (<a href= 23 ) ( 24 )

    दस्त लगने पर खान-पान प्रकार का ध्यान रखना भी जरूरी है.

    डायरिया में क्या खाना चाहिए – Foods to Eat for Diarrhea in Hindi

    यहां हम आपको बता रहे हैं कि डायरिया होने पर क्या खाना चाहिए.

    1. केला
    2. दही [19659014] सेब
    3. उबले चावल
    4. खुले कुछ-कु अंतराल में हल्की चीजें खाएं.

    डायरिया में क्या न खाएं – Foods to avoid during Diarrhea in Hindi

    आपने ऊपर जाना कि डायरिया के दौरान क्या खाना चाहिए. इसी के साथ आपके लिए यह जानना भी उतना ही जरूरी है कि डायरिया में क्या नहीं खाना चाहिए. नीचे हम आपको इसी के बारे में बता रहे हैं.

    1. मसालेदार खाद्य पदार्थ
    2. तैलीय चीजें
    3. बाहरी खाना या जंक फूड
    4. डिब्बेबंद खाद्य पदार्थ
    5. ड्राई फ्रूट्स
    6. शराब
    7. डेयरी प्रोडक्ट्स
    8. कैफीन
    9. कैफीन
    10. इसके अलावा, ज्यादा भारी खाद्य पदार्थ जैसे – चिकन, मीट व अंडा इनके सेवन से बचें. ये आपके पेट के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं.

      डायरिया से बचाव – Prevention Tips for Diarrhea in Hindi

       Prevention Tips for Diarrhea in Hindi

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      डायरिया के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय जानने के बाद अब वक्त आता है डायरिया से बचाव जानने का. नीचे हम आपको कुछ आसान और सामान्य टिप्स दे रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने आप को काफी हद तक डायरिया से बचा सकते हैं.

      1. हमेशा बाहर से आने के बाद, शौच से आने के बाद और खाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से साबुन व पानी से धोएं.
      2. किसी भी जानवर चाहे वो पालतू ही क्यों न हो, उसे छूने के बाद हाथों को धोएं.
      3. अगर आप ऐसी जगह हैं, जहां पानी नहीं है, तो अपने साथ सैनिटाइजर रखें और उसका उपयोग करें. [19659014] जब आप कहीं यात्रा कर रहे हैं, तो कहीं भी कुछ भी न खा लें या कहीं का भी पानी न पिएं.
      4. हमेशा बाहर ऐसी जगह से खाएं जहां सफाई हो.
      5. ज्यादा चाय-कॉफी का सेवन न करें ।
      6. कच्चे या आधे उबले अंडे का सेवन न करें।
      7. खाना बनाने के पहले सब्जियों को अच्छी तरह से धो लें।
      8. फलों को खाने से पहले अच्छे से धो लें।
      9. बासी खाना या फ्रिज में ज्यादा दिनों तक रखा खाना न खाएं।

      डॉक्टर की सलाह कब लेनी च ाहिए – When To See A Doctor in Hindi

      डायरिया के घरेलू उपाय हमने आपको बताएं, लेकिन उनके उपयोग से भी आपको कोई सुधार नहीं दिख रहा है, तो आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

      • अगर आपके शिशु को 24 घंटों में छह से ज्यादा बार पानी जैसा लूज मोशन हो या तीन से ज्यादा बार उल्टी हो, तो बिना देर करते हुए डॉक्टर की सलाह लें।
      • एक साल से ऊपर के बच्चे को भी 24 घंटे में छह बार से ज्यादा बार लूज मोशन हो, तो उसे जल्द डॉक्टर के प स ले जाएं।

      इसके अलावा, अगर आपको नीचे दिए गए कुछ लक्षण दिखते हैं, तो भी आप तुरंत डॉक्टर की सलाह लें –

      1. लगातार लूज मोशन हो
      2. कमजोरी हो
      3. लगातार वजन कम हो रहा हो
      4. लगातार उल्टी हो रही हो
      5. मल में खून आए
      6. लगातार पेट दर्द हो
      7. डिहाइड्रेशन हो
      8. बुखार हो या चक्कर आए

      अगर डायरिया पर वक्त रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है। हालांकि, ऊपर दिए गए डायरिया के घरेलू उपाय आपको इसके लक्षणों से राहत दिला सकता हैं, लेकिन सिर्फ घरेलू उपाय ही नहीं, इस स्थिति में खाना-पीना भी बहुत मायने रखता है। अगर आप सही खान-पान के साथ इन उपायों को आजमाएंगे, तो हो सकता है कि आपकी परेशानी जल्द ठीक हो जाए। घरेलू उपायों के बाद भी डायरिया के लक्षण ठीक होते नहीं दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर डायरिया का इलाज कराएं। डायरिया ऐसी स्थिति है, जो आपके दिन-प्रतिदिन की स्वच्छता की आदतों पर भी निर्भर करती है। इसलिए, डायरिया से बचाव के लिए आप अपनी जीवनशैली और आदतों में बदलाव लाएं। अगर आपके पास भी डायरिया से बचाव के कुछ घरेलू उपाय हैं, तो हमारे साथ नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें।

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    बदहजमी (अपच) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Indigestion Symptoms and Home Remedies in Hindi

    बदहजमी (अपच) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Indigestion Symptoms and Home Remedies in Hindi


    The digestive problem is the digestive problem that spoils your whole health. When there is pain or discomfort in the upper stomach, it may be a sign of a stomach upset. Because of the defect in the digestive system, there is a problem with digestion. Some people take medications from the doctor to treat dysmenorrhea, then take some home remedies and take medication from digestion.

    This article on StyleCrage is just about the problem of dyspepsia. In this article we will tell you the internal remedies for digestion. At the same time, you will also tell about the causes and symptoms. Let's first understand what is due to indigestion.

    There may be several causes of indigestion, such as 1 ):

    • Feeding more than spicy and oily food
    • Lie immediately after eating
    • Smoking
    • Some drugs such as aspirin and ibuprofen
    • Acid re flupx, stomach cancer, pancreatic inequalities, or peptic ulcer Symptoms of indigestion – Symptoms of indigenous digestion

      Different symptoms may occur when indigestion .

    • G-Micalana
    • Vomiting
    • Breast Burning
    • Feeling Full Food While Eating Burning in
    • 1 stomach
    • Diarrhea
    • Diarrhea
    • Blood in vomiting
    • Mass disorder
    • Home remedies for indigenous digestion

      Problem Everyone, Doors prefer. These home remedies are effective and do not cause any damage.

      1. Baking soda

        Baking soda

      Shutterstock

      Ingredients:
      • Half a teaspoon of soda for bread
      • Half a cup of warm water
      What to do?
    • Then drink this water.
    • For better results, drink it two to three times a day for several weeks.
    How It Works

    For the treatment of indigestion Digestion Soda can be very useful. Bread soda is a natural antacid that helps in the treatment of digestion and chest irritation. This neutralizes stomach acid to correct digestion ( 2 ).

    Warning: If your stomach is full after eating, do not eat soda for bread.

    2. Cinnamon

    Ingredients:
    • One inch cinnamon piece
    • A cup of hot water
    • honey
    What to do?
    • Put a piece of cinnamon in a glass of hot water.
    • Leave the water in the water for 10 minutes, then filter the water
    • As soon as the water begins to cool, mix the honey with it and drink it immediately.
    • Drink it twice a day, three times a day.
    How It Works

    Cinnamon treatable for digestion Programming can. The antispasmodic properties of cinnamon relaxes the muscles of your digestive system. Also, its anti-inflammatory properties help reduce inflammation, which may be due to indigestion ( 3 ) ( 4 ). Chamomile T

    Ingredients: [1 9659032] 1 teaspoon chamomile tea
  • 1 cup of hot water
  • honey
  • What to do?
    • Mix a teaspoon of chamomile tea in a glass of hot water.
    • Leave in water for 5 to 10 minutes
    • Then filter and drink after mixing with honey.
    • For better results, drink twice daily, three times a day.

    Chamomile T also benefits from digestion The anti-inflammatory properties present in it help to reduce acid swelling ( 5 ). Lemon and Ginger Tea

      Lemon and Ginger Tea

    Shutterstock

    Ingredients:
    • Instant Ginger Paste
    • 1 teaspoon lemon juice
    • 1 cup hot water
    ]
    • Put a piece of adero in a glass of warm water.
    • Then add one teaspoon of lemon juice in it.
    • After 5 to 10 minutes, filter this water. If you get lukewarm, add some honey to it and immediately drink it.
    How to use it?

    This lemon and ginger Chay not only improves digestion but also provides relief from swelling. The anti-inflammatory properties present in it alleviate acidity in the stomach ( 6 ) ( 7 )

    5. Cumin seed [1 9659042] Ingredients: [1 9659032] 1 teaspoon of cumin seeds [1 9659006] 1 cup of warm water (optional)

    What to do?
    • Put one spoon of cumin seeds in a glass of hot water. Stir and then filter.
    • Drink this hot water as you like tea.
    • You can chew half a teaspoon of cumin after a meal.
    How useful is this? -Platulative properties that help reduce digestive problems by reducing problems such as abdominal swelling ( 8 ).

    6.

    Ingredients:
    • 1-2 teaspoon apple cider vinegar
        1 glass water </li>
</ul>
<h5>  What to do? </h5>
<ul>
<li>  One cup of warm water in one Mix the teaspoon of apple vinegar </li>
<li>  You can mix some honey in it for taste. </li>
<li>  Then drink this mixture. </li>
</ul>
<h5>  How It Works </h5>
<p>  Acetic Acid in Apple Acetic Acid Which Helps Reduce Acidity (<a href= 8 ). Buttermilk
      Ingredients: [1 9659032] Cup of buttermilk
    What to do?
    • When you complain of indigestion, drink a glass of buttermilk.
    • If you like, there will be a little roasted cumin
    How to use it?

    Buttermilk contains a lot of lactic acid that helps reduce stomach acids to alleviate the problem of dyspepsia 9

    8. Celery

    Ingredients:
    • What should you do half tea a spoon of celery

    Always when you feel unspoiled, chew seeds of celery

    How does it work?

    Antispasmodic in celery And have constructive properties that help reduce the gas problem caused by poor digestion 10 )

    9. Milk

      Milk

    Shutterstock

    Where to feel inflamed, drink a glass of milk without fat
    • Milk helps reduce acidity in the stomach, so it neutralizes stomach acids and relieves the problem of digestion

      10. Essential oil

      Ingredients: [1 9659032] One essential oil of a drop of lemon
    • What to make a glass of water
    In a glass of water add a drop of essential oil of lemon and mix well. Drink half an hour before you eat.
  • You can drink it twice a day in the day.
  • How useful is this?

    Lemon Essential Oil Contains Carmin and Alkaline Properties That Induced by Gastric Acid Induction Keeping In addition, the antibacterial and detoxifying properties present in it help cleanse your digestive system 11 )

    11. Honey

    Ingredients: [1 9659032] Teaspoon Organic Honey
  • Glass of water (optional)
  • What to do?
    • Mix one teaspoon of honey thoroughly in a glass of water.
    • This water Drink an hour before meals every day.
    • In addition, you can take a spoon of honey without water.
    How does this work?

    Honey has many properties, 12 ). Minerals such as potassium contained in it reduce the acidity of the stomach and help alleviate the problem of digestion. Oatmeal

    Ingredients:
    • What is a cooked oatmeal bowl
    What to do?

    Eat oatmeal in the bowel of complaining of indigestion.

    How is oatmeal used? This helps to maintain your stomach properly and protects you from malnutrition ( 9 )

    13. Coconut oil

    Composition:
    • What should be 1-2 tablespoons of coconut oil?
      • If you have trouble digesting, drink two teaspoons of coconut oil daily.
      How to use it? [1 9659039] Coconut oil contains boric acid and conic acid that helps digestion of the digestive system ( 10 )). In addition, coconut oil is easily digested.

      14. Aloe Vera ” width=”700″ height=”450″ />

      Shutterstock

    Ingredients:
    What to do?

    If you get indigestion, you drink one-fourth aloe vera juice.

    Aloe Vera is effective for the treatment of indigestion. Aloe Vera juice contains vitamins, minerals and amino acids that can help your body get detox and increase digestion. There are also anti-inflammatory properties that help to reduce any kind of swelling of your body.

    15. Soda water

    Material:

    Continue to drink soda water throughout the day. Unless you get relief from digestion, continue to drink it.

    How It Works [1 9659039] Soda water contains a lot of carbon dioxide. Antacid effects in it help to alleviate the problem of dyspepsia 11 )

    What to eat in digestion – Food for the digestion of hindi

    Proper food is also important. Include the following items in catering. If you have a problem with dyspepsia, you can consume green vegetables such as beans and broccoli because it contains less fat and sugar content
    Porridge – Use otmeal because it contains plenty of fiber, which helps keep the stomach clean.
    Banana – Problem of The One Who Eats Bananas. Bananas have a prophetic properties that help to alleviate the problem ( 12 ).
    Yogurt – You can use yogurt to eliminate digestion.
    Melon or watermelon – You can also drink melons or watermelon because it is easily digestible.
    White part of the egg – During the white part of the egg can be useful.

    In this part of the article we give some tips that will not lead to indigestion.

    Some other ways to avoid digestion – Other tips on indigestion

    You can take measures to eliminate the indigestion described above, but you can save yourself from the digestive problem, given some things. Here are some of these tips for avoiding digestion:

    . ] In this article we tried to tell you ways to overcome many types of indigestion. If you are concerned about this problem and you are looking for digestive solutions, then this article will definitely work for you. I hope that home-made digestive drugs in this article will help you reduce the problem. In the comments box below, tell us which of these measures you are taking for digestion. Besides, if you know any other indigestion treatment, definitely share it with us.

    The best 15 eye lines in India – the best ophthalmic teeth of Hindi

    And not the eye line, it can not be. The eye line is very important for shaping the eyes. The right quality and precise eye line create the beauty of your eyes. Today in many ways in the market

  • Here you can find all the information you need to search for
  • . शहद और नींबू
    कैसे है लाभदायक:

    मुक्त गर्नुहोस् के लिए अपने के बारे में सकते हैं. ये दोनों ही प्राकृतिक पदार्थ हैं, जिनका इस्तेमाल लंबे समय शरीर की विभिन्न परेशानियों के लिए किया जाता रहा है. नींबू एक सिट्रस फल है, जो विटामिन-सी समृद्ध होता है. नींबू का रस शरीर से अतिरिक्त चर्बी हटाने का काम करता है. शहद में प्राकृतिक मिठास होती है, जो बिना कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाए वजन को कम करने में मदद कर सकता है ( 3 ) ( 4 ). [19659017] कैसे करें इस्तेमाल: [19659018] रोजाना एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़े और एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं.

  • 3. सौंफ

    कैसे है लाभदायक:

    अतिरिक्त वजन घटाने के लिए आप सौंफ का उपयोग कर सकते हैं. सौंफ फाइबर युक्त होती है, जो भूख को नियंत्रित कर वजन घटाने में सहयोग करती है. इसके अलावा सौंफ एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होती है और शरीर को फ्री रेडिकल्स से दूर रखती है. नीचे जानिए किस प्रकार करें सौंफ का सेवन ( 5 ). [19659017] कैसे करें इस्तेमाल: [19659016] एक गिलास पानी में दो चम्मच सौंफ डालकर रात भर के लिए छोड़ दें और सुबह उठकर खाली पेट पिएं. [19659031] इसके अलावा, एक कम पानी में आधा चम्मच सौंफ उबालें और छान कर धीरे-धीरे पीन के लिए

    4. ग्रीन टी

     Green tea

    Shutterstock

    कैसे है लाभदायक:

    मुक्त गर्नुहोस् करें उपयोगकर्ता का प्रकार विज्ञापन सकते हैं. ग्रीन टी वजन कम करने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित करने का काम करती है. ग्रीन टी कैटेचिन और कैफीन से समृद्ध होती है, जो मोटापा कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ( 6 ). [19659017] कैसे करें इस्तेमाल: [19659018] एक कप गर्म पानी में एक चम्मच ग्रीन टी मिलाएं.

  • इसे पांच से सात मिनट तक उबालें.
  • अंग्रेजी है में आधा चम्मच शहद मिलाकर धीरे-धीरे पिएं. टमाटर
    कैसे है लाभदायक:

    टमाटर एमिनो एसिड से समृद्ध होता है. एमिनो एसिड शरीर से अतिरिक्त फैट को हटाने का काम करता है. इसके अलावा, टेली में कम कैलोरी होती है, जो शब्दी के वजन को नियंत्रित करती है. अतिरिक्त फैट को हटाने के लिए आप अपने आहार में टमाटर को शामिल कर सकते हैं ( 7 ) ( 8 ). [19659017] कैसे करें इस्तेमाल: [19659016] आप टमाटर को सीधे

    6. [6] [6] [6] [6] [6] [6] [6] [6] [6]. पत्ता गोभी

    कैसे है लाभदायक:

    पत्ता गर्नुहोस्, वजन घटाने के लिए आप पत्ता गोभी का सेवन भी कर सकते हैं. मोटापे के लिए आप पत्ता गोभी का सूप बनाकर भी पी सकते हैं ( 9 ). [19659017] कैसे करें इस्तेमाल: [19659018] एक मध्यम आकार की पत्ता गोभी, एक गाजर, दो-तीन लहसुन की कलियां व

  • क्या के लिए एक प्रोर्ट को बारीक काट लें. पानी में उबाल आने पर कटी सब्जियों को डालें और थोड़ी देर तक उबालें.
  • स्वाद के लिए एक चौथाई चम्मच काली मिर्च व स्वादानुसार नमक डालें.
  • सब्जियों के अच्छी तरह उबल जाने पर सूप को उतार लें.
  • अब गरमा-गरम सूप का आनंद लें.
  • 7. खीरा

    कैसे है लाभदायक:

    खीरा कई तरह से वजन घटाने में मदद करता है. यह कम कैलोरी युक्त होता है, जो फैट को बढ़ाने का काम नहीं करता है ( 7 ). खीरे में पानी की मात्रा अत्यधिक होती है और पानी शरीर के वजन को नियंत्रित करने का काम करता है.

    कैसे खाएं:

    आप खीरे को धोकर सीधे चबा-चबाकर खा सकते हैं या खीरे की सलाद बना सकते हैं. [19659012] 8. गाजर

     carrot

    Shutterstock

    कैसे है लाभदायक:

    मुक्त है. गाजर लो कैलोरी युक्त होती है, जो शरीर के वजन को नियंत्रित करने का काम करती है ( 7 ). वहीं, गाजर में फाइबर की अधिकता होती है, जो मोटापे को कम करने में मदद करता है ( 10 ). इसके अलावा, गाजर पाचन स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम भी करती है.

    कैसे खाएं:

    आप गाजर को सीधे धोकर खा सकते हैं या इसकी सलाद बनाकर दोपहर और रात के भोजन के साथ ले सकते हैं.

    9. लौकी

    कैसे है लाभदायक:

    शीर्ष में प्रदर्शन करें के लिए आप लौकी का जूस पी सकते हैं. लौकी विटामिन-ए, विटामिन-सी और आयरन समृद्ध होती है ( 11 ). लौकी में हाई फाइबर भी पाया जाता है, जिसे वजन घटाने के सबसे कारगर तत्व के रूप में जाना जाता है ( 12 ). [19659012] नीचे जानिए कैस बनाएं लौकी का जूस –

    कैसे करें इस्तेमाल:

    नोट – लौकी का जूस पीने से अगर उल्टी या दस्त होने लगे, तो तुरंत इसका से न बंद कर दें.

    10. करी पत्ता

    कैसे है लाभदायक:

    में के लिए सकते हैं. करी पत्ता कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है ( 13 ). इसके अलावा, करी पत्ता भोजन पचाने में भी सहायता करता है. बढ़ते वजन पर नियंत्रण लगाने के लिए आप इसका सेवन कर सकते हैं.

    कैसे करें इस्तेमाल:

    11. करेला

     bitter gourd

    Shutterstock

    कैसे है लाभदायक:

    करेला विटामिन-बी 1, बी 2, बी 3, विटामिन-सी, मैग्नीशियम, फोलेट, फास्फोरस, मैंगनीज और हाई फाइबर से समृद्ध होता है, जो शरीर को कई रूपों में फायदा पहुंचाने का काम करता है ( 14 ). वजन घटाने के लिए आप करेले का सेवन शुरू कर सकते हैं. यह शरीर से अतिरिक्त चर्बी हटाने के साथ-साथ पाचन स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का काम करता है.

    कैसे करें इस्तेमाल:

    दालचीनी

    कैसे है लाभदायक:

    दालचीनी को चुनिंदा खास मसालों में गिना जाता है, जो शब्दक को विभिन्न रूपों में फायदा पहुंचाती है. मोटापा घटाने के तरीके के रूप में आप इसे प्रयोग में ला सकते हैं ( 15 ). [19659017] कैसे करें इस्तेमाल: [19659018] एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर व आधे नींबू का रस मिलाएं.

  • 13.

    This is the first time that you have a chance to make a movie. अदरक

    कैसे है लाभदायक:

    मुक्त करने के आयुर्वेदिक उपाय के रूप में आप अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं. अदरक में एक फेनोलिक मार्ग गर्नुहोस्, जिसे जिंजरोल कहते हैं. Make sure you do not have to worry about it, you can use it to get the most out of your life. यह ग्लूकोज और इंसुलिन के स्तर को भी कम कर सकता है ( 16 ). [19659017] कैसे करें इस्तेमाल: [19659018] एक पैन में एक गिलास पानी और आधा चम्मच अदरक कूट कर डालें. [19659005] पानी को अच्छी तरह खौलाएं और हल्का ठंडा होने पर धीरे-धीरे पीन के लिए

  • आप अदरक की जाकर भी पी सकते हैं
  • त्रिफला

     Triphala

    Shutterstock

    कैसे है लाभदायक:

    मोटापा कम करने के घरेलू उपाय के रूप में आप त्रिफला चूर्ण का सहारा ले सकते हैं. त्रिफला वजन घटाने की एक कारगर पॉलीहर्बल आयुर्वेदिक दवा है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा है. त्रिफला शरीर के अतिरिक्त वजन के खिलाफ थेराप्यूटिक एजेंट के रूप में काम करता है ( 17 ). इसके अलावा, यह पाचन स्वास्थ्य पर भी प्रभावी रूप से काम करता है. मोटापे का इलाज करने के लिए आप इसे प्रयोग में ला सकते हैं.

    कैसे करें इस्तेमाल:

    एक गिलास गुनगुने पानी में एक बड़ा चम्मच त्रिफला चूर्ण मिलाएं और रोज सुबह खाली पेट व रात को सोने से पहले पिएं. [19659031] मोटापा घटाने के घरेलू उपाय के बाद आगे जानिए, शरीर के अतिरिक्त फैट को कम करने के कुछ अन्य टिप्स.

    मोटापा कम करने के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips for Obesity in Hindi

    You are welcome to join us and you will have the opportunity to join us and join us in the next few weeks. आप कल से ही इन उपायों का पालन करना शुरू करें. लेख में बताए गए सभी उपाय प्राकृतिक हैं और बहुत ही कारगर. इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप किसी गर्नुहोस्, आशा है कि आपको यह लेख पसंद आएगा. मोटापे के घरेलू उपाय से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप हमसे नीचे दिए कमेंट बॉक्स में सवाल पूछ सकते हैं.

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    घुटनों में दर्द के लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार – Knee Pain Symptoms and Home Remedies in Hindi

    घुटनों में दर्द के लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार – Knee Pain Symptoms and Home Remedies in Hindi


    Sometimes it happens that on the move, as you rise or sit down the stairs, you will be hurt in our knee. Especially, players have to fight more than knee injury. However, knee injury is not a serious subject, but sometimes the injury is so deep that it requires medication. At the same time, some people suffer from knee pain due to arthritis. To avoid this, the better remedy for knee pain should be better at home. If you are looking for some similar home remedies, they will all be found in this Stikrage article.

    First of all, what is the main cause of knee pain?

    Knee Pain Causes – Knee Pain Causes

    Knee pain may last for a while or for a long time. This pain can be due to a physical problem or illness. Here are some of the reasons we are talking about here:

    • Tendinitis: It affects the back of the knee. This causes severe knee pain and it is difficult to climb up and down the stairs.
    • Gadget: This is a type of arthritis. The problem is when the uric acid content is high in the body. Also knee pain.
    • Osteoarthritis: There is pain in the knee and joint pain in this condition. In addition, a knee swelling occurs, which is why the sufferer suffers a lot.
    • Baker's Silos: A synovial fluid is formed in the knee joint to prevent friction of the joints together. When this fluid begins to rise in surplus then it begins to collect at the back of the knee, causing swelling of the knee and the victim feels uncomfortable.
    • Bursit: This problem is due to swelling of the bursa. The reason is Bursa is a sac filled with fluid under the skin and over the joints. This bag acts as a pill for the bones
    • Rheumatoid arthritis: This problem occurs when the autoimmune system is damaged in the body. He has to face joint pain and swelling.
    • Disorder: Pain caused by shaking or crushing from the point of your joint is painful.
    • Meniscus: [1 9459008] One or more cartilage interrupts the joint due to rupture of rigid and flexible tissues in the joints.
    • Demonstration of tendons: The knee and joints are painful due to their breakdown. The ligament is a type of flexible tissue that retains the joints in pairs.
    • Bone tumor: Grows around the knee.

    Know that in this important part of the article knee pain How to Cure

    Home Remedies for Knee Pain (Joint Pain) – Home Remedies for Knee Pain in Hindi

    1.

    • Cup of hot water
    Use:
    • Pour apple vinegar in water Stir well
    • Apple cider vinegar
        Then drink this water. If possible, then drink it before eating </li>
</ul>
<ul>
<li>  You can mix apple vinegar in a small amount of coconut oil and place it in the affected area. </li>
</ul>
<h5>  How often: </h5>
<ul>
<li>  At least two Do it for sure. </li>
</ul>
<h5>  How useful: </h5>
<p>  Apple vinegar has acetic acid that acts as an anti-amphalamia. This property can reduce joint pains and swelling of the knee (<a href= 1 ). You can apply this method to treat knee pain. Turmeric
      Composition: [1 9659021] Turmeric Spoon
    • Cup of Coconut / Almond
    Directions for use:
    • First warm the milk.
    • Then add turmeric and mix it
    • Now you drink this milk when it gets warm.
    How often:
    • You can drink this milk twice a day.
    How useful:

    Turmeric is called a caracam The key element is found. It acts as an anti-inflammatory. Some scientific studies have found that use of turmeric may reduce joints and joint knee swelling ( 2 ) ( 3 ). Therefore knee pain can be treated with turmeric.

    3. Ginger

    <img class = "size-full wp-image-522263" src = "https://cdn2.stylecraze.com/wp-content/uploads/2019/04/Ginger-5.jpg" alt = " Ginger
    • Material:
      • One inch of ginger
      • One cup of water
      • Fair towel
      Directions for use:
      • Then put the towel in that water and squeeze it and hold it in the affected area
      • Now the affected part of the body with this cloth
      • You can also drink this water like tea
      Make it three times:
      • Can be done several times on e If you suffer from knee pain due to osteoarthritis, 4 ) Ginger is found in ginger, which acts as an anti-inflammatory, at the same time, it is also considered an analgesic or herbal remedy ( 5 ) You can use ginger for the treatment of knee pain.

        4. Red chili

        • Ingredients:
          • Three teaspoons of red hot
          • One cup of olive oil
          • One cup of beavax powder
          • Double boiler
          • olive oil.
          • Boil it in a double boiler and let it boil for about 10 minutes at a medium flame.
          • Now stirring continuously by adding sprouts.
          • Beavox completely dissolves and continue stirring until the mixture becomes soft Put the mixture in the refrigerator for about 10 minutes, then remove it and blow it again.
          • Now let it cool for 15 minutes again and blow it out again. Now cover it with a jar and put it in the fridge.
          • Now use it when you need it.
          How often:
          • You can put this paste on the affected area several times a day
          How useful:

          Capsicin is found in red hot peppers that can work to restore knee pain. Capsaicin has anti-inflammatory and analgesic properties that act naturally as an analgesic 6 ). Knee pain can be treated with red hot peppers.

          5. Seeds of fenugreek

            Shutterstock </p>
</div>
<h5>  Shutterstock </p>
</div>
<h5>  Ingredients: </h5>
<ul>
<li>  Two teaspoons of fenugreek seeds </li>
<li>  Cup of water </li>
</ul>
<h5>  Directions for use: </h5>
<ul>
<li>  one night. </li>
</ul>
<ul>
<li>  After filtering the water the next morning, drink it. </li>
</ul>
<ul>
<li>  You can grind fenugreek seeds with water and also make a paste. Then place this paste on the affected area. </li>
</ul>
<h5>  How often: </h5>
<ul>
<li>  You should use this paste once a day. </li>
</ul>
<h5>  How useful: </h5>
<p>  Anti-inflammatory and analgesic properties in fenugreek beans Are those who work as a penis killer. Can be used to reduce knee swelling (<a href= 7 ). Pain in the knee can be treated with the aid of the thistle-poppy seed

          6. Rock salt

          Ingredients: [1 9659021] One cup of salt
        • Water
        Directions for use:
        • The water is poured into the tub and the stone salt is mixed therein. You can also put a few drops of peppermint oil in it.
        • Now sit in this water for about 20-30 minutes.
        How often:
        • Can be done once a day.
        How useful:

        The rock salt contains magnesium and sulphate, which act as analgesics. Especially magnesium reduces inflammation. This is the reason why rock salt can be used when there are knee pains. This method is not only cheap but also easy ( 8 ). Knee pain can be treated with stone salt

        7. Lemon

        • Shutterstock

    Composition:
    • One lemon
    • One teaspoon of sesame oil
    Directions:
    • Mix the lemon juice and mix it with sesame oil. 19659025] Now put this mixture on your knees and leave it for 30-40 minutes.
    • You can also take advantage of drinking lemon juice.
    How often:
    • Three to four times the knee.
    How useful:

    Anti-inflammatory action in lemon Tree properties that can reduce swelling and knee pain 9 ) are revealed. Mustard oil

    Material: [1 9659021] Mustard oil (as required)
    Directions for use:
    • Massage with soft hands by placing mustard oil on your fingers.
    • Decrease the buds of garlic in the oil and grind it
    How often:
    • You can massage this oil several times a day.
    How useful:

    Gumy Knee Oil Apply relief from pain and swelling ( 10 ). If you want to treat knee pain at home, use mustard oil.

    9. Garlic

      Garlic

    Shutterstock

    Ingredients:
    • 50 grams of garlic
    • 25 grams of celery
    • 19659025] Now burn all these ingredients in oil and burn it.
    • When the oil cools down, put it in a glass bottle.
    • Now, when necessary, Massage knees.
    How often:
    • This oil can be massaged once or twice a day How useful: Ginger has anti-inflammatory properties that relieve inflammation and pain due to arthritis and rheumatoid arthritis. Many scientific studies have also confirmed that garlic can be used to treat knee pain in joint pain 11 ). If you are looking for a remedy for knee pain, use garlic.

      10. Olive oil

      Ingredients: [1] 19659021 Extra virgin olive oil (if necessary)
    Directions for use:
    • Apply as much oil as you want, massage it lightly with your hands.
    • Keep the oil in place so that it is absorbed into the skin itself.
    • If you do not like its viscosity, clear it in about 30 minutes.
    How often:
    • For this oil, you must not put four times.
    How useful

    There are many biological ingredients such as Polifenols such as Haidroksiterosol, Tayrosol, Oleokanthl and Oleyuropin. All these elements help to relieve knee pain as an anti-inflammatory ( 12 ). Therefore, the solution of knee pain and knee pain can be treated with olive oil

    11. Coconut oil

              • Coconut oil
              After massage, allow the oil to dry or clean after 30 minutes.
            How often:
            • Massage can be done two to three times a day. Useful:

              Anti-inflammation in coconut oil Ri and analgesic properties. This is the cause of the knee inflammation and the gradual reduction of pain ( 13 ). You can remove knee pain by coconut oil. It can also treat joint pain

              12. Essential oil

              Mint oil

              Ingredients:
              • Seven drops of mint oil
              • One teaspoon of coconut oil
              Directions for use:
              • Mix mint oil in coconut oil.
              How Much Common:
            How Much Common:
          How Much Used:
        Methal Oil Mint is mainly found in Methyl contains naturally anti-inflammatory properties. Therefore, peppermint oil can relieve pain and swelling of the knees ( 14 ). Instead of a painkiller for the knee, you can put mint oil.
        • One drop of coconut oil
        Method:
        • Mix the oil of incense and coconut oil with each other.
        • Then place this mixture in the knee that is in pain.
        How often:
        • Can be given several times a day.
        How useful:

        In incense oil Anti-inflammatory properties. In this sense, it may be effective in knee pain ( 15 ). Frankish oil works as a painkiller for the knee

        13. Leaves of Dandelion

          Shutterstock </p>
</div>
<h5>  Material: </h5>
<ul>
<li>  10-12 leaves of Dandelion </li>
<li>  One Glass of Water </li>
<li>  Small Honey </li>
</ul>
<h5>  Usage: </h5>
<ul>
<li>  ] Then put these leaves in the pot, boil for about five minutes. </li>
</ul>
<ul>
<li>  The water is cooled to cool. </li>
</ul>
<ul>
<li>  Then add honey in water. Drink immediately. </li>
</ul>
<h5>  How often: </h5>
<ul>
<li>  Dandelion leaves You can drink this water once or twice a day </li>
</ul>
<h5>  How useful: </h5>
<p>  These leaves are the main source of an anti-inflammatory agent. Drinking it by boiling will surely ease your knee pain <a href= 16 ). Dandelion leaves are effective in the form of knee pain medications. It is also Ayurvedic treatment of knee pain.

        14. Hot and cold sticks

        Material:
        • Hot pack
        • Cool package
        Directions for use:
        • Put the first hot pack on the painful place and then keep the cold pack.
        • हर पैक को कम से कम पांच मिनट के लिए रखें.
        • ऐसा करीब तीन बार करें.
        कितनी बार करें:
        • यह प्रक्रिया आप दिन में कई बार कर सकते हैं, ताकि आपको जल्द आराम आए . [19659023] कैसे है फायदेमंद:

          हॉट और कोल्ड को एक के बाद एक प्रभावित जगह पर रखने से दर्द व सूजन से तुरंत आराम मिलता है. जहां कोल्ड पैक दर्द वाली जगह को सुन्न कर देता है, वहीं हॉट पैक घुटनों में रक्त के प्रवाह को बड़ा देता है ( 17 ). यह भी घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज है.

          विटामिन्स

          कैसे है फायदेमंद:

          अगर आप घुटनों के दर्द से परेशान हो चुके हैं, तो अपनी डाइट में विटामिन-डी और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें. इससे आपको दर्द से काफी हद तक राहत मिलेगा. विटामिन-डी से हे है है है है है है है, जाकि विटामिन-सी से शरीर में कोलेजन का निर्माण होता है. कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो घुटनों की नसों में पाया जाता है. दूध, पनीर, अंडे, सिट्रस फल, ब्रोकली व हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं ( 19 ) ( 20 ). [19659205] घरेलू उपचार के साथ-साथ कुछ अन्य टिप्स भी हैं, जो घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में आपके काम आ सकते हैं.

          घुटने के दर्द के लिए कुछ और उपाय – Other Tips for Knee Pain in Hindi

          1. एक्सरसाइज: नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं. ध्यान रहे कि एक्सरसाइज करने से पहले वॉर्मअप जरूर करें, वरना आपका दर्द कम होने की जगह बढ़ सकता है. साथ ही गलत एक्सरसाइज करने से भी दर्द बढ़ सकता है. इसलिए, बेहतर यही होगा कि आप किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही एक्सरसाइज करें. प्रतिदिन व्यायाम करने से घुटने के दर्द का उपाय किया जा सकता है.
          1. योग: प्रतिदिन योग करने से भी आपके घुटनों में हो रहा दर्द कम हो सकता है. तुम्बर, प्रयोग, सुरक्षित के लिए करने से आपको जरूर लाभ होगा. अगर आप इन योगासनों को पहली बार कर रहे हैं, तो किसी प्रशिक्षित योग गुरु की देखरेख में ही करें.
          1. मालिश: आप मालिश के लिए तिल का तेल या अरंडी का तेल ले सकते हैं. घुटने के दर्द का उपाय अरंडी के तेल से किया जा सकता है. मालिश करने से घुटनों में रक्त का संचार ठीक तरह से होने लगता है. इससे घुटनों में आई सूजन धीरे-धीरे कम होने लगती है और दर्द से भी आराम मिलता है.
          1. सही मुद्रा: गलत तरीके से उठने-बैठने या फिर चलने-फिरने से भी घुटनों में दर्द हो सकता है.
          1. More Info: This is a great place to go and find out how to get the most out of the world. इससे घुटनों व अन्य जोड़ों में दर्द शुरू हो सकता है.
          1. RICE का रखें ध्यान: घुटनों या जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को R- रेस्ट, I- आईस, C- कंप्रेशन व E- एलिवेशन का पालन करने की सलाह दी जाती है. पहले आप कुछ देर रेस्ट करें, ताकि घुटने को आराम मिल सके. फिर उस पर कुछ देर आईस रखें, ताकि दर्द व सूजन कम हो.
          1. एक्यूपंक्चर: यह चाइनीज पद्धति आपके लिए कारगर साबित हो सकती है. एक्यूपंक्चर: यह चाइनीज पद्धति आपके लिए कारगर साबित हो सकती है. एक्यूपंक्चर: यह चाइनीज पद्धति आपके लिए कारगर साबित हो सकती है. इसमें शरीर के कुछ निश्चित पॉइंट्स पर सुइयां चुभाई जाती हैं, जिससे दर्द से आराम मिलता है.
          1. क्या खाएं: घुटनों के दर्द या फिर गठिया रोग से परेशान लोगों के लिए कोई निश्चित डाइट चार्ट नहीं है. फिर भी कुछ के लिए के लिए के लिए के लिए करें है. इनके बारे में हम यहां बता रहे हैं (21):
            • मछलियां : साल्मन व टूना जैसी मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम कर सकता है। आप हफ्ते में दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।
            • सोयाबीन : इसमें फैट कम और फाइबर व प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। साथ ही यह ओमेगा-3 फैटी एसिड का प्रमुख स्रोत भी है।
            • एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून तेल : इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी की मात्रा अधिक होती है। साथ ही ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है।
            • डेयरी उत्पाद : हड्डियों के लिए विटामिन-डी जरूरी है और दूध, दही व पनीर इसके प्रमुख स्रोत हैं।
            • ग्रीन टी : इसके सेवन से भी घुटनों में हो रहे दर्द से राहत मिलती है। इसमें पॉलीफेनॉल्स व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन व दर्द से राहत दिलाते हैं।
            • नट्स : आम नियमित रूप से सीमित मात्रा में अखरोट, मूंगफली, पिस्ता व बादाम का सेवन कर सकते हैं। इनमें प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम व विटामिन-ई जैसे प्रमुख स्रोत होते हैं।
          1. क्या न खाएं : आप अधिक नमक, तली-भूनी व मिर्च-मसाले वाली चीजें, अधिक मीठा व सोडा आदि का सेवन न करें। साथ ही शराब व धूम्रपान से भी दूरी बनाए रखें।

          आइए, अब यह भी जान लेते हैं कि घुटनों में दर्द से बचने के लिए क्या करें।

          घुटनों में दर्द से बचाव – Prevention Tips for Knee Pain in Hindi

          1. संतुलित वजन : वजन जरूरत से ज्यादा होने पर मांसपेशियों व हड्डियों पर असर पड़ता है। इस कारण से भी घुटनों व अन्य जोड़ों में दर्द हो सकता है। इसलिए, अपने वजन को संतुलित रखें।
          1. पानी : दिनभर में कम से कम आठ-दस गिलास पानी जरूर पिएं। इससे शरीर में जमा विषैले जीवाणु जोड़ों पर इकट्ठा होने की जगह बाहर निकल जाएंगे।
          1. पौष्टिक आहार : पोषक तत्वों से युक्त आहार का सेवन करें, ताकि मांसपेशियों व हड्डियों को जरूरी कैल्शियम, विटामिन्स व प्रोटीन मिलते रहें।
          1. जूते व चप्पल : आप हमेशा आरामदायक जूते व चप्पल पहनें। इन्हें पहनकर आपको अहसास होना चाहिए कि आपके पैरों के नीचे कुशन हैं। इससे घुटनों के जोड़ों पर किसी तरह का अतिरिक्त जोर नहीं पड़ता है।
          1. एक्टिव रहें : पर्याप्त आराम के साथ-साथ काम करते रहना भी जरूरी है। शरीर के गतिशील रहने से हड्डियां व मांसपेशियां बेहतर तरीके से काम कर पाती हैं।

          घुटनों व जोड़ों का दर्द आपके जीवन की रुकावट नहीं बन सकता। इससे बचने के लिए आप न सिर्फ स्वस्थ दिनचर्या का पालन करें, बल्कि पौष्टिक आहार का भी सेवन करें। वहीं, अगर आपको किसी भी तरह की तकलीफ महसूस होती भी है, तो इस आर्टिकल में बताए गए उपचारों से उसे दूर कर सकते हैं। अगर समस्या गंभीर है, तो आप बिना देरी के अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें। हमें उम्मीद है कि इन घरेलू उपचारों से आपको जरूर फायदा होगा। आप अपने विचार व सुझाव नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।

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    मुल्तानी मिट्टी के फायदे और उपयोग – Fuller’s Earth (Multani Mitti) Benefits and Uses in Hindi

    मुल्तानी मिट्टी के फायदे और उपयोग – Fuller’s Earth (Multani Mitti) Benefits and Uses in Hindi


    When it comes to beautiful and shiny skin, then there can be no better home-made "multi-clay" home remedies. Almost everyone has put the multi-soil easily on the market. It is used not only in households, but also in the beauty salon. Even in many skin care products is included. You should be surprised to know that the benefits of multani soil are not only for the skin but also for hair and health.

    In this article we will give you information on the benefits of multani soil. Along with this, Multani will also show the way to soil. Now, without delay, recognize the benefits of multicomponent soils for skin, hair and health.

    What is the mullate soil? – What is Fuller Land (Multani Mitti)? ” width=”700″ height=”450″ />

    Shutterstock

    ] Before we say the benefits of multani soil, it's important to know what is the muddy soil. Multani's soil is called a full Hindi land. Multani clays are mostly forms of hydrated aluminum silicates that contain metal molecules such as magnesium, sodium and calcium. In this soil, besides Montmorillonite are included the main minerals such as attapulgite and paligorite ( 1 ). The Multani soil removes the dirt from the skin and releases it from all kinds of itching in the skin.

    The benefits of Multani clay are many, which will be discussed in more detail in this article. Advantages of Multani Mitti for Skin of Hindi

    Multani's Skin Benefits – Multani Mitti for Hindi Skin

    Another An d like to tell you how to find advantages of Multani Soil for Skin and Multani Soil .

    1. Benefits of Multani Soil for Glowing Skin

      Advantages of Multani Clay Skin

    Shutterstock

    Ingredients: [1 9659016] Teaspoon Multiana Clay
  • One Teaspoon of Tomato Juice
  • 19659017] One Four Spoon Turmeric powder
  • Towel
  • How to make and apply:
    Method of preparation and application:
    Method of preparation and application:
    When will you find? Once it can be applied.

    How useful is this?

    This Multani clay face pack is also honey that will give moisture to your skin. Moisturizes the skin. Also, the antibacterial properties present help to alleviate skin problems. He acts as a humanist, ie. locks the muzeer in your skin ( 2 ) ( 3 ). At the same time, there are anti-aging properties in grapes ( 4 ), which prevents the appearance of wrinkles on the skin ahead of time. In this case, this multicomponent facial packaging can be adequately resolved through the problem of dry skin.

    4. Advantages of Multani Soil Nail Acne

    Ingredients:
    Method of Making and Deposition:
    Where Do You Find?

    Find two to three times a week.

    How useful?

    oil have wedge-shaped acne due to skin. In such cases, it has the properties of absorbing skin oil in multicomponent soil and can have a significant effect on the nails. This causes your skin to get out of the dirt, as well as reduce the chances of acne again. At the same time, antiseptic, antioxidant, anti-inflammatory properties present in turmeric are useful for the skin ( 5 ). Haldi also alleviates many other skin problems besides acne ( 6 ). Advantages of Soil Multani Skin Exfoliating

      Soil Benefits Multani Skin Exfoliating

    Shutterstock

    Ingredients:
    Where Do You Find?

    Use two to three times a week.

    How useful?

    Multani Mud is famous for its excellent Aksfoliatting properties. Removes the dead cells of your skin very soft and opens the hair follicles. This can be avoided by skin acne.

    6. Advantages of Multani soil for stains

    Ingredients:
    Method of shaping and application:
    Method of shaping and application:
    • Use this powder instead of soap to combine all the ingredients to prepare dust.
    • Make a light massage with this scrub on your face and l and then wash it with lukewarm water
    You can apply it every day or every day

    How useful?] Multani clay can be used as a cleanser, not only removes dirt from skin, but also promotes skin by exfoliating the skin, and the skin involved can get rid of the problem ( 8 ). At the same time turmeric is rich in antiseptic, antioxidant and anti-inflammatory properties. It can also alleviate acne and other skin problems ( 5 ) ( 6 )

    8. Benefits of clay Multani clay

    Ingredients: [1 9659016] Teaspoon multivan clay
  • One teaspoon of coconut water (the amount of content you can take as needed)
  • One spoon of sugar
  • When are you?

    ] For good results, Find twice a week.

    How useful?

    Multani soil and coconut water are both Taseer cool. Coconut water cools your body in the sun. At the same time, when you apply it on your skin, it also relaxes the skin. This face mask can relieve the skin from a burning sensation, rash or itching.

    9. Benefits of clay Multani for traces of burning

    Material:
    Wash your skin first and wash it with towels.
  • Then mix all the ingredients in the bowl and prepare the paste
  • Now place this mixture on the affected skin.
  • Let it dry for 15 minutes or a little while Evening towels Wipe with a cloth.
  • When do you find?

    You can apply it twice a day.

    How useful?

    Multani's soil has many healing properties that not only eliminate skin problems but also can reduce old burns. However, it is difficult to tell whether the brand completely disappears or not, but it can certainly be light.

    10. Advantages of Multani Soil for Blackheads or White Head

      Advantages of Multi-Clay for Blackhead or White Head

    Shutterstock

    Ingredients: [1 9659016] Two To Four Almonds
  • Multi-Clay Teaspoon
  • a spoon of rose water (Make the material you need)
  • How to make and apply:
    When to use?

    Use two to three times a week.

    How useful?

    Multani clay works like scrubbing and helps get rid of blackheads and white heads. Cleans and cleanses the skin. For this reason, it cleanses it by removing deeply the dirt and contamination of the skin.

  • Multani clay, honey
  • Multani clay, honey
  • Polyphenol cellulose
  • Ingredients: [1 9659016] clean your face and leave this paste and leave it.
  • Wash face with water when this package is dried properly. When will you find?

    Receive white skin and dill sector Find two to three times mask of Multani mud for months.

    How useful?

    Multani Mud eliminates all the impurities to clean your skin deeply and brings a shine to the skin color. At the same time, the back of the papa help make your skin shiny and keep it healthy. He works as an analyst. It has skin bleaching properties and anti-aging properties ( 9 ). In addition, it protects the skin from injuries caused by harmful sun rays ( 10 ). Honey is also used in this Multani soil face mask, which preserves skin moisture by hydrating the skin ( 3 ).

    Let's already know the benefits of multani soil for hair.

    Advantages of Multani clay for hair – Multani Mitti for hindi hair

    Skin In addition, the beauty and strength of hair are also very important. Decorate the beautiful beauty of your hair. At the same time, when hair begins to crack and lifeless, it becomes a cause of concern. So much soil can be useful. Below we are talking about the benefits of multi-clay hair.

    1. रूसी के लिए मुल्तानी मिट्टी के लाभ

     Benefits of Multani clay for Russian

    Shutterstock

    सामग्री:
    • चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी
    • छह चम्मच मेथी दाना
    • एक चम्मच नींबू का रस
    बनाने और लगाने की विधि:
    • मेथी दानों को रातभर पानी में भिगोकर रखें.
    • सुबह मेथी दानों को पीसकर पेस्ट बना लें और इस पेस्ट में मुल्तानी मिट्टी व नींबू का रस मिलाकर अच्छे से पैक बना लें.
    • अब इस पैक को अपने स्कैल्प पर लगाएं. ध्यान रहे कि यह पैक बालों की जड़ों से लेकर ऊपरी सिरे तक लगे.
    • इस पैक को लगाकर कम से कम आधे घंटे तक सूखने के लिए छोड़ दें.
    • पैक आपके कपड़ों पर न लगे, इसके लिए आप शॉवर कैप से
    • जब पैक सूख जाएस, तो हल्के शैम्पू and ठंडे या गुनगुने पानी से बालों को धो लें. कोशिश करें कि शैंपू सल्फेट फ्री हो.
    • इसके बाद कंडीशनर लगाकर बालों को धो लें.
    कब लगाएं?

    आप हफ्ते में एक बार इस पैक का उपयोग कर सकते हैं.

    कैसे फायदेमंद है? [19659172] These are the only ones that make the most of your outstanding appraisal. जब इन्हें मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाया जाता है, तो ये आपके स्कैल्प की सभी अशुद्धियों निकाल देते हैं. वहीं, नींबू का रस आपके हेयर फॉलिकल्स यानी बालों के रोम को मजबूत बनाता है और डैंड्रफ को को करने में मदद करता है ( 11 )

    2. दो मुंहे बालों के लिए मुल्तानी मिट्टी फेस पैक

     Multani Soil Face Pack for Two Mouth Hair

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    सामग्री:
    • चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी
    • तीन चम्मच जैतून का तेल
    • एक कप दही
    बनाने और लगाने की विधि:
    • रात को सोने से पहले जैतून के तेल से अपने बालों की मालिश करें.
    • सुबह दही और मुल्तानी मिट्टी को मिलाकर पैक बना लें और इस मिश्रण को अपने बालों में लगाएं. [19659161] इसे 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर बालों को ग नगुने पानी से धो लें.
    • फिर अगले दिन बालों को शैम्पू से धो लें.
    कब लगाएं?

    आप हफ्ते में एक बार इस पैक को लगाएं.

    कैसे फायदेमंद है?

    मुल्तानी मिट्टी तो बालों को फायदा पहुंचाती ही है, साथ ही इस पैक में उपयोग किया गया जैतून का तेल और दही बालों को कंडीशन करता है.

    3. You can also use the " ड्राई बालों के लिए मुल्तानी मिट्टी पैक

     Multani clay pack for dry hair

    Shutterstock

    सामग्री:
    • चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी
    • आधा कप दही
    • आधे नींबू का रस
    • दो चम्मच शहद
    बनाने और लगाने की विधि:
    • एक कटोरी में सभी सामग्रियों को डालकर मिक्स करें और पेस्ट तैयार कर लें.
    • अब इस पैक को अपने स्कैल्प, बालों की जड़ों और सिरे पर लगाएं.
    • इसे लगाकर शॉवर कैप पहने लें और 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें
    • इसक बाद हल्के शैम्पू से बालों को लों और कंडीशनर लगा लें. कोशिश करें कि शैंपू सल्फेट फ्री हो.
    कब लगाएं?

    आप हफ्ते में एक से दो बार लगा सकते हैं.

    कैसे फायदेमंद है?

    अगर बालों को कंडीशनिंग करने की बात आए, तो दही अच्छी सामग्री है. वहीं, शहद आपके बालों की नमी को लॉक करता है and उसे बरकरार रखता है. इस हेयर पैक में मौजूद नींबू का रस विटामिन-सी के साथ-साथ आपके स्कैल्प को पोषण देता है, जो स्वस्थ बालों के विकास में मदद करता है. मुल्तानी मिट्टी का यह हेयर पैक बालों में चमक लाता है और उन्हें स्वस्थ बनाता है.

    आगे जानिए कि सेहत के लिए मुल्तानी मिट्टी किस प्रकार लाभकारी है.

    सेहत के लिए मुल्तानी मिट्टी के फायदे – Health Benefits Multani Mitti in Hindi

     Health Benefits Multani Mitti in Hindi

    Shutterstock

    आपको बता दें कि त्वचा और बालों के साथ-साथ सेत के लिए मुल्तानी मिट्टी फायदेमंद है. नीचे हम आपको सेहत के लिए मुल्तानी मिट्टी के लाभ बता रहे हैं.

    1. रक्त प्रवाह के लिए मुल्तानी मिट्टी के लाभ

    सामग्री:
    • दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी
    • एक चम्मच पानी
    • एक तौलिया
    बनाने और लगाने का तरीका:
    • एक कटोरी में सभी सामग्रियों को मिलाकर पेस्ट बना लें.
    • अब इस पेस्ट को अपने शरीर के किसी भी अंग पर लगाकर 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें.
    • जब पेस्ट सूख जाए, तो भीगे तौलिये से या वॉश क्लॉथ से पोंछ दें. [19659163] कब लगाएं

      आप हिन्दी हैं लगा सकते हैं [19459] 108]कैसे फायदेमंद है?

      मुल्तानी मिट्टी आपकी त्वचा को उत्तेजित करके रक्त के संचार को बेहतर बनाने में मदद करती है। जब आपके शरीर में सही ब्लड सर्कुलेशन होगा, तो आपका शरीर भी फिट महसूस करेगा और कई तरह की बीमारियों से आपका बचाव होगा।

      2. गर्मी से राहत दिलाए मुल्तानी मिट्टी

      Heat exhausted soil

      Shutterstock

      सामग्री :
      • तीन से चार चम्मच मुल्तानी मिट्टी
      • ठंडा पानी (आवश्यकतानुसार)
      बनाने और लगाने का तरीका :
      • एक कटोरी में मुल्तानी मिट्टी और पानी को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
      • अब इस पेस्ट को अपने शरीर पर लगाएं।
      • ध्यान रहे कि यह पेस्ट आप अपने सीने और गले पर न लगाएं, क्योंकि मुल्तानी मिट्टी ठंडी होती है और इससे सांस संबंध समस्याएं हो सकती हैं।
      • इस पेस्ट को 15 से 20 मिनट के लिए लगा रहने दें।
      • जब यह सूख जाए, तो आप इसे गुनगुने पानी से धो दें।
      कब लगाएं?

      हफ्ते में दो से तीन बार या जब भी शरीर में जलन की समस्या हो।

      कैसे फायदेमंद है?

      मुल्तानी मिट्टी में शरीर को ठंडा रखने के गुण मौजूद होते हैं। जब आपका शरीर गर्म होता है या आपके शरीर से गर्माहट निकलती है, तो यह आपके शरीर को ठंडा करता है। यह तब बहुत काम आता है, जब आप गर्म क्षेत्र में रहते हैं या आपको सनबर्न से तुरंत राहत चाहिए हो।

      3. मुल्तानी मिट्टी ठंडे या गर्म सेंक की तरह

      जोड़ों में या हड्डियों में दर्द हो, तो गर्म सेंक या पट्टी लेने की जरूरत होती है। वहीं, अगर कहीं कट लग जाए, चोट लग जाए या जल जाए, तो ठंडी पट्टी की जरूरत होती है। मुल्तानी मिट्टी ठंडे और गर्म दोनों तरह से सेंक लेने के काम आ सकती है। नीचे हम इसी विधि के बारे में आपको बता रहे हैं।

      मुल्तानी मिट्टी गर्म सेंक की तरह

      सामग्री :
      • दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी
      • एक चम्मच गुनगुना या गर्म पानी
      • एक तौलिया
      लेप बनाने और लगाने की विधि :
      • मुल्तानी मिट्टी और पानी को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
      • अब इस पेस्ट को दर्द वाली जगह पर लगाएं।
      • इसे 15 मिनट लगा रहने दें।
      • फिर गर्म पानी से भीगे तौलिया से पोंछ दें।
      कैसे द ्द में फायदेमंद?

      यह लेप आपको जोड़ों, हड्डियों और मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से आराम दिला सकता है।

      मुल्तानी मिट्टी का ठंडा लेप

      सामग्री :
      • दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी
      • ठंडा पानी (आवश्यकतानुसार)
      • एक तौलिया
      लेप बनाने और लगाने की विधि :
      • एक कटोरी में मुल्तानी मिट्टी और पानी को मिलाकर लेप बना लें।
      • अब इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं।
      • इसे 15 मिनट तक लगा रहने दें।
      • फिर गीले तौलिये या वॉश क्लॉथ या वाइप से पोंछ लें।
      कैसे दर्द में फायदेमंद?

      आप इसे कहीं चोट लगने पर, रैशेज पर, सनटैन या सनबर्न पर लगा सकते हैं। इसके अंदर ठंडक दिलाने के गुण हैं, जो आपको दर्द या जलन से राहत दिलाएंगे।

      4. मुल्तानी मिट्टी एंटीसेप्टिक की तरह

      Multani soil like antiseptic

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      मुल्तानी मिट्टी में बेहतरीन एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। यह गंदगी और संक्रमण को अवशोषित करता है और आपकी त्वचा को साफ व स्वस्थ महसूस कराता है। इसमें मौजूद यह गुण मुंहासों के उपचार में भी फायदेमंद है।

      नोट: ऊपर बताई गईं सामग्रियों की मात्रा आप अपनी जरूरत के अनुसार ले सकते हैं। साथ ही अगर इन सामग्रियों में से किसी से भी आपको एलर्जी होती है, तो उसे इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा, आप किसी भी मुल्तानी मिट्टी फेस पैक के उपयोग से पहले उसका पैच टेस्ट भी कर सकते हैं।

      मुल्तानी मिट्टी के उपयोग से जुड़ी कुछ जरूरी बातें – Tips to Use Multani Mitti in Hindi

      हालांकि, मुल्तानी मिट्टी के नुकसान कुछ खास नहीं हैं, लेकिन कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। नीचे हम इन्हीं कुछ बातों की जानकारी आपको दे रहे हैं।

      1. हमेशा अच्छे ब्रांड के मुल्तानी मिट्टी का चुनाव करें।
      1. मुल्तानी मिट्टी को गर्म जगह पर न रखें, बल्कि किसी एयर टाइट डिब्बे में रखें। आप मुल्तानी मिट्टी को फ्रिज में भी रख सकते हैं।
      1. मुल्तानी मिट्टी लगाते वक्त ध्यान रखें कि वो आपके मुंह में न जाए। मुल्तानी मिट्टी से किडनी स्टोन या पेट की परेशानी हो सकती है।
      1. रूखी त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी का उपयोग थोड़ा संभलकर करें, क्योंकि यह त्वचा को और रूखा बना देती है। रूखी त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी उपयोग करने का आसान तरीका यह है कि आप उसमें बादाम का दूध मिला लें। ऐसा करने से त्वचा रूखी नहीं होगी।
      1. मुल्तानी मिट्टी ठंडी होती है, इसलिए ठंड के मौसम में या जब सर्दी-खांसी व बुखार हो, तो इसके उपयोग से बचें।
      1. मुल्तानी मिट्टी फेस पैक लगाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें, इससे त्वचा में नमी बरकरार रहेगी।

      हमें उम्मीद है कि मुल्तानी मिट्टी के फायदे जानने के बाद इसे उपयोग करने की आपकी दिलचस्पी बढ़ गई होगी। इसलिए, आप आज से ही मुल्तानी मिट्टी फेस पैक का इस्तेमाल करें और अपनी त्वचा, बाल व सेहत में फर्क देखें। अगर सही तरीके से मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाए, तो इसके नुकसान न के बराबर हैं। इसलिए, मुल्तानी मिट्टी के लाभ के लिए ऊपर दिए गए मुल्तानी मिट्टी फेस पैक का उपयोग कर अपने अनुभव हमारे साथ नीचे कमेंट बॉक्स में शेयर करें।

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