मांसपेशियों में दर्द के कारण और घरेलू उपाय – Muscle Pain Remedies in Hindi

मांसपेशियों में दर्द के कारण और घरेलू उपाय – Muscle Pain Remedies in Hindi


क्या आपको भी अचानक मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव जैसी परेशानी होती है? अगर हां, तो आप इसे अनदेखा न करें. एक तरह से इसके जरिए शरीर आपको संकेत देता है कि आपको काम के साथ-साथ अपना ध्यान रखना and आराम करना भी जरूरी है. This is a great place to stay, but it's a great place to stay, but it's a great place to stay. इसलिए, स्टाइक्रेज के इस लेख में हम मांसपेशियों में दर्द की आम, लेकिन गंभीर समस्या के बारे में न सिर्फ आपको जानकारी देंगे, बल्कि मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय भी बताएंगे.

मांसपेशियों में दर्द के उपाय तो हम आगे इस लेख में आपको बताएंगे ही, लेकिन उससे पहले आपके लिए मांसपेशियों में दर्द and खिंचाव के कारण जानना भी जरूरी है. इसलिए मांसपेशियों में दर्द का इलाज जानने से पहले वो कारण पता करते हैं, जिससे मांसपेशियों में दर्द होता है.

मांसपेशियों में दर्द के कारण – Causes of Muscle Pain in Hindi

  Causes of Muscle Pain Hindi

Shutterstock [19659006] Here you can find the most beautiful places in the world, with a great view of the surrounding countryside, with a great view of the surrounding countryside. नीचे हम मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव के कारण आपको बता रहे हैं.

  1. जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से व्यायाम व योग करने से.
  2. ज्यादा देर तक बाइक या गाड़ी में बैठकर सफर करने से, ज्यादा चलने से, ज्यादा देर तक खड़े रहने से या ज्यादा देर तक बैठने से मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द हो सकता है.
  3. किसी तरीके की बीमारी होने से जैसे – गठिया, सूजन या फिर हड्डी व मांसपेशियों से संबंधित परेशानी के ारण.
  4. खेलते, भागते या चलते वक्त गिर जाने से मांसपेशियों में चोट लग जाने से भी मांसपेशियों में दर्द या खिंचाव की समस्या हो सकती है. कभी-कभी पुरानी चोट के कारण भी ऐसा होता है.
  5. गलत तरीके से सोने से भी मांसपेशियों में तनाव आता है.
  6. मौसम में बदलाव के कारण भी ऐसा हो सकता है.

आगे हम मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय बता रहे हैं.

मांसपेशियों में दर्द के लिए घरेलू इलाज – Remedies for Muscle Pain in Hindi

कई बार लोग मांसपेशियों में दर्द का इलाज करने के चक्कर में कई तरह की दवाइयां लेने लगते हैं. इससे आगे चलकर कई तरह के नुकसान हो सकते हैं. इसलिए, नीचे हम आपको मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय बता रहे हैं, फाइल गर्न हैं, बल्कि इनके साइड इफेक्ट ने बराबर हैं.

1. मांसपेशियों में दर्द के लिए स्ट्रेच

  Stretch for muscular pain

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मांसपेशियों में दर्द के घरेलू उपाय की अगर बात करें, तो स्ट्रेचिंग अच्छा विकल्प हो सकता है. अगर आप जिम जाते हैं या व्यायाम करते हैं, तो उसके बाद स्ट्रेचिंग जरूर करें, क्योंकि कसरत करने मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं. इससे मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द की समस्या हो सकती है, इसलिए व्यायाम के पहले और तुरंत बाद स्ट्रेचिंग करें, ताकि आप मांसपेशियों में दर्द से बच सकें ( 1 ). [19659016] 2. मांसपेशियों में दर्द के लिए फोम रोल

  Foam rolls for muscular pain

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मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द से राहत पाने के लिए फोम रोल भी अच्छा उपाय है ( 2 ). फोम रोल बेलनाकार होता हैं और इससे अपनी मालिश खुद की जा सकती है. इससे मांसपेशियों की सूजन and दर्द की समस्या से आराम मिल सकता है. इससे दर्द की जगह पर का से कम 10 में 15 मालिश करें. ध्यान रहे कि आप किसी विशेषज्ञ से मालिश का तरीका पूछकर ही इसका उपयोग करें, ताकि आपको इससे फायदा हो. गलत तरीके से मालिश करने से आपको परेशानी भी हो सकती है.

3. मांसपेशियों में दर्द के लिए गर्म पानी से स्नान

  Hot water bath for muscular pain

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गर्म पानी भी मांसपेशियों में दर्द का इलाज करने में मददगार साबित हो सकता है. हड्डियों या मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव के दौरान कई बार आपने लोगों को कहते सुना होगा कि गर्म या गुनगुने पानी से नहा लेने से दर्द में आराम मिलता है. गर्म या गुनगुना पानी अकड़ी हुए मांसपेशियों और हड्डियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और मांसपेशियों में हो रहे खिंचाव से राहत दिलाता है ( 3 ) ( 4 ). आप गुनगुने पानी में एप्सम सॉल्ट या एसेंशियल ऑयल भी डाल सकते हैं, ताकि दर्द पर जल्दी असर हो. अगर के लिए करने के लिए करने के लिए करें के लिए प्रदर्शन के लिए सकते हैं. इससे भी फायदा हो सकता है.

4.

  Ice pack for muscular pain

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Get ready to take a look at the bottle of muscle pain ” width=”700″ height=”450″ />

Take a look at the bottle and try it out of the box. खासकर, व्यायाम करने के बाद आइस पैक का उपयोग ज्यादा फायदेमंद हो सकता है ( 5 ). इसका असर तब और ज्यादा होगा, जब इसके साथ-साथ सही दवा का भी सेवन किया जाए.

5.

  Warm Up Before Exercising For Muscular Pain

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Warm Up Before Exercising For Muscular Pain ” width=”700″ height=”450″ />

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Want Before Exercising For Muscular Pain ” width=”700″ height=”450″ />

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व्यायाम करने से पहले वॉर्म अप करना जरूरी है. जब आप वॉर्म अप नहीं करते हैं और जोरदार व्यायाम करना शुरू करते हैं, तो मांसपेशियों में दर्द की आशंका बढ़ने लगती है. इसलिए, एक्सरसाइज के पहले कुछ मिनट का वॉर्म अप फायदेमंद हो सकता है. 6 ).

6. मांसपेशियों में दर्द के लिए हीट पैड

 Heat pad for muscular pain

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जैसा कि हमने ऊपर आपको बताया कि गर्म पानी से नहाना मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द से राहत दिलाता है. वैसे ही, हीटिंग पैड या गर्म पानी की थैली से मांसपेशियों में होने वाले दर्द से काफी हद तक आराम मिल सकता है. गर्म पानी के सेक से न सिर्फ मांसपेशियों का दर्द, बल्कि कमर दर्द से भी राहत मिल सकती है, क्योंकि इससे शरीर में रक्त का प्रवाह काफी हद तक बेहतर हो सकता है ( 7 ).

7.

There are no translations available, please wait … हल्दी को हमेशा से ही उसके के लिए के कारण कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए उपयोग में लाया जाता रहा है. खासकर, अगर चोट लग जाए या सूजन की परेशानी हो, तो यह और उपयोगी होता है. बेसन में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कई अन्य गुण होते हैं, जो न सिर्फ बीमारियों को दूर करते हैं, बल्कि चोट, मांसपेशियों में दर्द व खिंचाव की समस्या से भी राहत दिला सकते हैं ( 8 ) ( 9 ). आप रात को सोने से पहले हल्दी-दूध का सेवन कर सकते हैं. इससे दर्द से राहत मिल सकती है.

8. Ginger for muscular pain ” width=”700″ height=”450″ />

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Click for more bots to download. आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि अदरक से मांसपेशियों के दर्द में भी राहत मिल सकती है. अदरक में एनाल्जेसिक यानी दर्दनाशक और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं. इस कारण मांसपेशियों में दर्द और सूजन की समस्या से काफी हद तक आराम मिल सकता है ( 10 )

9.

  Saffron for muscular pain

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Click here for more information about this product. कई सालों से केसर को औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. यह न सिर्फ कई बीमारियों से राहत दिलाने में मदद करता है, बल्कि इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव से भी राहत दिला सकते हैं ( 11 ). इसलिए, आप चाहें तो केसर वाले दूध का भी सेवन कर सकते हैं.

मांसपेशियों में दर्द के लिए कैमोमाइल

  Chamomile for muscular pain

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मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव से राहत पाने के लिए कैमोमाइल भी अच्छा उपाय हो सकता है. इंफ्लेमेटरी (sedative and antispasmodic, anti-inflammatory) गुण मौजूद हैं. 11 ). This is the place for you to go for a long weekend. आप कैमोमाइल चाय का सेवन कर सकते हैं

11.

  Shutterstock </p>
</div>
<p> This is a massive muscular pain ” width=”700″ height=”450″ /></a></p>
<p id= This is a great way to get rid of your muscles and make them look great. कई बार आपने लोगों को दर्द से आराम पाने के लिए मालिश का सहारा लेते हुए देखा होगा. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मालिश, क्योंकि गलत तरीके से मालिश करने पर दर्द बढ़ सकता है. इसलिए, मालिश किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही कराएं. मालिश का फायदा और ज्यादा हो सकता है, अगर इसे लैवेंडर व रोजमेी जैसे एसेशियल ऑयल से किया जाए ( 12 ) ( 13 )

 Relaxation for muscular pain

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Are you sure you want to know where you are going, so be sure to talk to your doctor or pharmacist. अगर आप सही इलाज और दवाइयों के साथ-साथ ठीक तरह से आराम करेंगे, तो होने की संभावना बढ़ जाती है ( 14 ). मसल पेन का इलाज सही तरीके से काम करे, उसके लिए आराम भी करना बहुत जरूरी है. इसलिए, अगर आप व्यायाम या अन्य कोई काम करते हैं, तो उससे कुछ वक्त के लिए छुट्टी लें और आराम करें

ये तो थे मांसपेशियों में द्वारा के घरेलू उपाय. लेख के आगे के भाग में हम मांसपेशियों में दर्द से राहत पाने के कुछ और सामान्य टिप्स भी बताएंगे.

मांसपेशियों में दर्द के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips for Muscle Pain in Hindi

मांसपेशियों में दर्द के लिए सिर्फ घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है. इसलिए, मसल पेन का इलाज के लिए नीचे बताए गए टिप्स का ध्यान रखें:

व्यायाम – मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव से बचने के लिए हल्के-फुल्के व्यायाम करना जरूरी है. ध्यान रहे कि आप जो भी एक्सरसाइज करें, वो विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें. ज्यादा भारी एक्सरसाइज न करें, बल्कि आपको जो सूट करे वही एक्सरसाइज करें और व्यायाम से पहले व बाद में वॉर्म-अप करना न भूलें.

योग – अगर बात करें योग कि, तो आजकल योग से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं. कई लोग व्यायाम से ज्यादा योग करना पसंद करते हैं. Be sure to check out all the good things you can do, and make sure you do not miss out on it, but do not forget that you have a lot to do with it. ध्यान रहे कि आप इसे विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करें.

सही खान-पान – कई बार पौष्टिक तत्वों की कमी भी मांसपेशियों में दर्द का कारण बन जाती है. इसलिए, अपने खाने-पीने का खास ध्यान रखें. अपनी डाइट में हरी-सब्जियों, फल व ड्राई फ्रूट्स को जरूर शामिल करें. साथ ही उन खाद्य पदार्थों का सेवन करें, जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हों.

दर्दनाशक दवा – कुछ मामलों में आप मांसपेशियों में दर्द से राहत पाने के लिए डॉक्टर की सलाह से दर्दनाशक दवाइयों का सेवन भी कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि इसे सीमित मात्रा में ही लें.

मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव की समस्या को हल्के में लेकर अनदेखा न करें, क्योंकि आगे चलकर यह समस्या गंभीर रूप ी ले सकती है. अगर दर्द पुराना हो और इन उपायों के बाद भी ठीक न हो रहा हो, तो इस बारे में डॉक्टर से जरूर बात करें. Make sure you do not have to worry about it. You are welcome to find out how to get the most out of your favorite home theater. साथ ही अपने अनुभव कमेंट बॉक्स में शेयर करें. अगर आपके पास भी मांसपेशियों में दर्द के उपाय हैं, तो उसे भी हमारे साथ कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें.

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पित्ताशय की पथरी के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Gallbladder Stone Symptoms and Home Remedies in Hindi

पित्ताशय की पथरी के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Gallbladder Stone Symptoms and Home Remedies in Hindi


Due to the lifestyle and lifestyle we have in today's era, we are the victims of many physical problems. The gallbladder stone is one of them. Especially women and the elderly have the greatest difficulty in bile spots. Not only stones in the bile, but also due to stones can have fatal diseases such as pain, swelling, infection and even cancer

In stones in the bile the stones can not be found until it is painful. This is done. The treatment of paternity stones is important over time, otherwise it can be fatal. At an early stage, some home remedies can be effective as well as medication. In this paper, we will tell you the effective tools for home stones. You are ready to get information related to calculus in the gall stones bag.

Before you know about the treatment of gallstones, we know what is "gallstones"? What is a stone in the gallbladder of Hindi

Gallstones in the gallbladder are like hardened crystalline balls due to the build-up of extra cholesterol or bile salts in the gallbladder. size to pellet to tennis ball 1 ) Gall stones of the gall bladder are also known as bladder

After learning about gall stones, we will now discuss the reasons for calculating the stones in the bileThe cause of the gallbladder stone in Hindu

gallstones are often painful, when the amount of cholesterol in the body is high and the lack of bile salt ( 2 ). Treatment of paternity stones in the right way can be easier to treat by taking a lifetime due to them. Therefore, for some of the reasons that we describe below ( 3 ):

  • More women than men are at risk of gall stones. Pregnant women or women taking contraceptive medications
  • Older people also have a risk of gallstones. The other member may then be at risk. In simple terms, this is also heritable due to overweight or obesity ( 1 ).
  • Those who consume more fatty foods or junk food Or do not take the right diet
  • Those who quickly lose weight or lose weight fast

In the later part of the article, Staphylococcus aureus

Symptoms of Gall Bladder Symptoms – Gall Bladder Symptoms of Hindu

Sometimes Symptoms of Finance Stones do not appear until many years. They are then discovered when sudden gastric pain starts. In addition, there are several symptoms that we describe below:

  • Abdominal pain ( 1 )
  • Remaining for hours of pain
  • Jaundice ([19459015
  • Feeling Hungry
  • Problems With Vomiting or Millenium Problems
  • Problems With Gums
  • Weakness

Knowing the symptoms of bile stones now need to learn the treatment of stones in the gall However, you would hear the only treatment for bile stones, but this is not the case, and home remedies for stones

Home Remedies for Gallstone Stones – Home Remedies for Gall Bladder Stones

Home Remedies for Gallstones

Home Remedies for Gallstones ” width=”700″ height=”450″ />

Shutterstock [19659028] Composition:

  • Lemon juice or juice according to spoon or need [196590029] How to use a cup of lukewarm drinking water
  • First drink lemon juice in a glass of water in the morning and drink it.
  • Drink as much lemonade as possible throughout the day.
How often?

At least three to four cups of lemon. Drink water.

How useful is it?

Lemonade vitamins E rich in Si ( 4 ) and can prevent problems in calculating vitamin C gallbladder 5 ) ( 6 ). Therefore, eat lemonade every day

2.

Ingredients:
  • The root of a large dry spoon
  • Half a teaspoon of honey
  • Then leave it for a while and then add honey to it.
  • Then filter and put it in a glass and drink it
How often should you eat? You can drink this tea twice a day

How useful?

The roots of dandelion not only improve digestion, but can also be used to treat patrons 7 ) () 8 ). For bile stones you can drink dandelion capsules in addition to tea ( 9 ). Attention: Those who have diabetes or any other health problem, so consult your doctor before taking this tea.

3.

  Composition: </h5>
<ul>
<li>  Half a glass of pear juice </li>
<li>  Half a cup of hot water [19659909] Two spoons of honey </li>
</ul>
<h5>  How to use? </h5>
<ul>
<li>  Mix pear juice and honey well in warm water. </li>
<li>  Drink juice hot. </li>
</ul>
<h5>  How often should you eat? </h5>
<p>  You can drink this juice three times a day </p>
<h5>  How useful is this? </h5>
<p>  Talk about effective home remedies for gallstones, then destroy Ati juice is very useful. Pectin contains peptin that reduces harmful cholesterol and can reduce the risk of gall stones <a href= 9 )

4. Beetroot Beet

Ingredients:
  • Beet
  • Water
How to use?
  • Cut the beets into small pieces and mix them in mixes with some water to make the juice.
How often should you eat?

Take it daily to get rid of gall stones pain.

How useful is this? It can be very useful in it also reduces cholesterol and keeps the liver healthy ( 10 ).
  Ingredients: [1 9659034] One or two apples [19659909] Chinese (if necessary) </li>
</ul>
<h5>  The apple is washed and then the apple is removed from the apple juice for gallstones cut off and remove the seeds. </li>
<li>  Then cook until soft. Make juice by adding juice to the juice maker. </li>
<li>  Filter again and remove it from the cup and consume sugar. </li>
</ul>
<h5>  Can you eat it once a day? </h5>
<p>  You can consume it twice a day. </p>
<h5>  How useful is this? </h5>
<p>  You must have heard that "N Apple A Day Keys the Doctor Away" In this sense, it can be said that the apple is very nutritious. If juice is consumed then stools can get stomach bile, because eating apple juice can cause soft gallstones and can easily be removed from the stools. However, it depends on the person and his body and health. It is possible to have an effect on everyone, not on anyone. However, there is still no solid evidence, but it can be consumed. You can also use apple juice with beets (<a href= 10 ) ( 11 )

6. Pipermint for bile stones

Ingredients:
  • Pipermint tea leaves [available]
  • How to use a glass of hot water
  • half a teaspoon of honey
?
  • Heat is then heated by filtering tea.
  • How often should I eat?

    This tea consumes you between two meals T.

    how useful?

    is a natural compound called Teripen in mint candies, which can be diluted with bile or soft stones ( 12 ) ( 13 ). This is a good treatment for gall stones ( 14 ). However, there is still a need for more solid evidence of this, but it can relieve some of the stones in the gallbladder.

    Note: Pipermint does not consume a lot of tea. Ask your doctor for the quantity you need to take.

    7. Gall Bladder Turmeric

      Gum Gum Turmeric

    Shutterstock

    Composition: [1 9659034] Half a teaspoon of turmeric
  • Half a spoonful of honey
  • How to use? Eat turmeric in honey and eat with honey and also get relief from gallstones
    How often do you have to eat?

    For a healthy gall bladder, eat at least once a day. ] Curcuma is not only used to prepare food, but also Edik medicine is usually used for. It is also known for antioxidant and anti-inflammatory properties. The risk of bile stones can be greatly reduced due to its intake, as turmeric can help increase bile solubility and prevent the development of bile stones ( 15 ). ] 8. Milk Thalasal for Gall Bladder

    Ingredients: [1 9659034] One Teaspoon of Thalasse Milk Seeds (market and available online)
  • Three Glasses of Water
  • Honey (Taste)
    • trail and boil them.
    • Then let it get wet in warm water for about 20 minutes.
    • Now filter this herbal tea and eat it. Take two to three cups of tea per day.

      How useful

      Milk is a herb. It has been used for liver and gallstones for many years. The main ingredient in this, silymarin contracts gallstones and can also help relieve any pain. It is also used in homeopathic medicines ( 16 ). Also, many other herbal problems such as jaundice and bronchitis can also be useful in this herb. You can also consume it by mixing it in milk or juice as a powder. If you do not like the taste, if you put it in the juice, then mix it in a salad.

      9. Cranberry juice for gallstones in the gallbladder

        Cranberry juice for gallstones in the gallbladder

      Shutterstock

      Ingredients:
      • Cranberry juice
      How to use? Drink. If you think this juice has become more acidic, add water to it.
    How often should you eat?

    To keep your body healthy, drink juice every day.

    This is a good solution for bile stones and gall bladder problems. Dietary fiber in cranberry juice reduces cholesterol levels in the body. In this way, cholesterol can also reduce the risk of stones in the bile. It promotes good cholesterol. It is estimated that this is due to the polyphenol compounds present therein ( 17 )

    10. Castor oil for gallstones

    Ingredients: [1 9659034] Castor castor oil
  • Pure towel
  • Plastic wrapper
  • How to use hot sauce
  • Castor oil slightly warm and soak small towel
  • ] Remove excess oil from the towel and place on the right side of the abdomen where the bile and liver are present
  • Wrap the plastic wrap around the stomach. It is then acquired for about 30 to 40 minutes
  • How often do you do this

    You can do this three times a week.

    How useful?

    Benefits of Castor Oil There are many. If you talk about stones in the bile, then taking a castor oil compress can be relieved by the pain in gall stones ( 18 ). The anti-inflammatory properties present in castor oil can alleviate pain ( 19 ). Coconut oil for gallstones

      Coconut oil for bile stones

    Shutterstock

    Ingredients:
    • Three teaspoons of coconut oil
    • A quarter cup of apple juice
    • [1 9659012] ginger
    • Gently heat the coconut oil and put all the ingredients in it and mix it well.
    • Then take this mixture
    How often should you eat?

    Can you consume it every day 9659041] How useful to you?

    If you suffer from a problem with gall stones, then this can be a good treatment for you. Coconut oil does not contain cholesterol and fat is needed to facilitate digestion. Cholesterol can not be prevented by its consumption and can be prevented from the problem with gall stones ( 20 ). You can also use coconut oil to prepare food.

    12. Green tea for gallbladder

    Composition:
    • Leaves of two teaspoons of green tea (or bag of green tea)
    • A cup of hot water
    • honey
    • Lemon
    How to use?
    • Soak the remaining green tea for five to ten minutes in boiling hot water.
    • Then filter and place it in a glass and mix lemons and honey in it.
    • Then warm up the hot intake.
    How often do you eat?

    You eat one to two glasses green T can take.

    How useful?

    about the properties of green tea, we already provide information in one article. Due to its antioxidant and anti-inflammatory properties, it is effective in many physical problems. हालांकि, इसका अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि ग्रीन टी के सेवन से पित्त की पथरी ठीक होती है या नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि ग्रीन टी के सेवन से पित्ताशय की पथरी का कोई जोखिम नहीं होता है ( 21 ).

    13. पित्ताशय की पथरी के लिए कॉफी

     Coffee for gallstones

    Shutterstock

    सामग्री:
    • एक कप गर्म कॉफी
    कैसे उपयोग करें?
    • आप इसे दूध के साथ पी सकते हैं या फिर ब्लैक कॉफी भी पी सकते हैं.
    कितनी बार सेवन करें?

    पित्ताशय की पथरी से बचाव के लिए रोज कम से कम एक या दो कप कॉफी पिएं.

    कैसे फायदेमंद है?

    शोध में यह बात सामने आई है कि दिन में एक कप कॉफी पीने से पित्ताशय की थैली के समस्याओं को कम किया जा सकता है. यह पित्त की पथरी को रोकने में मदद करता है. You can use the four-way controller to select the one that you want to use, and then use the four-way controller to start the 4-up call. वहीं, जो लोग चार से ज्यादा कप कॉफी पीत हैं, उनमें पित्त की पथरी का खतरा 45 प्रतिशत तक कम हो सकता है ( 22 ). अगर किसी को पित्ताशय की पथरी की समस्या है, तो कॉफी उसमें यह असरदार है या नहीं, इसका अभी तक कोई प्रमाण नहीं है.

    पित्ताशय की पथरी के लिए विटामिन सी

    विटामिन-सी न केवल आपके इम्यून सिस्टम और त्वचा के लिए फायदेमंद है, बल्कि पित्ताशय की पथरी को रोकने में भी प्रभावी है. विटामिन-सी की कमी से भी पित्त की पथरी की समस्या हो सकती है. ऐ ऐ े े े े ि ि ा ा ा ा ा ा ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै. आप विटामिन-सी की दवा ले सकते हैं, आप विटामिन-सी युक्त फल जैसे – अमरूद, कीवी, पपीता व आम सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा, आप होटल का सेवन कर सकते हैं. 23 ) ( 24 ).

    15. 15. पित्ताशय की पथरी के लिए मूली

    सामग्री:
    • एक मूली
    • पानी
    कैसे उपयोग करें?
    • मूली को छील कर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.
    • मूली के ताजे रस को बनाने के लिए थोड़े से पानी के साथ इसे मिलाएं.
    • फिर इसका सेवन करें.
    कितनी बार सेवन करें?

    बड़े पित्ताशय की पथरी के लिए दिन भर में पांच से छह बड़े चम्मच पिएं. छोटी पथरी के लिए पूरे दिन में एक या दो चम्मच रस का सेवन करें.

    कैसे फायदेमंद है?

    जरूरी नहीं कि मूली सभी को पसंद आए, क्योंकि कुछ लोगों को मूली पसंद नहीं होती. इसके बावजूद, यह पित्त की पथरी के लिए अच्छा घरेलू उपाय है. मूली, विशेष रूप से काली मूली, कोलेस्ट्रॉल पित्त की पथरी के उपचार में मदद कर सकती है ( 25 ). अगर आपको मूली का जूस नहीं पसंद, तो आप मूली को सलाद की तरह खा सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि आप इसका सेवन एक नियंत्रित मात्रा में ही करें

    पित्ताशय की पथरी के लिए इसबगोल (Psyllium)

     Gallbladder [19659182] Shutterstock [19659158] सामग्री: [19659159] एक चम्मच इसबगोल पाउडर [19659171] एक गिलास पानी [19659086] कैसे उपयोग करें? </h5>
<ul>
<li> एक गिलास पानी में एक चम्मच इसबगोल मिलाएं. </li>
<li> फिर इसका सेवन करें. </li>
</ul>
<h5> कितनी बार सेवन करें? </h5>
<p> हर रोज या हर दूसरे दिन रात को सोने से पहले इसका सेवन करें. </p>
<h5> कैसे फायदेमंद है? </h5>
<p> कई लोग कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इसबगोल का सेवन करते हैं. आपको बता दें कि यह हिन्दी के लिए ही नहीं, बल्कि पित्ताशय की पथरी के लिए भी असरकारी घरेलू उपचार है. इसबगोल फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, जो पित्त की पथरी के लिए बहुत लाभकारी हो सकता है. मोटापे से परेशान लोग, जिन्हें पित्त की पथरी की भी समस्या है, उनके लिए भी इसबगोल अच्छा घरेलू उपचार है (<a href= 26 ) ( 27 ). [19659193] पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार के साथ-साथ सही आहार भी जरूरी है. आगे हम बता रहे हैं कि पित्ताशय की पथरी में क्या खाना चाहिए।

    पित्ताशय की पथरी में आहार – Diet for Gallbladder Stone in Hindi

    पित्त की पथरी का इलाज तब और असरदार होता है, जब इस दौरान खान-पान का सही तरीके से ध्यान रखा जाए। लेख के इस भाग में जानिए कि पित्त की पथरी में किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

    • उन खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, जिनमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो, बल्कि उन खाद्य पदार्थों को चुनें, जिनमें फाइबर ज्यादा मात्रा में हो।
    • आप खाना बनाने के लिए ऑलिव ऑइल या केनोला ऑइल का उपयोग कर सकते हैं। ये आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकते हैं।
    • लो फैट डेयरी उत्पादों का सेवन करें।
    • खाने में ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करें। इससे कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा कम होगा और शरीर स्वस्थ रहेगा। आप लाल शिमला मिर्च भी अपने डाइट में शामिल करें, जिसमें विटामिन-सी होता है, जो पित्ताशय की पथरी की समस्या से राहत दिलाने के लिए जरूरी है।
    • अपने खाने में दाल जरूर लें जैसे – मूंग दाल व काली दाल आदि।

    हमेशा याद रखें कि पित्ताशय की पथरी में डाइट अहम है। साथ ही अगर आपको पित्त की पथरी की समस्या नहीं है, तो इसके खतरे से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियों का सेवन करें (28)।

    पित्ताशय की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए यह जानना भी जरूरी है। नीचे पढ़ें उन खाद्य पदार्थों के बारे में।

    पित्ताशय की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to avoid in Gallbladder Stone in Hindi

    • ज्यादा तले-भूने खाद्य पदार्थ या बाहरी खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
    • ज्यादा फैट या कोलेस्ट्रॉल वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
    • अंडे का या मांसाहारी खाने का सेवन न करें।
    • एसिडिक खाद्य पदार्थ जैसे टमाटर व संतरे का सेवन न करें।
    • ज्यादा मसाले वाले खाद्य पदार्थ ं के सेवन से बचे।
    • सब्जियां जैसे – फूलगोभी व शलजम से दूर रहें।
    • सोडा या शराब जैसे पेय पदार्थों का सेवन न करें।

    पित्ताशय की पथरी से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि वक्त रहते पित्त की पथरी के लक्षण पर ध्यान देकर उपचार करना जरूरी है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो ऊपर दिए गए पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार की मदद ले सकते हैं। साथ ही घरेलू उपचार को आजमाने के बाद आप अपने अनुभव भी नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। ध्यान रहे कि ऊपर दिए गए पित्त की पथरी के घरेलू उपाय पथरी के शुरुआती लक्षणों के लिए हैं। अगर समस्या ज्यादा हो, तो बिना देर करते हुए डॉक्टर से इलाज करवाएं। इसके अलावा, अगर इस लेख में बताई गई किसी भी सामग्री से आपको एलर्जी है, तो उसका उपयोग न करें और डॉक्टर से पूछ लें। साथ ही अगर आपके पास भी पित्त की पथरी के लिए असरकारी घरेलू उपचार से जुड़े कुछ सुझाव हैं, जो ऊपर नहीं दिए गए हैं, तो उसे भी हमारे साथ आप साझा कर सकते हैं। याद रखें पित्त की पथरी का इलाज संभव है।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    पित्ताशय की पथरी का दर्द कहां होता है ?

    पित्ताशय की थैली का दर्द पेट के ऊपरी या ऊपरी-दाएं हिस्से में होता है।

    पित्ताशय की थैली क्या करती है?

    पित्ताशय की थैली हमारे पाचन प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। यह नाशपाती के आकार की होती है, जो लिवर के पीछे होती है। यह लिवर द्वारा स्रावित कोलेस्ट्रॉल-युक्त पित्त को जमा करती है। पित्त का काम खाद्य पदार्थों से वसा को अवशाेषित करने में शरीर की मदद करना है (29)।

    क्या पित्ताशय की पथरी लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है?

    जब पित्त पथरी पित्त नलिकाओं में जमा होने लगती है, तो लिवर से पित्ताशय में पित्त का प्रवाह बाधित होता है। नतीजतन, लिवर में अधिक पित्त जमा होने लगता है और लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। यह सिरोसिस का कारण बन सकता है। यह ऐसी स्थिति होती है, जिसमें लिवर खराब हो जाता है (30)।

    पित्त की पथरी के ऑपरेशन के बाद पीठ दर्द से राहत कैसे पाएं?

    पित्ताशय की थैली की सर्जरी के बाद पीठ दर्द होना आम है। यह दर्द वक्त के साथ-साथ धीरे-धीरे कम होता है। आप इस दर्द को कम करने के लिए एक साधारण गर्म सेक का उपयोग कर सकते हैं। अगर दर्द कुछ हफ्तों के बाद भी कम नहीं होता है और बेचैनी पैदा करता है, तो बिना देर करते हुए अपने डॉक्टर से मिलें। यह ऑपरेशन के बाद होने वाली कुछ समस्याओं का संकेत हो सकता है।

    पित्त की थैली की पथरी यानी गाल ब्लैडर स्टोन का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट हैं?

    पित्ताशय की पथरी का इलाज कराने से पहले डॉक्टर पित्त की थैली की पथरी यानी गाल ब्लैडर स्टोन के लिए कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। इन टेस्ट के जरिए डॉक्टर को पता चलेगा कि आपके पित्ताशय की पथरी की क्या स्थिति है और पित्त की थैली में पथरी का इलाज किस प्रकार किया जाए। नीचे हम कुछ परीक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जो आमतौर पर डॉक्टरों द्वारा मरीज को लिखे जाते हैं :
    पेट का अल्ट्रासाउंड (Abdominal ultrasound) – इसमें आसानी से छोटी पित्त पथरी का पता लगाया जा सकता है।
    पेट का एक्स-रे (Abdominal X-ray) – ऐसी पित्त पथरी, जिसमें कैल्शियम जमा होता है, उसका पता लगाने के लिए यह टेस्ट बहुत ही लाभकारी है।
    पेट का सीटी स्कैन (Abdominal CT scan) – पित्ताशय की पथरी के कारण होने वाले ुकसान और संक्रमण का पता लगाने के लिए।
    एमआरआई स्कैन (MRI scan) – पित्त नलिकाओं में फंसे पत्थरों का पता लगाने के लिए यह टेस्ट कराया जा सकता है।
    एंडोस्कोपिक रेट्रोग्रेड कोलएंजियोपैन्क्रीआटोग्राफी (Endoscopic Retrograde Cholangiopancreatography – ERCP) – यह टेस्ट पित्त नलिकाओं में रुकावट पैदा करने वाले पत्थरों का पता लगाने के लिए होता है। इस टेस्ट के दौरान पित्ताशय की पथरी को हटाया भी जा सकता है।
    कोलेसिंटेग्राफी या गॉलब्लैडर रेडियोन्यूक्लाइड स्कैन (Cholescintigraphy or gallbladder radionuclide scan) – यह टेस्ट बंद नलिकाओं और सूजन का पता लगाने के लिए किया जाता है।

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    अनिद्रा के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Insomnia Symptoms and Home Remedies in Hindi

    अनिद्रा के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Insomnia Symptoms and Home Remedies in Hindi


    शीर्ष के लिए करने गर्नुहोस्, इस गर्नुहोस् के लिए है. साथ ही आप यह जानकर भी हैरान होंगे कि नींद न आने की समस्या मौत का कारण भी बन सकती है ( 1 ). जी हां, मानसिक दवाब या किसी अन्य कारण की वजह से अगर आपको लगातार सोने में दिक्कत हो रही है, तो ये लक्षण अनिद्रा के हो सकते हैं.

    आइए, इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि अनिद्रा के लक्षण, इसके कारण और इससे निजात पाने के सबसे सरल घरेलू उपाय क्या हैं. उससे पहले यह जान लेते हैं कि आखिर अनिद्रा क्या है?

    अनिद्रा क्या है – What is Insomnia in Hindi

    अनिद्रा जिसे अंग्रेजी में इंसोमनिया कहते हैं, नींद से जुड़ा एक प्रकार का विकार है. इससे ग्रसित इंसान को सोने में दिक्कत आती है या वो पूरी तरह से सो नहीं पाता. नतीजतन, उसे पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती है और वो थका महसूस करता है. अगर अनिद्रा ज्यादा दिनों तक हावी रह जाए, तो पीड़ित कई तरह की शारीरिक समस्याओं की चपेट में आ सकता है ( 2 ). [19659003] अनिद्रा के प्रकार – Types Insomnia in Hindi [19659006] अनिद्रा आपको दो प्रकारों से प्रभावित कर सकती है, एक एक्यूट इंसोमनिया और दूसरा क्रॉनिक इंसोमनिया ( 2 ).

    एक्यूट इंसोमनिया – अनिद्रा की यह स्थिति कुछ दिनों या कुछ हफ्तों तक आपको परेशान कर सकती है . यह अनिद्रा का आम प्रकार है, जो काम या पारिवारिक दवाब के कारण हो सकता है.

    क्रॉनिक इंसोमनिया – यह अनिद्रा की गंभीर अवस्था है, जो महीने भर से ज्यादा आपको परेशान कर सकती है. कई मामलों में अनिद्रा का यह प्रकार किसी अन्य शारीरिक बीमारी के दुष्प्रभाव के रूप में आ सकता है.

    अनिद्रा क्या है और इसके प्रकार जानने के बाद आगे जानते हैं अनिद्रा के कारण.

    अनिद्रा के कारण – Causes of Insomnia Hindi

    नींद नींद नाम के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें से प्रमुख कारणों के बारे में हम यहां बता रहे हैं ( 2 ): [19659012] अवसाद (Depression)

  • चिंता [19659013] तनाव [19659013] अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसे न्यूरोलॉजिकल रोग [19659013] गठिया और सिरदर्द
  • अस्थमा और ह्रदयाघात
  • सीने में जलन
  • स्ट्रोक
  • नींद से जुड़े विकार
  • रजोनिवृत्ति
  • किसी दवाई का दुष्प्रभाव
  • अनिद्रा के कारण के बाद चलिए अब जान लेते हैं अनिद्रा की पहचान कैसे करें.

    अनिद्रा के लक्षण – Symptoms of Insomnia in Hindi

    आपको नींद से जुड़ी समस्या है या नहीं इसकी पहचान करना बहुत ही जरूरी है. नीचे जानिए अनिद्रा के लक्षण ( 3 ). [19659012] सोने से पहले देर तक जागना [19659013] कुछ देर ही नींद आना [19659013] रात में देर तक जागना [19659013] महसूस होना कि आप बिल्कुल नहीं सोए

  • बहुत जल्दी जागना
  • अनिद्रा के कारण और लक्षण के बाद नीचे जानिए अनिद्रा रोग का उपचार कैसे करें.

    अनिद्रा के घरेलू उपचार – Home Remedies for Insomnia in Hindi

    1. केला

     1. केला

    Shutterstock

    सामग्री:
    • दो-तीन केले
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • अनिद्रा से निजात पाने के लिए आप रोजाना सोने से ठीक डेढ़ घंटे पहले दो से तीन केलों का सेवन कर सकते हैं
    कैसे है लाभदायक:

    अनिद्रा को दूर करने के लिए केला आपकी मदद कर सकता है. यह एक गुणकारी फल है, जो कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, यह स्वादिष्ट फल सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे पोषक तत्वों समृद्ध होता है, जो अच्छी नींद को बढ़ावा देने का काम करते हैं. केला मैग्नीशियम से भी समृद्ध होता है, जो मांसपेशियों को आराम देने के लिए जाना जाता है और पर्याप्त नींद लेने में आपकी मदद करेगा ( 4 ). [19659042] 2. कीवी

    सामग्री:
    • दो कीवी
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • बिस्तर पर जाने से एक घंटे पहले दो ताजे कीवी फल खाएं.
    कितनी बार करें:

    रोजाना सेवन कर

    कैसे है लाभदायक:

    कीवी एक खास फल है, जो एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है. एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क पर ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने का काम करता है, जो अनिद्रा का कारण बन सकता है. इसके अलावा, कुवी में सेरोटोनिन मौजूद होता है, जो दिमाग को शांत करने में मदद करता है ( 5 )

    3. शहद

    सामग्री:
    1. एक-दो बड़े चम्मच शहद
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • बिस्तर पर जाने से पहले शहद का सेवन करें.
    कितनी बार करें:

    यह प्रक्रिया

    कैसे है लाभदायक:

    शहद में ग्लूकोज की मात्रा कम होती है, जो ओरेक्सिन को बंद करने के लिए मस्तिष्क के साथ संचार करता है. करेक्सिन एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो सतर्कता (Alertness) में योगदान देता है ( 4 ). शहद नींद से जुड़ी परेशानियों से निजात दिलाने का काम करता है ( 5 ). एक आरामदायक नींद लेने के लिए आप रोजाना क्षेत्र गर्नुहोस् और के लिए का सेवन कर सकते हैं.

    4. दूध

     दूध

    Shutterstock

    सामग्री:
    • दूध
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • दूध को हल्का गर्म करें और रात में सोने से 10-15 मिनट पहले पिएं.
    कितनी बार करें: [19659041]

    कैसे है लाभदायक:

    दूध में ट्रिप्टोफैन नामक एमिनो एसिड होता है, जो अच्छी नींद को बढ़ावा देने का काम करता है. आरामदायक नींद लेने के लिए आप रोजाना बताए का सेवन करें ( 6 . सेब का सिरका

    सामग्री:
    • एक चम्मच सेब का सिरका
    • एक कप गर्म पानी
    • एक चम्मच शहद
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • एक कप गर्म पानी में सिरका और शहद मिलाएं और हल्का ठंडा करके पिएं.
    कितनी बार करें:

    रोजाना रात को सोने से पहले लें.

    कैसे है लाभदायक:

    इंसोमनिया का एक बड़ा कारण ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस है. वहीं, सेब का सिरका एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध है, जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करने का काम करता है. 7 ), ( 8 ).

    6. भाप

    अच्छी नींद लेने के लिए आप स्टीम बाथ का सहारा ले सकते हैं. कई हेल्थ क्लब और जिम में यह सुविधा उपलब्ध है. इससे शरीर की थकान दूर करने में मदद मिलती है ( 9) . जब आपका शरीर थकान मुक्त होता है, तो आपको अच्छी नींद आती है. ध्यान रहे कि स्टीम बाथ हेल्थ एक्सपर्ट की निगरानी में ही लें. गलत तरीके से स्टीम बाथ लेना जोखिम भरा हो सकता है.

    7. लैवेंडर का तेल

    सामग्री:
    • लैंवेंडर तेल की तीन-चार बूंदें
    • पांच-छह चम्मच पानी
    • एक इलेक्ट्रिक डिफ्यूजर
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • रात को सोने से कुछ देर पहले कमरे के किसी कोने में इलेक्ट्रिक डिफ्यूजर रखें.
    • डिफ्यूजर को ऑन करें और ऊपर खाली जगह को पानी से भर दें.
    • फिर ऊपर से लैंवेंडर तेल की तीन-चार बूंदें डालें.
    कैसे है लाभदायक:

    कोरिया में महिलाओं पर हुए अध्य न से पता चला है कि लैंवेंडर तेल से की गई एरोमाथेरेपी अनिद्रा को कम कर सकती है. इसके अलावा, एरोमाथेरेपी डिलीवरी के बाद महिलाओं में अच्छी नींद लाने में मददगार साबित हो सकती है. इनसोमनिया से पीड़ित मरीजों में नींद की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए लैंवेंडर के तेल का इस प्रकार से उपयोग किया जा सकता है ( 10 ).

    8. अरंडी का तेल

     अरंडी का तेल

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    सामग्री:
    • अरंडी के तेल की एक-दो बूंदें
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • अपनी पलकों पर तेल की बूंदें लगाएं और हल्के-हल्के हाथों से रगड़ें. ध्यान रहे कि तेल की बूंदें आंखों के अदंर न जाएं.
    कितनी बार करें:

    ऐसा हर रात सोने जाने से पहले कर सकते हैं.

    कैसे है लाभदायक:

    अनिद्रा की शिकायत दूर करने के लिए आप अरंडी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. नींद को बढ़ावा देने के लिए इस खास तेल का प्रयोग लंबे समय से किया जा रहा है ( 11 )

    9. नारियल का तेल

    सामग्री:
    • नारियल तेल (आवश्यकतानुसार)
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • नारियल तेल से पूरे शरीर की अच्छी तरह से मसाज करें. [19659038] कितनी बार करें: [19659041]

      कैसे है लाभदायक:

      शिक्षा है के लिए मेाज थेरेपी सबसे कारगर मानी जाती है. 12 ) मैं से बाद करने के लिए करने के लिए का करेगी ( 12 ).

      10. There are no translations available. कलौंजी

      सामग्री:
      • एक चम्मच कलौंजी का तेल
      • एक गिलास गुनगुना पानी
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • तेल का सेवन करें और तुरंत ऊपर से गुनगुना पानी पिएं.
      कितनी बार करें:

      अच्छे परिणामों के लिए रोजाना तीन से चार सप्ताह सोने से पहले यह उपाय करें.

      कैसे है लाभदायक:

      कलौंजी यानी काले जीरे का तेल मस्तिष्क में ट्रिप्टोफैन के स्तर को बढ़ाता है ( 13 ). 14 ). ट्रिप्टोफोन एक एमिनो एसिड है और एक अध्ययन के अनुसार ट्रिप्टोफैन नींद विकारों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है ( 14 ). इससे आप एक आरामदायक नींद का आनंद ले सकते हैं.

      11. फिश ऑयल

      सामग्री:
      • एक फिश ऑयल कैप्सूल
      कैसे है लाभदायक:
      • भोजन के साथ दिन में एक बार कैप्सूल लें.
      कितनी बार करें:

      अच्छे परिणामों के लिए रोजाना यह उपाय करें.

      कैसे है लाभदायक:

      फिश ऑयल ओमेगा -3 फैटी एसिड से समृद्ध होता है और एक अध्ययन के अनुसार ओमेगा फैटी एसिड नींद विकारों को ठीक करने का काम कर सकता है. अनिद्रा से जूझ रहे मरीज फिश ऑयल का सेवन कर सकते हैं ( 15 ), ( 16 )

      शीशम का तेल

      सामग्री:
      • शीशम तेल की कुछ बूंदें
      • पांच-छह चम्मच पानी
      • ऑयल डिफ्यूजर
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • रात में सोने से पहले कमरे में ऑयल डिफ्यूजर रखें.
      • डिफ्यूजर में पानी डालें और ऊपर से शीशम तेल की कुछ बूंदें डालें.
      कितनी बार करें:

      आवश्यकता पड़ने पर इस एरोमाथेरेपी का उपाय करें.

      कैसे है लाभदायक:

      शीशम तेल का इस्तेमाल एरोमाथेरेपी के लिए किया जाता ह . तेल की सुंगध अच्छी नींद को बढ़ावा देने का काम कर सकती है ( 17 )

      13. टार्ट चेरी का जूस

       टार्ट चेरी का जूस

      Shutterstock

      सामग्री:
      • 250ml टार्ट चेरी के रस [19659038] कैसे करें इस्तेमाल:
        • दिन में दो बार लगभग 250ml टार्ट चेरी का रस पिएं. [19659038] कितनी बार करें:

          See also:

          See also:

          See also: चेरी के रे में एंथोसायनिन (फ्लेवोनॉयड) और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों होते हैं. साथ ही इसमें मेलाटोनिन भी पाया जाता है, जो अच्छी नींद लेने में अहम भूमिका निभा सकता है. अध्ययन के अनुसार, नींद विकारों से ग्रसित मरीजों में चेरी का रस नींद का समय बढ़ा सकता है ( 18 )

          मेथी

          सामग्री:
          • एक चम्मच मेथी के बीज
          • एक गिलास पानी
          कैसे करें इस्तेमाल:
          • एक गिलास पानी में मेथी के बीजों को डालकर छोड़ दें.
          • सुबह पानी को छानकर पिएं .
          कितनी बार करें:

          अच्छे परिणाम के लिए कुछ हफ्तों तक यह उपाय रोजाना करें.

          कैसे है लाभदायक:

          मेथी के बीज खास एंटी डिप्रेसेंट गुणों से समृद्ध होते हैं , जो आपको अच्छी नींद लेने में मदद कर सकते हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, मेथी के बीजों में एक खास तत्व होता है, जो एंटी डिप्रेशन और एंटी एंजाइटी की तरह काम कर सकता है ( 19 ). अनिद्रा से ग्रसित मरीज मेथी के बीजों का इस्तेमाल पपर बनाएँ गए तरीके से कर सकते हैं.

          लहसुन

          सामग्री:
          • एक कप दूध
          • एक लहसुन की कली
          • एक चौथाई कप पानी
          कैसे करें इस्तेमाल:
          • लहसुन को मसल कर दूध में मिलाएं.
          • अब इसमें पानी डालें और तब तक उबालें, जब तक कि यह एक कप न रह जाए.
          • रात को सोने से कुछ मिनट पहले लहसुन दूध का सेवन करें.
          कितनी बार करें:

          कुछ हफ्तों तक इस उपाय

          कैसे है लाभदायक:

          अनिद्रा के उपाय के लिए आप लहसुन प्रयोग में ला स कते हैं. यह एक प्राकृतिक पदार्थ है, जो नींद न आने की शिकायत को दूर कर सकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, लहसुन अवसाद और चिंता से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है, जिससे नींद को बढ़ावा मिल सकता है ( 20 )

          जूजूबे

          सामग्री:
          • मुट्ठी भर जूजूबे (बेर)
          • दो-तीन कप पानी [19659038] कैसे करें इस्तेमाल:
            • बेरों को लगभग 10 मिनट तक उबालें. [19659013] पानी को ठंडा Take a look and feel the same way. बाकी बचे हुए काढ़े को फ्रिज में स्टोर कर लें.
            कितनी बार करें:

            एक या दो बार इस उपाय को करें.

            कैसे है लाभदायक:

            अनिद्रा के उपाय के लिए आप जूजूबे का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. नींद से जुड़े विकारों के इलाज के लिए प्राचीन चीनी हर्बल औषधि में जूजूबे का उपयोग लंबे समय से किया जा रहा है. यह नींद को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ है, जो हिप्पोकैम्पस (मस्तिष्क का एक भाग) को प्रभावित करता है और प्राकृतिक रूप से नींद लेने में सहायता करता है ( 21 ) ( 22

            17. कैमोमाइल

             कैमोमाइल

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            सामग्री:
            • एक कैमोमाइल टी बैग
            • एक कप गर्म पानी
            • नींबू के रस की कुछ बूंदें
            कैसे करें इस्तेमाल:
            • कुछ मिनट के लिए गर्म पानी में कैमोमाइल टी बैग को डालें.
            • स्वाद के लिए नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाएं और फिर इसे चाय की तरह पिएं.
            कितनी बार करें:

            एक कप कैमोमाइल चाय थकान को दूर कर नींद को बढ़ावा दे सकती

            कैस है लाभदायक:

            अनिद्रा के घरेलू र चार के रूप में आप कैमोमाइल की चाय का सेवन कर सकते हैं. यह हर्बल टी अनिद्रा की शिकायत को दूर करने के साथ-साथ को भी शांत करती है. इसके अलावा, यह चिंता और बुरे सपनों से भी छुटकारा देने में मदद करती है. नींद से जुड़े विकारों का इलाज करने के लिए आप इस खास चाय का सेवन कर सकते हैं ( 23 )

            ग्रीन टी

            सामग्री:
            • एक ग्रीन टी बैग
            • एक कप गर्म पानी
            • शहद (वैकल्पिक)
            कैसे करें इस्तेमाल:
            • ग्रीन टी बैग को एक कप गर्म पानी में कुछ मिनट के लिए डालें.
            • अब इसमें स्वाद के लिए शहद डालें और अच्छी तरह मिलाएं.
            • अब धीरे-धीरे चाय का आनंद लें.
            कितनी बार करें:

            बिस्तर पर जाने से पहले एक कप ग्रीन टी पिएं

            कैसे है लाभदायक:

            नींद आने की दवा के लिए आप ग्रीन का सेवन कर कते हैं. यह नींद न आने की समस्या से छुटकारा पाने का कारगर प्राकृतिक तरीका है. यह एक खास अमीनो एसिड एल-थिएनाइन से समृद्ध होता है, जो नींद को बढ़ाना देने का काम करता है ( 24 )

            19. जायफल (नटमेग)

            सामग्री :
            • चुटकी भर जायफल
            • एक गिलास गर्म दूध
            कैसे करें इस्तेमाल :

            रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में चुटकी भर जायफल चूर्ण मिलाकर पिएं।

            कितनी बार करें :

            बेहतर परिणाम के लिए कुछ हफ्तों तक रोजाना यह उपाय करें।

            कैसे है लाभदायक :

            नींद आने की दवा के रूप में आप जायफल चूर्ण को दूध में मिलाकर पी सकते हैं। यह एक प्राकृतिक औषधि है, जो आपकी अनिद्रा की समस्या को दूर करने काम करेगी (25)।

            20. केसर

            20. केसर

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            सामग्री :
            • सात-आठ केसर के रेशे
            • एक गिलास दूध
            कैसे करें इस्तेमाल :
            • एक गिलास दूध को केसर के साथ अच्छी तरह गर्म करें।
            • हल्का ठंडा होने पर केसर दूध का सेवन करें।
            कितनी बार करें :

            रोजाना बिस्तर पर जाने से पहले यह उपाय करें।

            कैसे है लाभदायक :

            अनिद्रा रोग का उपचार करने के लिए आप केसर का सेवन कर सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, केसर अवसाद और चिंता को दूर करने के साथ-साथ अनिद्रा से भी निजात दिला सकता है (26)। एक अन्य शोध के अनुसार, केसर का सेवन ‘नॉन रैपिड आई मूवमेंट स्लीप’ में सुधार कर सकता है (27)।

            21. जीरा 

            सामग्री :
            • एक केला
            • आधा चम्मच जीरा पाउडर
            कैसे करें इस्तेमाल :
            • सबसे पहले आधा चम्मच जीरा पाउडर के लिए पर्याप्त जीरे के बीजों को भून लें।
            • अब एक केला लेकर एक बाउल में उसे अच्छी तरह मैश कर लें।
            • फिर मैश किए हुए केले में जीरा पाउडर मिलाकर सेवन करें।
            कितनी बार करें :

            अच्छे परिणामों के लिए रोजाना सोने से एक-दो घंटे पहले यह उपाय करें।

            कैसे है लाभदायक :

            निद्रा के उपचार के लिए आप जीरे का सेवन कर सकते हैं। जीरा एक प्राकृतिक औषधि है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से नींद विकारों को दूर करने और रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है (28)। अनिद्रा से निजात पाने के लिए आप जीरे का इस्तेमाल बताए गए तरीके से कर सकते हैं।

            22. लेमन बाम 

            सामग्री :
            • एक या दो चम्मच सूखा लेमन बाम
            • एक कप गर्म पानी
            कैसे करें इस्तेमाल :
            • लेमन बाम की पत्तियों को गर्म पानी में पांच मिनट तक डुबो कर रखें।
            • अब चाय को एक कप में छान लें और धीरे-धीरे पिएं।
            कितनी बार करें :

            आप रोजाना इस चाय के दो से तीन कप पी सकते हैं।

            कैसे है लाभदायक :

            अनिद्रा के घरेलू उपचार के रूप में आप लेमन बाम की पत्तियों का उपयोग कर सकते हैं । एक अध्ययन के अनुसार, ये पत्तियां नींद से जुड़े विकारों को दूर करने का काम कर सकती हैं (29)।

            23. गर्म स्नान 

            नींद आने के घरेलू उपाय के तौर पर आप गर्म पानी (सहन करने योग्य) से स्नान भी कर सकते हैं। गर्म पानी शरीर की थकान को दूर कर आपको रिफ्रेश करेगा, जिससे आरामदायक नींद लेने में मदद मिल सकती है (30)।

            24. विटामिन 

            अनिद्रा के उपचार के लिए विटामिन की मदद ले सकते हैं। स्वस्थ नींद के लिए शरीर में विटामिन आवश्यक तत्व है। यहां विटामिन-बी आपकी मदद कर सकता है। विटामिन-बी अनिद्रा निवारक के रूप में काम करता है। खासकर, विटामिन-बी समूह का विटामिन-बी6 मानसिक तनाव और नींद की तकलीफों को दूर करने का काम करता है (31)।

            विटामिन-ए मस्तिष्क के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर जब नींद और याददाश्त की बात आती है (32)। मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए आप विटामिन-ए से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।

            तनाव को नींद न आने की सबसे बड़ी बाधाओं में गिना जाता है। इससे निजात पाने के लिए आप विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल कर सकते हैं, जैसे स्ट्रॉबेरी, टमाटर व संतरा आदि (31)।

            25. व्यायाम, योग और ध्यान

            25. व्यायाम, योग और ध्यान

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            अनिद्रा के उपचार के लिए आप व्यायाम, योग और ध्यान का सहारा ले सकते हैं। ये तीनों विभिन्न गतिविधियां मस्तिष्क समेत शरीर के सभी भागों को स्वस्थ रखने का काम करेंगी। खासकर, मन-मस्तिष्क की शांति के लिए आप व्यायाम, योग और ध्यान अवश्य करें (34), (35), (36)।

            नींद आने के घरेलू उपाय के बाद आइए नीचे जान लेते हैं इससे बचने के कुछ और टिप्स।

            अनिद्रा से बचाव – Prevention Tips for Insomnia in Hindi 

            आप अनिद्रा से राहत पाने के लिए इन सुझावों का भी पालन कर सकते हैं।

            • समय से सोने और उठने का प्रयास करें।
            • शराब और अन्य नशे के पदार्थों का सेवन न करें।
            • भारी, तले और मसालेदार भोजन न करें।
            • रोजाना सुबह पैदल चलने का प्रयास करें।
            • अपने कमरे को साफ और रिफ्रेश रखें, कमरे की गंदगी से आपका मूड खराब हो सकता है।
            • हफ्ते में दो-तीन दिन शरीर की पूरी मसाज कराएं।
            • खुश रहने का प्रयास करें

            नींद न आने की समस्या कभी भी और किसी को भी हो सकती है, जो आगे चलकर घातक परिणामों का कारण बन सकती है। इसलिए, जरूरी है कि आप जितना हो सके इस बीमारी के प्रति जागरूक रहें और इससे निजात पाने के लिए बताए गए घरेलू उपचारों का पालन करें। हो सकता है कि आपके परिवार का कोई सदस्य या आसपास कोई अन्य इस समस्या से पीड़ित हो, इसलिए इस जानकारी को अन्य लोगों के साथ भी साझा करें। आशा है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा। अपने सुझाव और सवालों के लिए आप हमसे नीचे कमेंट बॉक्स में संपर्क कर सकते हैं।

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    फिटकरी के 11 फायदे, उपयोग और नुकसान – Alum (Fitkari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

    फिटकरी के 11 फायदे, उपयोग और नुकसान – Alum (Fitkari) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi


    Many people use alum in the form of shaving lotions. It is an effective antiseptic that has been used for skin and health for centuries. It seems to be a sparkling stone, but has hidden many healing properties in it. You will now ask if it can be used to get rid of other body problems. So the answer is yes. Through this article, know how alum is useful for physical health and what are the ways to use it. Before that you know what is alum?

    What is alum? – What is alpine Hindi

    Altitude is a colorless chemical that is like a castle. Its chemical name is potassium aluminum sulphate. This is called a scholarship in English. The importance of this common substance is important in the medical field.

    Types of alum – Types of Hindu alum

    Making the right choice of alum may be a big issue for you. To make the right choice, you need to be aware of its different forms. Let us know about the different types of alum.

    1. Potassium alum: Potassium sphagnum is also known as potash alum and potassium alum sulfate. Used for a long time. This form of alum is believed to have been used to clean water contaminations around 1500 BC Neon Ammonium alum: Ammonium alum is a white crystalline solid. This type of alum is used in cosmetics and personal care products such as shaving lotion and hand-related products.
    1. Chrome Alam: Chromium Alum is also a kind of alum, known as chromium potassium sulphate. Also known by name. This is Potassium Chromium Sulphate (chemical element) used in the preparation of the skin.
    1. Aluminum Sulphate: This compound is also known as alumina of the paper carrier.
    1. Sodium Alem: This is an inorganic compound, also known as soda. This white concrete is used as a baking powder and as a food additive.
    1. Selenet Elm: The type of alum in which selenium is present at the site of sulfur.

    Knowledge of alum species

    Benefits of alum – benefits of alum in Hindi

    1. Dental Health

      1. Dental Health

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    The benefits of alum have a lot to do with teeth. According to a report, if a mistletoe is found, then the problem of tooth decay and caries can be found. For this you can use a light bulb such as mouthwash ( 1 )

    2. Body odor

    If you are worried about body smell, you can use alum. According to a report, alum can be used to remove the stench of the feet ( 2 ). According to another report, alum is used in aftershave, deodorant and body lotion to remove the odor of the skin ( 3 ). Mouthwash

    Altitude is also an effective mouthwash. According to the report, the daily use of homemade water for the mouth can be released from the plaque. Especially the alkali may play an important role in child oral health ( 4 )

    4. Muscle spasms

    The benefits of alum are not eliminated here. You can also use it to relieve muscle spasms. According to a study, muscle contraction of potassium alum can be removed ( 5 ). Fever, cough and asthma

      5. Fever, cough and asthma

    Shutterstock

    There are many advantages of alkali for physical problems like fever and cough. According to one study, the use of alkyls can be relieved by diseases such as fever (seasonal allergies) (19459029) 6 ). However, it can also be beneficial for coughing and asthma, but it needs further research. Urinary tract infection

    Electrodynamics can also play an important role in problems associated with urinary tract infection. According to a report, alumina can work to prevent severe bleeding caused by the bladder that can be caused by any infection. Altitude is an effective clamping agent that effectively acts on the bleeding portion ( 7 ). To Kill Yoga

    There are many benefits to hair care alum. Youngerness is a common hair problem that can affect everyone. Young people are mostly focused on baby hair and can easily move from the hair of the affected person to the hair of the other. They may have scabs and head problems. You can use alum to get rid of the joints. Alumina paste can easily be released from the yoke ( 8 ). For cutting and winding

      8. Cutting and Injury

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    There are numerous advantages of alum also for cutting and injuring. It is rich in alienating and hemostatic properties that work to fill body ulcers, cuts and ulcers in the mouth 9 ). About Acne

    If you are worried about acne, then alum can be of benefit to you. Alum is rich in clamping properties and, according to a report, Astringent can work to fix acne (19459034) 9 ), (19459035) 10 ). To get relief from acne, you can apply the paste paste to the affected area.

    10. Wrinkles and Aging

    The altitude is used in many cosmetic products. There are anti-foaming properties that work to tighten the skin ( 9 ), ( 11 ). To reduce the effect of wrinkles and aging, you can use alum. The color is pure

      11. The color is clear

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    As we have explained above, alum is rich in firming properties, and the firming action works to tone the skin along with removing dirt from the skin. It helps to color the skin ( 9 ), ( 11 )

    Once you know the benefits of body arithmetic, know below, use it for the body. For Cough and Asthma: You grind 10 grams of alum and 10 grams of sugar Make the powder and divide it into 14 parts . Now take some of this powder with a glass of hot milk before you sleep every night. Altitude may be useful for coughing and asthma, but requires further scientific research.

    Note – [1 9459008] Get a medical advice before using cough alkali. For teeth and mouth: To remove plaque and cavity from teeth, you can use alum as mouthwash. For this purpose, you will have a glass of water and filter it with a pinch of salt and a small spoon of alum dust. On cooling you can use this water for use

    For the young: Take alum tree alum dust using jute and mix it with water. Add a little bit of oil to this mixture. Now put the mixture on the scalp and massage for 10 minutes, then wash the hair with cold water.

    For cramps: Take an equal amount of turmeric and alum dust and make a paste and put it in the affected area. Be careful not to put them, but let them dry and then wash your skin with lukewarm lukewarm water. Taking this medicine for a few days a day, you will get relief from the pain.

    For injury or wounds: [1 9459008] Mix one teaspoon of alum powder in a glass of hot water and keep it cool. Now wash the wound or wound with this water two to three times a day.

    After Shaving: After shaving, you can rub a few pieces of water on your face and rub alum. For the wrinkles and antioxidants: Sprinkle clean water on the face and put all faces (except the eyes and lips) onto a piece of alum,

    After the benefits, types and use of alum, let me now we know about some losses caused by this. This is Darth scholarship, which you can use for many body problems but can not deny his country with the benefits of alum. Guess some of the losses ( 12 )

    ) [1 9659057] Scenting alum can cause nausea and irritation of the throat, coughing, wheezing affecting the lungs and breathing.
  • The eyes may be severely affected by exposure to alumina mixed in water.
  • You may now have known that a normal look How beneficial is this substance. You can use alums in different ways for the problems described in the article. It's very easy to use and you do not need to do more. Some of these side effects may occur, but do not panic in such a situation, rather contact the doctor directly. I hope you like this article. Your suggestions and questions can be contacted by the comment box below.

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    Periods are a natural process, so every woman has to go through it. These four to five days of the month are painful for every girl. At the same time, due to the changing lifestyle and the wrong diet, girls start a menstrual cycle. The menstrual cycle may include problems such as pain, abdominal cramps, dizziness, irritability, and mood swings. Pain in the back during menstruation is now a common problem. In such cases, women often take painkillers, which in turn causes harmful effects on health. In this situation, home remedies can prove to be both effective and safe. In this article on stylistics, we describe the internal remedies for stomach ache in periods of pain and menstrual periods

    What is the pain during the periods? [1 9659003] Before you get acquainted with pain medications in the Period, it's important to know what the pain of menstruation is and what is called with the medical language. Pain in time is called dysmenorrhoea. This is mainly due to the contraction of the uterine muscles and their lack. During this prostaglandin, which is a type of hormone, it appears. This causes pain during the period and this hormone remains active even during labor ( 1 ). There are some other causes of pain in the menstrual period that we will tell you later.

    The cause of pain in the period of Hindu

      Cause of Periodic Pain in Hindi

    Shutterstock

    The question now arises as to why some women suffer from back pain, stomach problems or stiffness in menstrual period. Therefore, we say below:

    1. Lack of nutrients in the body can cause pain problems during periods. Wrong lifestyle and eating habits are an important reason for this.
    1. Due to any type of infection, the menstrual period can cause pain problems. There may be pain problems due to lack of blood flow.
    1. Many women have problems with pain during the period after the first pregnancy.
    1. During periods, changes in hormones also show
    1. Sometimes on an empty stomach during periods can get stomach pain or cramps.
    1. Many women also have gas problems during periods and they too
    1. Sometimes the age or older person can cause pain during the menstrual period.
    1. Many people believe that the menstrual cycle can not have much physical activity. Making New, but without exercise or physical work can also be associated with pain during periods. If you want, you can do physical work or exercise, in consultation with your doctor or specialist. Paradise is important because the menstrual cycle and the pain it causes are not the same.
    1. Due to lack of blood in the body, there is a problem with pain during menstruation.

    Signs of pain periods – symptoms of pain in the Hindu period

    Before the periods begin, some symptoms appear that are a common language in the IMS (PMS – Premenstrual Syndrome). Girls who start the first time do not understand the symptoms of pain during this time. Here are some general symptoms (19659019)

  • Depression
  • Depression
  • Pain
  • in the body
  • Breast pain
  • Problem with gas
  • Headache
  • Dizziness
  • Feeling of weakness or nervousness
  • 19659002] Menstrual Cycle Other Internal Measures Pain – Home Remedies for Hindu Pain

    It is now time to learn to take abdomen pain period. Below we explain some internal remedies.

    1. A heating pad, i. hot water bag

      Heating pad, ie. hot water

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    Cold or pain in bones, hot water works like a panacea. Stomach pain can also be treated during hot water, which can be relieved for a very short time.

    Material:
    • How to use a heating pad or a hot water bag filled with hot water
    • Take a hot water bag filled with a warming pad or hot water.
    • Now put it on the lower stomach or hold it for 10-10 minutes at the waist.
    • Also, dip a clean cloth in hot water, then make it good
    How often do you use it?

    You can compress it several times a day.

    How useful is it?

    Pain over time The anti-inflammatory effect of the heating pad is a good treatment for relaxing and relieving the muscles affected by convulsions (19459031] 2 ). In addition, studies show that the effect of the warm-up pillow is almost pain-relieving like ibuprofen, which is about to reduce menstrual incision (19459032) 3 ). Ginger

      Ginger

    Ginger

    Ginger not only improves the taste of food but is also good for health. Ginger is useful for problems such as joints, stomach problems, piercing and colds. Likewise, ginger can also provide relief of pain during periods. Below we describe the method of ginger consumption for menstrual cycle medications

    Material:
    • Gum of the gem
    • How to use a glass of hot water
    • honey
    ? 19659041] Dip ginger in hot water for 10 minutes
  • Leave it to cool for a while and then add honey to it.
  • How often do you use

    If you have a lot of pain during periods then you have two to three times a day Can drink tea cracks.

    How useful?

    with good ginger spasms to get relief and easy during periods ( 4 ). The anti-inflammatory properties of ginger help to reduce pain during periods ( 5 ). Many women sometimes have problems with stomach upset or vomiting during periods. In this way, ginger helps to relieve nausea or stomach discomfort ( 6 )

    3. Cheese

      curd

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    To reduce weight, increase resistance to disease or improve digestion, curd is very useful. It can be useful for pain during periods. Learn how to take yogurt for menstrual period

    Ingredients:
    • How to use a glass of yogurt
    • Take a cup of yogurt
    How often to use

    you can take three to four times the curd.

    How useful is it?

    Sometimes due to a lack of essential nutrients such as calcium and vitamins in the body, there is a problem with pain during this time. Consumption of cottage cheese can be useful during the menstrual period. There is plenty of calcium in cottage cheese and vitamin D is also found ( 7 ) ( 8 ). Eating calcium and vitamin D helps reduce the symptoms of PMS and relieves spasms in periods (19459042) 9 )

    4. Tulsi

      Basil

    Shutterstock

    Tulsi is a good treatment for health problems such as colds and colds. Similarly, basil can reduce pain during periods.

    Composition: [1 9659041] 10 to 12 or as required leaves of basil
  • How to use honey
    • Tulsi in a glass of water
    • When water boils well, add honey and eat it.
    How often do you use?

    During the periods, you made it two to three times the basil leaves. Drink tea.

    How useful is it?

    ULSI acts as a natural killer pain. Therefore, you can consume it during periods of pain. Caffeic acid in it acts as an analgesic, i. an analgesic agent ( 10 ). You can also add a few basil leaves while preparing tea with milk.

    5. Juice from pickles [сок от кисели краставички]

      Pical juice

    Shutterstock

    As a means of removing pain in the period you can consume pickle juice.

    Ingredients:
    • How to use half-cup salt juice
    • Take pickle juice
    How often do you use

    When you feel pain or cramps during the menstrual period, consume once a day.

    How useful is this?

    Pickled juice is rich in sodium. This means that it not only protects you from hydration, but also from menstrualism. It gives relief from the problem of leg cramps and pain. It also provides relief from muscle spasms after workout ( 11 ).

    Caution: Keep in mind that you do not eat empty pickled juice. ] 6. Herbal tea

      Herbal tea

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    Herbal tea not only keeps you healthy but can also help reduce pain during women. Below we tell you about some herbal tea that you can use as a medication for menstruation.

    A. Chamomile tea (chamomile tea)

    One of the most turmeric tones is chamomile tea that is full of nutrients. With this digestive system is better, the sleep is good and the heart stays firm. In addition, chamomile tea can also be consumed to reduce pain during menstruation.

    Material:
    • Chamomile Bag
    • Cup of hot water
    • honey
    • Keep a chamomile tea bag in a glass of warm water for 10 minutes.
    • Leave it to cool for a while, and then add honey to it.
    Drink this tea every day
    Use the bar

    You can drink this tea twice a day It can be eaten a week before the beginning of the period

    How useful is this?

    Chamomile is a flowering plant that is popular in relieving periodic cramps. Contains flavonoids that exhibit anti-inflammatory properties. This can help reduce pain and swelling ( 12 ). Chamomile is a natural spasmolytic and also helps to relax the uterine muscles ( 13 ). It also reduces spasms

    b. Green tea can be eaten if green tea

    is to lose weight, increase immunity, or protect from any other health problem. Green tea can also be used to reduce pain during periods.

    Ingredients: [1 9659041] Teaspoon leaves green tea or bag for green tea
  • One cup of water
  • honey
  • How to use
    • boil water.
    • Leave to boil for a few minutes and then filter the water.
    • Now it's a little bit left to cool for late and then the honey is given to taste. Take this for consumption
    How often do you use?

    You can consume green tea twice a day.

    How useful is

    The name of the catechins The flavonoids are those that provide healing properties. Green tea is a natural antioxidant and has analgesic and anti-inflammatory properties that can help in the removal of spasms, pain and swelling in periods 14 ) [19599059] 15 )

    ] You can tell your doctor better how much of it is consumed a day. Fenugreek

      Fenugreek

    Shutterstock

    Fenugreek is used not only as a spice but also as a medicine. In many homes it is also used to reduce pain during stomach or menstruation.

    Ingredients:
    • Two spoonfuls of fenugreek seeds
    • How to use a glass of water
    ? At night, soak two teaspoons of fenugreek seeds in a glass of water.
  • Then eat it on an empty stomach in the morning.
  • How often do you use?

    This mixture of this mixture every morning before the beginning of the period

    How useful is this? 659047] In the seeds of the tall-parrot, there are compounds known as lysine and tryptophan. They contain many proteins. In addition, the fenugreek is very popular with its analgesic and pain-relieving properties, which can help reduce the cramps of the period. You can also eat fenugreek dust ( 16 ).

    8. Епсома сол

      Епсома сол

    Shutterstock

    This salt can help reduce obesity and detoxification of the body. Not only this, you can use this salt as a medicine for pain during menstruation

    Ingredients: [1 9659041] One to two glasses of salt
  • How to use bath water
    • Fill the tub with lukewarm water and add one to two glasses of rock salt in it.
    • Now soak it for 15 to 20 minutes in this water.
    • If you do not have a bath, the buckets can be bathed in lukewarm water and mixed with salt 659042] How often do you use?

      You can take a bath with this water two to three days before the start of the period.

      How useful?

      The rock salt is also known as magnesium sulphate 17 ). इस में मौजूद मैग्नीशियम इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी and दर्द निवारक गुणों के लिए जिम्मेदार है. जब सेंधा नमक आपकी त्वचा के माध्यम से अवशोषित हो जाता है, तो यह पीरियड की ऐंठन और दर्द से राहत देने में मदद कर सकता है, क्योंकि इसमें दर्दनाशक (analgesic) गुण मौजूद होते हैं ( 18 ). [19659148] 9. पपीता

       papaya

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      पेट की परेशानी दूर करना हो, त्वचा को जवां दिखाना हो या सेहत से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो, पपीता सभी के लिए लाभकारी फल है. पीरियड्स के लिए भी पपीता लाभकारी साबित हो सकता है.

      सामग्री:
      • एक प्लेट कटा हुआ पपीता
      कैसे उपयोग करें?
      • आप पके हुए पपीते का सेवन कर सकते हैं.
      • इसके अलावा, आप कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर भी सेवन कर सकते हैं.
      कितनी बार उपयोग करें?

      आप चाहें तो हर रोज या हर दूसरे दिन पपीते का सेवन कर सकते हैं.

      कैसे फायदेमंद है?

      कई बार पीरियड्स के दौरान ठीक तरीके से ब्लड फ्लो न होने क कारण भी पेट में दर्द या हंगर होने लगती है. ऐ े े े प प प प प प े े े े े ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै. इसके अलावा, पपीते में मौजूद विटामिन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट गुण और अन्य पौष्टिक तत्व पीरियड्स के दर्द से राहत दिला सकते हैं ( 19 ), क्योंकि कई बार पौष्टिक तत्वों की कमी के कारण भी मासिक धर्म के समय दर्द की समस्या हो सकती है.

      नींबू का जूस

       Lemon juice

      Shutterstock

      वजन घटाना हो, पेट को ठंडा रखना को बेहतर करना हो, नींबू का जूस फायदेमंद होता है. नींबू का जूस पीरियड्स के दौरान दर्द को भी कम कर सकता है. नीचे हम इसके सेवन का तरीका आपको बता रहे हैं.

      सामग्री:
      • आधा नींबू
      • एक गिलास पानी
      • शहद
      कैसे उपयोग करें?
      • एक गिलास गुनगुने पानी में आधे नींबू का रस मिला लें.
      • फिर इसमें स्वादानुसार शहद मिलाएं और इसका सेवन करें.
      कितनी बार उपयोग करें?

      हर रोज सुबह खाली पेट नींबू के रस का सेवन करें.

      कैसे फायदेमंद है?

      नींबू के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मासिक धर्म के समय दर्द और 20 ) ( 21 ). इसमें विटामिन-सी भी होता है, जो आपके शरीर में दूसरे खाद्य पदार्थ से मिलने वाले आयरन को अच्छे से अवशोषित करने में मदद करता है (पीरियड्स के दौरान अक्सर महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है) और महिलाओं की प्रजनन प्रणाली के लिए भी अच्छा है ( 22 )

      11. एलोवेरा जूस

       Aloe vera juice

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      छोटा-सा दिखने वाला यह पौधा गुणों का खजाना है. और प्रयोग गर्नुहोस् के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने है. नीचे हम आपको पीरियड्स के दौरान एलोवेरा जूस के सेवन का तरीका बता रहे हैं.

      सामग्री:
      • एक चौथाई कप एलोवेरा का रस
      कैसे उपयोग करें?
      • आप ऐसे ही एलोवेरा के जूस का सेवन कर सकते हैं.
      कितनी बार उपयोग करें?

      पीरियड्स शुरू होने के पहले रोज एक बार एलोवेरा जूस का सेवन करें.

      कैसे फायदेमंद है?

      एलोवेरा के एंटी-इंफ्लेमेटरी और हीलिंग गुण पीरियड्स के दौरान दर्द और ऐंठन से काफी हद 23 ) ( 24 ). यह रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है, जिससे के हो सकती है ( 25 ). आप इसका सेवन गुनगुने पानी के साथ भी कर सकते हैं. इससे भी मासिक धर्म के समय दर्द काफी हद तक कम हो सकता है.

      पैरों की मालिश

      Foot massage

      Shutterstock

      पीरियड्स के दौरान दर्द के लिए कई बार मालिश भी फायदेमंद होती है। पैर में एक प्रेशर पॉइंट होता है, जो पीरियड क्रैम्प से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। यह पॉइंट टखने की हड्डी के ऊपर तीन उंगली की चौड़ाई पर स्थित होता है। अगर आप धीरे से अपने अंगूठे और उंगलियों के साथ इस पॉइंट पर मालिश करेंगे, तो पीरियड की ऐंठन और उनके लक्षणों जैसे सूजन, अनिद्रा व चक्कर आना जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। इस मालिश को रिफ्लेक्सोलॉजी (reflexology) कहा जाता है (26)। बेहतर होगा कि आप इसे किसी विशेषज्ञ से करवाएं।

      13. दालचीनी

      Cinnamon

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      लगभग हर घर की रसोई में दालचीनी पाई जाती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण और कई पोषक तत्व सेहत के लिए फायदेमंद है। अर्थराइटिस यानी गठिया हो, डायबिटीज हो या अन्य कोई बीमारी, यह मसाला गुणों का खजाना है। इतना ही नहीं यह पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को भी कम कर सकती है।

      सामग्री :
      • थोड़ा-सा दालचीनी पाउडर
      • एक गिलास पानी
      • शहद स्वादानुसार
      कैसे उपयोग करें?
      • एक गिलास पानी में दालचीनी पाउडर डालकर पानी को उबाल लें। अगर आपको पानी कम लगे, तो आप अपनी आवश्यकतानुसार और पानी भी डाल भी सकते हैं।
      • फिर इसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर इस पानी का सेवन करें।

      नोट: आप पाउडर की जगह साबुत दालचीनी का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर आपके पीरियड्स अनियमित हैं, तो आप गर्म दूध में भी दालचीनी मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।

      कैसे फायदेमंद है?

      दालचीनी के सेवन से पीरियड्स के दौरान दर्द, ऐंठन, उल्टी या रक्त स्राव से जुड़ी परेशानियां ठीक हो सकती है (27)। अगर आपको दालचीनी का पानी नहीं पसंद, तो आप सब्जी बनाते समय इसका उपयोग कर सकते हैं।

      14. विटामिन-डी

      vitamin D

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      विटामिन-डी जरूरी पोषक तत्व है, जो प्रोस्टाग्लैंडीन के उत्पादन को कम कर सकता है। इस हार्मोन का स्तर अधिक होने पर पीरियड्स के दौरान ऐंठन हो सकती है। हालांकि, अभी तक इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है, लेकिन विटामिन-डी की कमी कहीं न कहीं पीरियड्स के दौरान दर्द का कारण हो सकती है। ऐसे में विटामिन-डी के सेवन से मासिक धर्म के दर्द और ऐंठन में कमी आ सकती है (28)। अगर आप विटामिन-डी की दवाई नहीं लेना चाहते हैं, तो आप मछली, पनीर, अंडे की जर्दी व संतरे का रस जैसे खाद्य पदार्थों के जरिए विटामिन-डी का सेवन कर सकते हैं।

      आइए, अब इस दर्द से बचने के लिए कुछ अन्य टिप्स भी जान लेते हैं।

      मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द से बचाव के उपाय – Prevention Tips For Period Pain in Hindi

      ऊपर आपने जाना कि पीरियड्स के दौरान दर्द से राहत दिलाने के लिए आप पेन किलर की जगह घरेलू उपचार आजमाएं हालांकि, सिर्फ घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य बातें भी हैं, जिसका आपको पीरियड्स के दौरान ध्यान रखना चाहिए। मासिक धर्म के समय दर्द को कम करना है, तो नीचे बताई गए बातों का ध्यान रखें।

      1. पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ का सेवन करें। कई बार सही डाइट न लेने से आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं। साथ ही मासिक धर्म के दौरान रक्त स्राव के कारण भी शरीर से पोषक तत्व निकल जाते हैं। कहीं न कहीं यह समस्या पीरियड्स के दौरान दर्द का कारण बन सकती है। इसलिए, अपने आहार में हरी सब्जियों का सेवन जरूर करें।
      1. सब्जियों के अलावा आप फलों का सेवन करें, अगर फल खाना नहीं पसंद, तो आप जूस भी पी सकते हैं।
      1. व्यायाम या योग करें और इसे किसी विषेशज्ञ की देखरेख में ही करें। आप सुबह-शाम कुछ देर टहल भी सकते हैं।
      1. मासिक धर्म के वक्त तनाव से भी दर्द या ऐंठन की समस्या हो सकती है। इसलिए, कोशिश करें कि मन में किसी भी प्रकार की चिंता या तनाव न रखें।
      1. शराब या धूम्रपान न करें।
      1. सफाई का पूरा ध्यान रखें और हर कुछ घंटों में पैड बदलते रहें।
      1. पानी खूब पिएं, ताकि आपका शरीर हाइड्रेट रहे।
      1. ज्यादा तली-भूनी, मसालेदार या बाहरी खाद्य पदार्थ जैसे जंक फूड का सेवन न करें।
      1. हल्की-फुल्की मसाज लें।
      1. जरूरत से ज्यादा चाय-कॉफी का सेवन न करें।

      आगे हम बता रहे हैं कि किन प रिस्थितियों में डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।

      कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह – When to Visit A Doctor

      पीरियड्स के दौरान दर्द आम है, लेकिन कभी-कभी इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अब सवाल यह उठता है कि मासिक धर्म के समय कमर दर्द या ऐंठन होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए। नीचे हम आपको इसी बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

      1. अगर घरेलू उपायों के बाद भी दर्द कम न हो, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
      1. अगर आप गर्भवती हैं और आपको रक्त स्राव है, तो बिना देरी के डॉक्टर से मिलें।
      1. अगर आपके पीरियड्स अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा दिनों तक रहें, तो डॉक्टर की सलाह लें।
      1. अगर पीरियड्स सही वक्त पर न आ रहे हों या देरी से या एक-दो महीने छोड़कर आ रहे हों।
      1. पीरियड् के दौरान बुखार आ रहा हो।

      आजकल पीरियड्स के दौरान दर्द लगभग हर लड़की की परेशानी है, लेकिन ऊपर दिए गए घरेलू उपायों से मासिक धर्म के समय दर्द से काफी हद तक राहत मिल सकती है। इसके अलावा, मासिक धर्म के समय दर्द के उपाय के साथ-साथ अगर आप सही खान-पान और सही दिनचर्या का पालन करेंगी, तो आपके ये पांच दिन काफी आरामदायक हो सकते हैं। इन उपायों को आजमाएं और अपने अनुभव हमारे साथ शेयर करें। अगर आपके पास भी मासिक धर्म के समय दर्द के उपाय हों, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिखें।

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    हिचकी रोकने के 16 असरदार घरेलू उपाय – How to Stop Hiccups in Hindi

    हिचकी रोकने के 16 असरदार घरेलू उपाय – How to Stop Hiccups in Hindi


    The first thing to keep in mind when hiccups is that someone is missing us. This is a common problem that does not seem painful for people. However, occasional hiccups may be overlooked, but it is not normal to have frequent hiccups. There may be many reasons for the constant harassment we are discussing in this article. Also Know About The Most Effective Home Remedies To Immediately Removing Hiccups Let's First Know What is Hiccup?

    What is hiccup – What is hiccup on hindi

    What is hiccup? This question may be a bit disturbing to you. Hiccups can easily be understood through his verb, which is divided into two parts. From the first diaphragm whose uncontrolled action produces hiccups. The diaphragm is the main muscle used for breathing that is on the surface of the lungs. The second action of hiccup is related to the voice string that suppresses hiccup. The sound of "Hitch" comes from instantly closing the voice cable ( 1 ).

    Knowing what hykchi is, he knows about the causes of frequent hiccups.

    Cause – Causes of Hiccups Hindi

    Hiccups can bother you for no apparent reason. Usually this happens when the diaphragm is in trouble 1 ), such as: –

    • Feeding too early
    • Excessive food
    • Hot or Spicy Food
    • ] Disease of the diaphragm
    • Liquid Stomach
    • Liquid Stomach
    • Side Effects of Some Drugs
    • Stomach Surgery
    • Metabolic Disorders
    • now we talk about hiccups and healing.

      Different points can be included in the symptoms of hiccups ( 2 –

      • Collapse or seizures in the diaphragm that
      • The sound of "Hitch" sounds from the throat 19659018] Knowing the cause and the symptoms of hiccup, let's know how to stop hiccup. ]

        Home remedies for hiccups – Home remedies for hiccups

        As mentioned above, hiccups are not painful but frequent hiccups may (19659029) 1. 1962

    1. Chinese
      1. </p>
</div>
<h5>  1. The Chinese </p>
</div>
<h5>
</div>
<h5>  One of the most effective home remedies to remedy this: teaspoon sugar </li>
</ul>
<h5>  How to use: </h5>
<ul>
<li>  Keep the sugar in your mouth for about thirty seconds, then chew and then slowly swallow. Make the bar: </h5>
<p>  Repeat if necessary. </p>
<h5>  How useful: </h5>
<p>  As a remedy to prevent hiccups, you can use sugar. Sugar is considered one of the oldest treatments. It produces sweetness in the mouth and it is believed that this may stop the hiccup problem (<a href= 2 )

    2. Honey

    Ingredients:
    • How to use a large spoon of honey
    Take a spoon of honey.
    How often:

    After hiccups arrive,

    How useful:

    You can choose honey to treat hiccups. Honey contains antifungal and antibacterial properties ( 3 ). It has long been used for cold coughs. It works to relieve the throat from infection and to relax. Its use may be useful for hiccups ( 4 )

    3. Lime

    Composition:
    • Part of lemon
    • Sugar
    How to use:

    Sprinkle sugar and cut lemon cut.

    How often:

    One has to stop hiccup once

    How useful:

    As a hiccup, you can use lemon. Lemon is a citrus fruit that can be used to prevent hiccups. It can stimulate nerves to strengthen the ring, and feel relaxed 5 )

    4. Water

      4. Water

    Shutterstock

    Material:
    • Two or three cups of drinking cold water
    How to use:
    • Drink two or three glasses of water slowly.
    How often: 19659035] It's enough to do this once. The process of swallowing water makes it easy so that the diaphragm muscles can be relieved. You can take this medicine for hiccups ( 2 )

    5. Vinegar

    Ingredients:
    • Teaspoon apple cider vinegar
    • Teaspoon maple syrup
    • How to use a cup of hot water
      :
      • :

        This medicine can be enough once to prevent hiccups.

        How useful:

        For the medicine for hiccups, It can be used This stimulates feriningx (behind the throat, part of the cavity and mouth), which can be overcome by the hiccup problem 6 )

        6. Peanut butter

        Ingredients: [1 9659031] How to use a large spoon of peanut butter
      : Every time you meet hiccups, eat a spoonful of peanut butter.
    How often:

    Once used, it is adequate.

    How useful is :

    You can also choose the option for peanut butter for hiccups. Long been used for hiccups ( 6 ). However, how it works on hiccups, it still needs further research.

    7. Black pepper

      7. Blackpiper

    Shutterstock

    Ingredients:
    • How to use a large spoonful of peanut butter
      • When you have a hiccup, eat a spoon of peanut butter.
      How often:

      It's enough to use only once.

      How useful:

      You can choose pepper to treat hiccups. According to a report, if the circulation of the affected area is improved, hiccups can be prevented ( 6 ). Here, black pepper can be considered important as it can work to improve throat circulation ( 7 )

      8. Chocolate Powder

      Composition: [1 9659035] How to Use Spoon of Chocolate Powder

      Eat one tablespoon of chocolate powder when hiccups arrive

      How often:

      One can get relief from this once. However, to what extent it is effective for hiccups, it needs further research on [9659027] 9. Yogurt

      Ingredients: [1 9659031] One cup of yogurt
    • One teaspoon of salt
    How to use :

    Mix salt in cottage cheese and eat slow

    How often:

    How useful:

    As we have said in this article, hiccup may also be due to gases. Here curd can play an important role. Yoghurt is rich in probiotics that can work to treat gastric conditions that can relieve hiccups ( 8 ), ( 1 ). ] 10. Ginger

    Composition:
    • How to use two or three small pieces of ginger
    Take two pieces of ginger and keep them in your mouth.
  • You can also drink fresh ginger tea.
  • How often:

    Ginger will work to relieve hiccups.

    How useful:

    You can use ginger as a means to stop the hiccup. It has long been used as a natural medicine. To get rid of constant hiccups, you can consume it as described above ( 2 ).

    11. Ice

      11. Ice </li>
</ul>
<h5>  Shutterstock </p>
</div>
<h5>  Material: </h5>
<ul>
<li>  Some ice pieces </li>
<li>  How to make a glass of water </li>
</ul>
<h5>  Drink ice in a glass of water and drink it. </li>
</ul>
<h5>  How often they do it: </h5>
<p>  Once this measure can stop hiccup. </p>
<h5>  How useful: </h5>
<p>  Ice can play an effective role in cooling hiccup (<a href= 2 ), ( 6 ). Its effect of cold will soothe the throat as well as relax the stomach.

    12.

    • Ingredients:
      • Ingredients: [1 9659008] Big spoon oil
      How to use:
      • Put asafetida in butter and mix well.
      How often:

      Use this medicine as needed.

      How useful:

      As mentioned above, due to problems with hiccups and nervous system Is there. Here it can play an effective role in preventing hiccups. It acts as a relaxing drug, a functioning digestive enzyme and a neuroprotective (connected to the nervous system) (19459034) 9 )

      13. Chamomile

      Composition:
      • Chamomile Bag
      • A cup of hot water
      • Some drops of lemon juice
      juice and drink for taste.
    How often:

    A glass of chamomile tea can remove hiccups.

    How useful:

    19659035] Chamomile can include you in the prevention of hiccups. It is a natural herb that is rich in anti-inflammatory properties. Chamomile tea can be eaten to relieve the throat, which may have a positive effect on hiccups 10 )

    14. Гроздово желе

      Grape jelly

    Shutterstock

    Ingredients:
    • How to use a large teaspoon of jelly grapes
      • Take a tablespoon of jelly grapes on the hive.
      How often:

      Can be used once a day.

      How useful:

      There is also a metabolic disorder due to frequent hiccups. The grapes are rich in vitamin C and vitamin C plays an effective role in protein metabolism ( 11 ) ( 12 ). If the problem of hiccups is associated with metabolic disorders, then the drug can be effective. However, a further study on this issue is needed

      15. Water for gripping

      Ingredients:
      • One large spoon of groundwater
      • One large spoon of water
      • How to use a dropper
      :
      • Mix water with gray water.
      • Put this water in the dropper and give the babies a drop and drink it.
      How often:

      If the dose does not stop hiccups and is constantly disturbing, take the child to a doctor. 19659036] How useful:

      This medicine is for babies is considered effective. It is used by mothers around the world to eliminate gas and stomach problems in their children, causing hiccups (19459040) 13 . Cardamom powder

      Ingredients: [1 9659031] One teaspoon of cardamom powder
    • Half a glass of water
    Directions for use:
    • Pour the powder of cardamom into water and boil for a while. [19659908] Now filter the water of the cardamom in the glass and drink slowly
    How often:

    This medicine can give good results only once.

    Cardamom water can be effective for hiccups. Cardamom is rich in antioxidant properties that can work to relieve the diaphragm ( 14 ), ( 15 ). You know what foods should be avoided during hiccups.

    What Not to Eat During Hiccups – Foods to Avoid Hiccups

    If you are worried about hiccup, Food should not be eaten. 19659007] Do not eat spicy food

  • Do not eat foods such as radishes, such as radishes and more.
  • Do not eat alkaline alcohol.
  • Carbonated Beverages (Drinks Containing Carbon Dioxide) Avoid intake.
  • Some Other Remedies for Hiccup – Other Tips for Stopping Hinter Hiccups

    To overcome hiccup, you can follow the other tips mentioned below ( 2 ), such as :

    हरी मिर्च के 15 फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Chili Benefits, Uses and Side Effects in Hindi

    हरी मिर्च के 15 फायदे, उपयोग और नुकसान – Green Chili Benefits, Uses and Side Effects in Hindi


    Unlike green chili peppers, the world of dishes is incomplete. It is known for its sharpness and is used to increase the taste of the food. His specialty is not limited to sharpness, but many scientists confirm his healing properties in research. In this article we will discuss the different properties of green chili peppers. Tell us about the benefits and benefits of green chili peppers.

    Benefits of Green Chili Peppers – The Benefits of Green Chili in Hindi

    1. Heart Health

    The benefits of green chili peppers are very good in maintaining the cardiovascular system. Green pepper can reduce cholesterol levels and the risk of heart attack and heart attack by controlling platelet adjustment. To avoid the risk of cardiovascular disease in the future, you can take a limited amount of chili in the diet ( 1 )

    2. Diabetes

    Green peppers can be useful for patients with diabetes. Green Chili acts as an effective antidiabetic. The reason for this is that green hot peppers have a special element called capsaicin that works to control blood sugar ( 2 ), 3 ). In addition, green pepper can reduce the risk of type 2 diabetes by increasing lipid catabolism in the body ( 4 ). Weight Control

      3. Weight control

    Shutterstock

    Capsicin can also be seen in green hot peppers at weight control. Capsize acts as an anti-obesity that helps in weight loss and prevents freezing of excess fat (19459012) 3 ), (19459018) 5 ). Disease Resistance Capacity

    An important advantage of green pepper is also the strengthening of the immune system. According to the report, green chillies have the ability to stimulate the immune system. It also works for the release of the stomach by insects ( 1 ).

    In addition to this green chilli, it is rich in vitamin A, which strengthens the immune system and keeps the body away from infections. ( 6 ), ( 7 ). High blood pressure

    Patients affected by high blood pressure can benefit from green hot peppers. Green Chili works to increase lipid catabolism in various parts and body cells that can get rid of hypertension ( 4 ). Eyes

      6. Eyes

    Shutterstock

    To keep your eyes healthy, you can consume foods rich in vitamins and minerals. Vitamins A, Vitamin-C and Vitamin E work in the form of effective eye antioxidants. These antioxidant cells are healthy. Green pepper is rich in all these nutrients that can be useful to the eyes ( 8 ), ( 6 ). Bones and teeth

    Bones and teeth also have the benefits of eating green hot peppers. Green peppers contain calcium, which is considered the most important nutrient for bones. Calcium is a mineral that strengthens bones and teeth and helps their development ( 6 ), 9 . Health of digestion

    Green pepper plays an important role in the smooth flow of the digestive tract. Green chili is rich in fiber and digestion is considered to be the most important element of health. Fiber simplifies the draining process and helps prevent problems such as constipation ( 6 ), ( 10 ). Bacterial Infection

    Green Cayenne is rich in antioxidants such as vitamin C and vitamin A, which work to maintain the body without bacterial effects. According to the report, the antibacterial properties present in it can also work to get rid of stomach ulcers. In addition, chili is also used for a long time to kill stomach worms ( 11 ). Cancer

      10. The benefits of green chilli peppers do not end there, you would be surprised to know that green chilli can also prevent fatal illness such as cancer. Here you can see the role of capsaicin in green chilli peppers. According to the report, capsaicin acts as an effective anti-cancer (<a href= 5 ). Stress

    Green peppers can also work to get rid of stress. Green peppers are rich in vitamins and minerals that work to relieve stress. According to another report, patients with vitamin C have diabetes to relieve anxiety 6 ), [(19459010)] No. 13 ). Anemia

    The benefits of green chili peppers include relief from anemia. This is a fatal disease due to the lack of red blood cells in the body. Iron plays an important role in the formation of red blood cells and its deficiency causes this problem ( 14 ). Green chili peppers can be eaten for iron in the body ( 6 ). Brain Health

    Green chili peppers can also be used for brain health. Green chilli is rich in nutrients such as vitamin B6, B12 and Folate, which work to promote brain function. These nutrients help improve memory, especially in women. In addition, iron works to improve brain function in young women ( 6 ), 15 ). Winter and Sine

      14. Winter and Sine

    Shutterstock

    Green chili peppers can help you fight colds and sinuses. Here you can see the important form of capsaicin found in green hot peppers. According to a report, the use of a nasal spray of capsaicin for two weeks for two weeks can produce an effective effect on rhinitis (closed nose) 16 ). Skin Skin

    There are many advantages of green chill for the skin. Green chilli is rich in antioxidants such as vitamin C, which is considered a special food for skin health. Vitamin-C works to increase collagen in the skin. Vitamin C is also used in cosmetics to protect the skin against aging and harmful sun rays 17 )

    Now you can eat green hot peppers for the body Know the benefits Let's now understand which nutrients are present in it. Water 19659048] Energy Energy 20 kacl Food Elements of Green Chili Peppers – Green Chile Food Value of Hindi [Protein 0.86 Total lipids 0.17 Fibrils, total dietary 4.64 19659037] Iron 0.34 Magnesium 10 Phosphor 20 19659045] Vitamin Tiamin 0.057 Rhomboffline 0.028 Niacin 0.480 Vitamin A (alpha-tocopherol) Vitamin A (D2 + D3) Vitamin A IU [19659037] Vitamin-D Vitamin-D Vitamin-D 7.4 Lipid D 0.008 Fatty Acids, Total Polyunsaturated 0.062 Fatty Acids, Common Trans [1 9659048] 0.000 nourishing nutrients Find out how you can use it

    green chili pepper – how to use green chili on hindi

    Green chili peppers can be used in different ways to eat. Find out how you can add green chili peppers to your diet:

    • Most of the green chili peppers are used to make vegetables where there is a need for light and greater sharpness. You can increase the number of chili chili depending on the need.
    • The food is used in the salad of hot chilli. Those who love more intense meals can take raw chili with lunch or dinner
    • You can also eat fried hot peppers with food. For this purpose, you should cut the peppers slightly from the middle and fry them lightly in the oil by lightening the salt.
    • You can also make a pickle of green chili peppers. Then let us know what can be done with the excessive consumption of green chillies. [19659502] Green chilli pepper is a powerful food The substance that you gain in many ways Excessive intake can cause the following problems:

      • Lose Green Chilli Peppers – Side Effects of Green Chili in Hindi

        • For those who do not like it too much, excessive consumption of green peppers can cause abdominal irritation and diarrhea.

        • Patients suffering from hemorrhoids Green peppers can be harmful to some green hot peppers that can cause excessive irritation in the mouth

        These are the most effective forms of green hot peppers. Health Benefits If you suffer from any of the problems mentioned in the article, start eating green hot peppers regularly. Also, keep in mind that if any physical problems occur while using it, stop it and contact your doctor. I hope you like this article. For any suggestions and questions you can use the comments box below.

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    The Post 15 Benefits of Green Chilies, Use and Disability – Green Chili Benefits, Uses and Side Effects of Hindi Appears first on STYLECRAZE .

    सोरायसिस (छाल रोग) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Psoriasis Symptoms and Home Remedies in Hindi

    सोरायसिस (छाल रोग) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Psoriasis Symptoms and Home Remedies in Hindi


    त्वचा नाजुक होती है और जल्द संक्रमण की चपेट में आ जाती है. इसके लिए दूषित वातावरण और गलत खानपान अहम कारण हो सकते हैं. त्वचा से जुड़े रोगों की सूची लंबी है, जिनमें से कुछ जल्द ठीक हो जाते हैं और कुछ आसानी से पीछा नहीं छोड़ते. सोरायसिस भी गंभीर चर्म गर्नुहोस्, जो त्वचा को बुरी तरह प्रभावित करता है. इसमें स्किन खुजली करने से लाल हो जाती है और पपड़ी भी बनने लगती है.

    अगर आप भी इस त्वचा रोग से ग्रसित हैं, तो स्टाइलक्रेज का यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. हमारे साथ जानिए सोरायसिस के कारण, लक्षण और इससे निजात पाने के सबसे सटीक घरेलू उपाय.

    सोरायसिस क्या है – What is Psoriasis in Hindi

    सोरायसिस एक चर्म रोग है, जो त्वचा कोशिकाओं के जीवन चक्र को बढ़ा देता है. साधारण स्थिति में त्वचा कोशिकाएं (Skin Cells) अंदर से बढ़ना शुरू करती हैं और महीने में एक बार त्वचा की सतह पर पहुंचती हैं, लेकिन सोरायसिस की अवस्था में कोशिकाएं 14 दिन में ही त्वचा के ऊपर आ जाती हैं और नष्ट हो जाती हैं. सोरायसिस से प्रभावित त्वचा लाल and सफेद परतदार हो जाती है. 1 ). 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 नीचे जानिए इस चर्म रोग के होने के कारणों के बारे में.

    सोरायसिस के कारण – Causes of Psoriasis in Hindi

    सोरायसिस किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है, लेकिन इसके सबसे ज्यादा मामले 15 out of 35 and a great deal of extraordinary results from all over the world. इस चर्म रोग के विकसित होने के पीछे निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है ( 1 ): [19659007] बैक्टीरिया या वायरस से संक्रमण [19659008] शुष्क हवा या शुष्क त्वचा [19659008] त्वचा पर चोट, जिसमें त्वचा के कटने, जलने, कीड़े के काटने और चकत्ते शामिल हैं.

  • दवाओं का दुष्प्रभाव, जिसमें एंटी मलेरिया जैसी दवाएं शामिल हैं.
  • तनाव
  • बहुत कम धूप
  • बहुत अधिक धूप के कारण सनबर्न [19659014] सोरायसिस उन लोगों के लिए ्यादा घातक हो सकता है, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है या जिन्हें एड्स है.

    सोरायसिस के लक्षण – Symptoms of Psoriasis in Hindi

    चर्म रोग कई प्रकार के हो सकते हैं, जिनमें सोरायसिस की पहचान करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए, निम्नलिखित लक्षणों से सोरायसिस की पहचान की जा सकती है ( 1 ): [19659007] खुजली [19659008] सूखी, सफेद और परतदार त्वचा [19659008] त्वचा का लाल-गुलाबी होना [19659008] त्वचा का मोटा होना

  • जोड़ों में दर्द
  • नाखूनों में बदलाव (मोटे नाखून, पीले-भूरे रंग के नाखून, नाखून में गड्ढे आदि)
  • सोरायसिस के प्रकार – Types of Psoriasis in Hindi

    सोरायसिस रोग कई रूपों में आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकता है, जिनमें से प्रमुख इस पा रकार हैं ( 1 ):

    एरिथ्रोडर्मिक – इसमें त्वचा पर लालिमा तीव्र हो जाती है और एक बड़े क्षेत्र को कवर करती है. [19659002] गुट्टेट – त्वचा पर छोटे व गुलाबी-लाल धब्बे दिखाई देते हैं. यह खासकर बच्चों में स्ट्रेप संक्रमण (बैक्टीरियल संक्रमण, जो गले में खराश व खरोंच के कारण) से जुड़ा होता है.

    इनवर्स – यह कोहनी और घुटनों जैसे सामान्य क्षेत्रों की जगह शरीर के अन्य हिस्सों जैसे बगल व कमर आदि में होता है.

    प्लाक – इसमें त्वचा मोटी, लाल व धब्बेदार हो जाती है. इसमें त्वचा लाल हो जाती है और जलन भी होती है. साथ ही त्वचा पर चांदी के रंग जैसी सफेद पपड़ी उभर आती है.

    पस्टुलर (Pustular) – इस स्थिति में त्वचा पीले मवाद भरे छालों से भर जाती है.

    सोरायसिस क्या है और इसके प्रकारों को जानने के बाद नीचे जानिए सोरायसिस का सफल इलाज.

    सोरायसिस (छाल रोग) के घरेलू उपाय – Home Remedies for Psoriasis in Hindi [19659032] ऐसा नहीं है कि सोरायसिस का इलाज नहीं किया जा सकता है. डॉक्टरी चिकित्सा के अलावा आप इस चर्म रोग को प्राकृतिक रूप भी ठीक कर सकते हैं. नीचे बताए जा रहे घरेलू नुस्खे आपके लिए लाभदायक साबित हो सकते हैं

    1. सेब का सिरका

     1. सेब का सिरका

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    सामग्री:
    • एक चौथाई कप सेब का सिरका
    • तीन चौथाई कप गुनगुना पानी
    • वाशक्लॉथ या कॉटन बॉल
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • पानी में सिरका अच्छी तरह मिलाएं.
    • प्रभावित क्षेत्र के अनुसार वाशक्लॉथ या कॉटन बॉल का चुनाव करें.
    • अब कॉटन बॉल या वाशक्लॉथ को सिरके वाले गुनगुने पानी में भिगोकर हल्का निचोड़ें और प्रभावित त्वचा पर लगाएं.
    • इसे एक या दो मिनट के लिए प्र भावित क्षेत्र पर रखें और फिर हटा दें.
    कितनी बार करें:

    खुजली व जलन से निजात पाने के लिए रोजाना दिन में चार से पांच बार यह प्रक्रिया दोहराएं.

    कैसे है लाभदायक:

    सोरायसिस का Make sure you do not have to worry about getting involved. जैसा कि हमने पपर बताया है कि सोरायसिस बैक्टीरिया, वायरस संक्रमण, कटने and जलने से हो सकता है. एंटीएलर्जिक, एंटीवायरल, एंटीमाइक्रोबियल and एंटीइंफ्लेमेटरी जैसे गुणों समृद्ध होता है ( 2 ), 3 ). ये तमाम गुण मिलकर सोरायसिस से प्रभावित त्वचा से खुजली, जलन व्यक्तिक के लिए सकते हैं.

    2. हल्दी

    सामग्री:
    • दो चम्मच हल्दी
    • एक चौथाई कप पानी
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • पानी में हल्दी मिलाएं और गर्म करके गाढ़ा पेस्ट बना लें.
    • पेस्ट को ठंडा होने दें और इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं. बचे हुए पेस्ट को रेफ्रिजरेटर में स्टोर करें.
    • सूखने तक पेस्ट को त्वचा पर लगा रहने दें और बाद में त्वचा को साफ कर लें.
    कितनी बार करें:

    हल्दी का पेस्ट दिन में दो बार लगाएं. [19659047] कैसे है लाभदायक:

    हल्दी आयुर्वेदिक औषधि है, जो एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और जल्दी घाव भरने जैसे गुणों से समृद्ध होती है ( 4 ). इसका उपयोग आप सोरायसिस से प्रभावित स्किन की खुजली, जलन, बैक्टीरिया व फंगल को खेल करने के लिए कर सकते हैं.

    3. एलोवेरा

    सामग्री:
    • मध्यम आकार का एलोवेरा का पत्ता
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • एलोवेरा को पानी से साफ करें और थोड़ी देर फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें.
    • अब चाकू की मदद से एलोवेरा की ऊपरी परत हटा दें और जेल को छोटे बाउल में स्टोर कर लें.
    • इस जेल को प्रभावित त्वचा पर लगाकर 20-25 मिनट के लिए छोड़ दें और बाद में ठंडे पानी से त्वचा साफ कर लें. [19659040] कितनी

      यह उपाय आप दिन में बार करें: ो बार कर सकते हैं.

      कैसे है लाभदायक:

      सोरायसिस का सफल इलाज एलोवेरा के माध्यम से किया जा सकता है. सायरोसिस से प्रभावित त्वचा पर आप एलोवेरा जेल लगा सकते हैं. यह एक प्राकृतिक औषधि है, जो त्वचा की जलन को अपनी ठंडक से शांत करने का काम करती है. इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं ( 5 ), जो सूजन और जीवाणु संक्रमण निजात दिलाने मदद करते हैं. इसमें ब्रैडीकाइनस (Bradykinase) नामक खास एंजाइम पाया जाता है, जो त्वचा की अत्यधिक सूजन वाली स्थिति को ठीक करने का काम करता है ( 6 )

      4. अदरक

       4. अदरक

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      सामग्री:
      • लहसुन का तेल
      • जैतून का तेल
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • लहसुन के तेल की कुछ बूंदें लें और प्रभावित त्वचा पर लगाएं.
      • अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो आप लहसुन के तेल के साथ जैतून का तेल भी मिला सकते हैं.
      कितनी बार करें:

      दिन में दो बार लहसुन का तेल लगाएं.

      कैसे है लाभदायक:

      लहसुन का तेल एंटीमाइक्रोबियल गुणों से समृद्ध होता है, जो सोरायसिस रोग क 7 ), ( 8 ).

      5. ग्रीन टी

      सामग्री:
      • एक ग्रीन टी बैग
      • एक कप गर्म पानी
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • ग्रीन टी बैग को लगभग पांच मिनट के लिए गर्म पानी में डालकर रखें. [19659008] टी बैग को हटा दें और चाय पिएं.
      कितनी बार करें:

      दिन में दो से तीन कप ग्रीन टी पिएं.

      कैसे है लाभदायक:

      ग्रीन टी को अपने एंटीऑक्सीडेंट गुण के लिए जाना जाता है ( 9 ). इसलिए, ग्रीन-टी छाल के लिए के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने है. यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर करने का काम करती है, जो खुजली और जलन कारण बन सकते हैं.

      6. नारियल तेल

      सामग्री:
      • नारियल का तेल
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • नारियल तेल की कुछ बूंदें लें और प्रभावित त्वचा पर लगाकर छोड़ दें.
      कब करें

      यह प्रक्रिया

      कैसे है लाभदायक:

      नारियल तेल को त्वचा के लिए अच्छा माना जाता है. यह मॉइस्चराइजिंग गुण से समृद्ध होता है, जो पपड़ीदार and खुजली वाली त्वचा को आराम देने का काम करता है. Do not hesitate to contact us if you have any questions or suggestions. इसके अलावा, यह तेल प्रभावी एंटीसेप्टिक है, जो सोरायसीस के संक्रमण को करने में मदद करेगा ( 10 )

      7. टी ट्री तेल

      सामग्री:
      • टी ट्री तेल की तीन-चार बूंदें
      • एक बड़ा चम्मच जैतून का तेल
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • टी ट्री तेल में जैतून का तेल मिलाएं.
      • अब तेल को प्रभावित त्वचा पर लगाएं.
      कितनी बार करें:

      दिन में दो से तीन बार इस तेल को लगा सकते हैं.

      कैसे है लाभदायक:

      टी ट्री ऑयल एक खास तेल है, जो एंटीसोरायसिस के रूप में काम करता है. यह चर्म रोग से जल्द छुटकारा दिलाने में मदद करता है. यह एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से भी समृद्ध होता है, जो सूजन और जलन से जल्द राहत दिलाने में मदद करेगा ( 11 ).

      सावधानी: टी ट्री तेल का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें.

      8. डेड सी सॉल्ट / सेंधा नमक

       डेड सी सॉल्टसेंधा नमक

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      सामग्री:
      • एक कप डेड सी सॉल्ट / सेंधा नमक
      • नहाने योग्य गर्म पानी
      • बाथटब
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • बाथटब में नहाने योग्य गर्म पानी डालें और इसमें नमक मिलाएं.
      • इस पानी में लगभग 15-20 मिनट के लिए नहाएं.
      • बाद में बिना नमक वाले पानी से नहा लें. [19659040] कितनी बार करें: [19659046] हर दूसरे दिन यह उपाय

        कैसे है लाभदायक:

        डेड सी सॉल्ट सोडियम और मैग्नीश यम जैसे खनिजों से समृद्ध है. यह सूजन और खुजली वाली त्वचा पर प्रभावी रूप सा काम करता है. इसके अलावा, यह त्वचा को हाइड्रेट करने का काम भी करता है ( 12 ). आप डेड सी सॉल्ट की जगह सेंधा नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सेंधा नमक भी मैग्नीशियम ये समृद्ध होता है ( 13 ), जो छाल के लिए को देखें के लिए सकता है.

        9. जैतून का तेल

        सामग्री:
        • एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून तेल
        कैसे करें इस्तेमाल:
        • जैतून तेल की कुछ बूंदें लें और प्रभावित त्वचा पर लगाएं.
        कितनी बार करें:

        कैसे है लाभदायक:

        सोरायसिस का घरेलू उपचार करने के लिए जैतून का तेल प्रभावी विकल्प हो सकता है.

        कैसे है लाभदायक:

        सुरक्षित है. यह तेल एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो घाव को जल्दी भरने और त्वचा संबंधी परेशानियों से निजात दिलाने का काम करता है ( 14 ). [19659033] 10. अलसी का तेल

        सामग्री:
        • थोड़ा-सा अलसी का तेल
        कैसे करें इस्तेमाल:
        • तेल की कुछ बूंदों को प्रभावित जगह पर लगाएं और छोड़ दें.
        कितनी बार करें:

        Here you can find all the characters you like in

        This is a great place for you to play with, but you can not find it anywhere in the world. अलसी का तेल अल्फा-लिनोलेनिक एसिड, हमेगा -3 फैटी एसिड, टोकोफेरोल और बैंक के है. यह त्वचा के पीएच को संतुलित and हाइड्रेट रखता है. 15 ), ( 16 )

        11. 11. नीम

        सामग्री:
        • नीम का तेल
        कैसे करें इस्तेमाल:
        • नीम के तेल की कुछ बूंदें उंगलियों पर या कॉटल बॉल पर डालकर प्रभावित जगह पर अच्छी तरह लगाएं.
        कितनी बार

        This is a great place for you to play with, but do not hesitate to contact us for more information. त्वचा के लिए नीम का तेल सबसे कारगर हो सकता है. यह एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुणों से समृद्ध होता है, जो त्वचा के जीवाणु संक्रमण को जल्द दूर करने का काम करेगा ( 17 )

        फिश ऑयल

         फिश ऑयल

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        सामग्री:

        फिश ऑयल कैप्सूल

        कैसे करें इस्तेमाल:

        फिश ऑयल कैप्सूल से तेल निकालें और सीधा प्रभावित त्वचा पर लगाएं.

        कितनी बार करें:

        कैसे है लाभदायक:

        सोरायसिस का घरेलू उपचार करने के लिए आप फिश ऑयल प्रयोग में ला सकते हैं. फिश ऑयल ओमेगा -3 और ओमेगा -6 फैटी एसिड से समृद्ध होता है, जिससे त्वचा पर एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पड़ता हैं. सोरायसिस के लक्षण जैसे जलन और सूजन को दूर करने के लिए आप फिश ऑयल का उपयोग कर सकते हैं.

        ओटमील बाथ

        सामग्री:
        • आधा कप ओटमील
        • नहाने योग्य गर्म पानी
        • एक बाथटब
        कैसे करें इस्तेमाल:
        • बाथटब को नहाने योग्य गर्म पानी से भरें और उसमें कोलाइडल ओटमील मिलाएं. अगर आपको कोलाइडल ओटमील नहीं मिलता है, तो आप साबुत ओटमील को पीसकर इस्तेमाल कर सकते हैं.
        • लगभग 15 से 20 मिनट तक इससे स्नान करें. [19659040] कितनी बार करें: [19659046] रोजाना इस उपाय को दोहराएं. [19659047] कैसे है लाभदायक:

          ओटमील एंटी इंफ्लेमेटरी और मॉइस्चराइजिंग गुणों से समृद्ध होता है, जो सोरायसिस से संक्रमित त्वचा को आराम देने का काम कर सकता है ( 18 ). [19659047] 14. बेकिंग सोडा

          सामग्री:
          • आधा कप बेकिंग सोडा
          • नहाने योग्य गर्म पानी
          • बाथटब
          कैसे करें इस्तेमाल:
          • बाथटब को पानी से भर लें और बेकिंग सोडा मिलाएं.
          • अब इस पानी में शरीर को 10 से 15 मिनट तक डूबोकर रखें. [19659040] कितनी बार करें: [19659046] कम से कम तीन सप्ताह तक बेकिंग सोडा के पानी से स्नान करें. [19659047] कैसे है लाभदायक: [19659046] सोरायसिस का उपचार करने के लिए आप बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल गुणों से समृद्ध होता है ( 19 ) ( 20 ), जो सोरायसिस रोग से प्रभावित त्वचा को आराम देने का काम करेगा. [19659033] 15. सोरायसिस के लिए जूस

            क) गाजर

            सामग्री:
            • तीन से चार गाजर
            • 10 पालक के पत्ते
            • एक सेब
            • पानी [19659040] कैसे करें इस्तेमाल:
              • गाजर और पालक को थोड़े पानी के साथ अच्छी तरह ब्लेंड कर लें।
              • अब इस मिश्रण को पिएं।
              कितनी बार करें :

              रोजाना एक बार गाजर का जूस पिएं।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस में आहार के रूप में आप गाजर का सेवन कर सकते हैं। गाजर बीटा-कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होता है (21), जो सोरायसिस के लक्षणों को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है।

              ख) नींबू का रस 

              सामग्री :
              • एक चम्मच नींबू का रस
              • एक गिलास पानी
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • पानी में नींबू का रस मिलाएं और नाश्ते, दोपहर व रात के भोजन से 20 मिनट पहले पिएं।
              • आप नींबू के रस को प्रभावित जगह पर 10 मिनट के लिए लगा भी सकते हैं। इसके बाद गुनगुने पानी से त्वचा को धो लें।
              कितनी बार करें :

              तीन से चार सप्ताह तक नींबू का रस रोजाना पिएं।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस के इलाज के लिए आप नींबू के रस का उपाय कर सकते हैं। नींबू एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से समृद्ध होता है (22), जो सोरायसिस के लक्षण जैस दर्द, सूजन व खुजली से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

              ग) व्हीटग्रास

              ग) व्हीटग्रास

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              सामग्री :
              • आधा कप व्हीटग्रास
              • दो-तीन कप पानी
              • एक चम्मच नींबू का रस
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • व्हीटग्रास को चाकू से काटें और इसे ब्लेंडर में पानी के साथ ब्लेंड करें।
              • अब इस े एक गिलास में छानकर डालें और नींबू का रस मिलाकर पिएं।
              कितनी बार करें :

              रोज सुबह खाली पेट पिएं।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस जैसे चर्म रोगों से बचने के लिए आप व्हीटग्रास जूस का सेवन कर सकते हैं। व्हीटग्रास फ्लेवोनोइड्स और विटामिन-सी व ई से समृद्ध होता है, जो सोरायसिस के लक्षणों को शांत करने का काम कर सकते हैं (23), (24), (25)।

              घ) करेले का जूस

              सामग्री :
              • एक चौथाई कप करेले का जूस
              • आधा कप पानी
              • एक चौथाई चम्मच नींबू का रस
              • एक चौथाई चम्मच शहद
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • पानी में करेले के रस, नींबू के रस और शहद को मिलाएं।
              • सुबह खाली पेट इस मिश्रण को पिएं
              कितनी बार करें :

              कुछ महीनों तक रोजाना इस उपाय को किया जा सकता है।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस का इलाज करने के लिए आप करेले का जूस पी सकते हैं। यह एक प्राकृतिक औषधि है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर कर खून को साफ करती है। यह एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होती है, जो जीवाणु संक्रमण से शरीर को बचाने और जल्द घाव भरने का काम करती है (26)।

              16. विटामिन-डी और विटामिन-ई 

              सोरायसिस ट्रीटमेंट के लिए आप अपने आहार में विटामिन-डी को शामिल कर सकते हैं। यह एक खास पोषक तत्व है, जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से त्वचा की रक्षा करता है (27)। इसके अलावा, विटामिन-ई भी त्वचा के लिए खास माना जाता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम करता है और सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाता है (28)।

              17. नारियल पानी 

              सामग्री :
              • नारियल पानी
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • रोजाना एक गिलास नारियल पानी का सेवन करें।
              कितनी बार करें :

              सोरायसिस के इलाज के लिए कुछ महीनों तक नारियल पानी का नियमित सेवन किया जा सकता है।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस ट्रीटमेंट के लिए नारियल पानी उपयोग में लाया जा सकता है। नारियल पानी का सेवन शरीर को हाइड्रेट करने का सबसे कारगर प्राकृतिक तरीका है (29), जिसका सकारात्मक असर त्वचा पर पड़ता है। इसके अलावा, नारियल पानी पाचन और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है, जिससे शरीर को पोषक तत्व अवशोषित करने में मदद मिलती है।

              18. छाछ

              18. छाछ

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              सामग्री :
              • ताजा छाछ
              • कॉटन बॉल
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • कॉटन बॉल को छाछ में भिगोकर प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें।
              • इसके अलावा, रोजाना एक गिलास छाछ पिएं।
              कितनी बार करें :

              छाछ एक दूध उत्पाद है और दूध उत्पाद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से समृद्ध होते हैं (30)। सोरायसिस के जलन और सूजन वाले लक्षणों को शांत करने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

               सोरायसिस का इलाज जानने के बाद आगे जानिए इससे जुड़े कुछ और टिप्स।

              सोरायसिस के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips for Psoriasis in Hindi

              सोरायसिस के उपचारों के अलावा, आप नीचे बताए जा रहे सुझावों का भी पालन करें :

              • सूर्य की तेज किरणों से बचें। जब भी कड़ी धूप में बाहर निकलें, तो छतरी का इस्तेमाल करें।
              • त्वचा पर किसी भी तरह का घाव या संक्रमण दिखने पर इलाज करवाएं।
              • रोजाना स्नान करें और त्वचा को साफ रखें।
              • खुजली होने पर त्वचा को खरोंचे नहीं, इससे समस्या गंभीर हो सकती है।
              • सोरायसिस के लक्षण दिखने पर डॉक्टरी इलाज या बताए गए घरेलू उपाय करें।

              सोरायसिस में आहार – Diet for Psoriasis in Hindi

              सोरायसिस से पीड़ित व्यक्ति अपने भोजन में उन खाद्य पदार्थों को शामिल करे, जो एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी और विटामिन-सी, ई व डी से समृद्ध हों। हरी-सब्जियों और फलों का सेवन ज्यादा-से ज्यादा करें। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नारियल और फलों का जूस पीते रहें।

              सोरायसिस में आहार के महत्व को जानने के बाद सोरायसिस के दुष्प्रभावों के बारे में बात करते हैं।

              सोरायसिस के दुष्प्रभाव – Side Effects Psoriasis in Hindi

              सोरायसिस से पीड़ित इंसान निम्नलिखित शारीरिक समस्याओं का भी सामना कर सकता है (31) :

              • सोरायसिस अर्थराइटिस, जिसमें जोड़ों में दर्द और सूजन शामिल है।
              • ह्रदय संबंधि रोग
              • म ोटापा
              • उच्च रक्तचाप
              • मधुमेह

              आम खुजली जैसे त्वचा रोगों से अलग सोरायसिस एक गंभीर चर्म रोग है, जो मधुमेह और गठिया जैसी बीमारियों का कारण भी बन सकता है। इसलिए, लेख में बताए गए सोरायसिस के लक्षण दिखने पर तुरंत बताए गए उपचारों का पालन करें और एहतियात के लिए त्वचा विशेषज्ञ से मिलें। आशा है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा, आप अपने सुझाव और त्वचा संबंधी रोगों से जुड़े अनुभव नीचे कमेंट बॉक्स में साझा कर सकते हैं।

              अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

              क्या सोरायसिस वंशानुगत है?

              सोरायसिस, वंशानुगत भी है। अगर परिवार में किसी सदस्य को यह बीमारी रह चुकी है, तो यह संभव है कि यह रोग आपको भी हो सकता है।

              क्या छालरोग संक्रामक है?

              नहीं, सोरायसिस संक्रामक नहीं है। यह संपर्क से नहीं फैलता है।

              क्या सोरायसिस ठीक होने की प्रक्रिया के दौरान खुजली हो सकती है?

              खुजली सोरायसिस के मुख्य लक्षणों में से एक है। जब सोरायसिस से प्रभावित त्वचा ठीक होने लगती हैं, तो खुजली भी कम होने लगती है।

              क्या सोरायसिस के चकत्ते मिट जाते हैं?

              प्रभावी उपचार के कारण सोरायसिस के चकत्ते काफी हद तक मिट जाते हैं, लेकिन इसमें कुछ महीने या अधिक समय भी लग सकता है।

              क्या लेजर उपचार से सोरायसिस दूर हो सकता है?

              जी हां, अल्ट्रावायलेट (यूवी) बी 308-एनएम एक्साइमर लेजर थेरेपी के जरिए सोरायसिस का उपचार किया जा सकता ह (32)।

              क्या सोरायसिस अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़ा है?

              सोरायसिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो आसानी से अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों का कारण बन सकती है, जैसे सोरायसिस गठिया व मधुमेह आदि (31)।

              संबंधित आलेख

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    लू लगने (हीट स्ट्रोक, सन स्ट्रोक) के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Heat Stroke Symptoms and Home Remedies in Hindi

    लू लगने (हीट स्ट्रोक, सन स्ट्रोक) के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Heat Stroke Symptoms and Home Remedies in Hindi


    Strong sunlight is most likely to appear in the sun. This is the most serious problem in the summer that can have fatal consequences. March to June is the most endangered. According to the report, Lou may be mentally ill, and cause death (19459002) 1 ). In this case, it is very important to know about this and how to prevent it. Because of this article, we tell you about the symptoms and its different home remedies. First of all, what should he do? What is a heat stroke or a lion – what a heat stroke in Hindi

    The temperature inside the body can be controlled to a limit. When our body heats up, the body decreases the temperature by sweating, but when the environment becomes very hot, the body's cooling system becomes inactive and the body temperature begins to rise. Therapeutic hemorrhoid or heat stroke is a condition where the body temperature reaches 41 ° C or more and the victim becomes unconscious. If the victim was not given first aid at that time, then he may also die ( 2 ).

    Having known the stroke, he knows more about the causes of the loss.

    Because of the cause – the causes of the Hindu Sunbeam

    It is not that the sun sets in the sun, there may be the following causes 3 water in the body.

  • Works hard in the sun.
  • Summer Drinking Alcohol.
  • Hot and crowded terrain.
  • Burning fire.
  • Heat Stroke Symptoms in Hindi

    Someone It is very important to identify the person who is stronger. Below are signs of loneliness ( 4 ).

  • The body is very hot
  • The head is very hot
  • The head of dizziness
  • Loss of mental equilibrium
  • The skin is red, dry or scorched
  • due to the solar shock and how to treat it.

    Heat Stroke Empirical Home Remedies For Lun Among – Home Heat Stroke In Hindi

    Better Than Sun Stroke Sh Man Do not Immediately Liquid, And Move It To A Cool Place And call the ambulance for medical treatment ( 4 ). The domestic remedies described here can be supported if there is a lamb.

    1. Onion Juice

      1. Onion juice

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    Ingredients:
    • Onion juice [19659907] Cinnamon on a teaspoon of cumin [196590029] use in two ways –

      • Remove the onion juice and leave it behind the victim's ears, legs and chest.
      or
      • Take a small incision Serve cumin and sugar from the top.
      • Fry it for three to four minutes.
      • Feed him to the victim by gently cooling.
      How often:

      The use of onion juice is a condition for a heat stroke. Do one at a time. At the same time, the second drug can be given once or twice a day for several days.

      How useful:

      According to Greek scientists, during the heat stroke the onion should be used to reduce the body temperature of the patient. can. This drug can be a good option for quick relief for the sufferer ( 5 ). Also, be sure to take the patient to a doctor as a precautionary measure.

      2. Coriander Water

      Ingredients:
      • Coriander Bouquet
      • How to use a pinch of sugar
      :
      • Clean the leaves and the ground with a little water.
      • Now take a clean cotton cloth and squeeze it into granulated coriander.
      • Add some sugar to it and chill it in the fridge for a few minutes and drink it.
      How often:

      Once a day Take this juice of this type of juice

      How useful:

      Coriander is known for its cold wave 6 the influence of body temperature and the effects of dehydration. It can be done to reduce. In addition, coriander leaves are rich in nutrients such as potassium and sodium (important elements of the electrolyte) 7 ), which can help to create fluid balance in the patient's body during 8 )

      3. Buttermilk

        3. </h5>
<ul>
<li>  Shutterstock </p>
</div>
<h5>  Ingredients: </h5>
<ul>
<li>  Two tablespoons of curd </li>
<li>  Chips of water </li>
<li>  Stink of salt </li>
<li>  and cumin dust and mix well </li>
<li>  Keep it in the fridge and drink it. </li>
</ul>
<h5>  How often: </h5>
<p>  1-2 cups a day in the summer Drink buttermilk. </p>
<h5>  How useful: </h5>
<p>  As a tool for heat stroke You can eat buttermilk. In summer, the residue prevents dehydration and pulls the body out of heat. It is also rich in probiotics, proteins, minerals and vitamins that can work to supply the patient's body during the lun (19459030) 9 </a>. Cold water </h3>
<h5>  Cold water </li>
<li>  Bathtub </li>
</ul>
<h5>  Directions for use: </h5>
<p>  Fill the bathtub with cold water and take a bath for 15 to 20 minutes. Do this: </h5>
<p>  This is a first aid measure and can be used before the patient is taken to the hospital for treatment. It can help to reduce (19459029] 10 [194590] </p>
<p>  <strong> Warning: [1 9459009] Do not use ice cold water as this can cause a significant decrease in body temperature and other complications </p>
<h3>  5. Essential oil </h3>
<div id=  5. Essential oil

      Shutterstock

      Ingredients: [1 9659031] Two or three drops of peppermint oil [1 9659008] Two drops of lavender oil
    • Two tablespoons olive oil or almond oil
    How to use:
    • Mix the peppermint oil with olive oil or almond oil
    • Put this oil mixture well on the back of the neck and the soles and wrists
    How often:

    When body temperature is taking this measure more and more

    How profitable

    Lavender oil can heal not only sunburn, but also skin irritation some reason ( 11 .) On the other hand, peppermint oil on the other hand cools on the body and helps to reduce the temperature ( 12 ). This drug can be taken as a means of lucification.

    6. Chinese medicine

    Ingredients: [1 9659031] One cup of dry mono dag
  • Three glasses of water
  • How to use
    • Boil mung and keep it cool.
    How often:

    Drink the water of the peas while you feel nasty.

    How useful:

    Moong is a special pulse that is also used in traditional Chinese medicine. Moong dal can be used to relieve heat from the affected body and to release from dehydration ( 13 ). Tamarind juice

    Ingredients: 15 grams of tamarind
  • 200 ml of water
  • Three plums
  • How to use:
    • Tamarind is stored in boiling water for a while. 19659008] After cutting, place it in 200 ml of water for 1 hour and leave it.
    • Now filter the water and drink it cold.
    How often do you

    Take this medicine when the symptoms of Lou appear.

    How Efficient: [1965] 9035] According to Greek scientists, this medicine can be used to lower the temperature of the patient's body during a heat stroke (19459023) 5 ). This type of tamarind will also be used to hydrate the body.

    8.

    Composition:
    • A cup of cold water
    • Teaspoon of apple cider vinegar
    How to use:
    • Mix vinegar with water and drink it.

      Dazzling a sun or a drink when you feel weak

      How useful:

      As a heat crusher, apple cider vinegar can be an effective alternative. It is rich in antioxidant properties and works efficiently by mixing it with water. You can take this medicine to avoid excessive heat and dehydration ( 14 ), ( 15 )

      9. Sandalwood paste

        9. Sandstone Wood Paste

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      Ingredients:
      • Chandan Powder Three-Four Spoon
      • According to the Water Requirement
      How to Use:
      • . Put on the forehead and chest and leave for one or two hours.
      How often:

      Apply once to reduce the symptoms of a sunburn.

      How useful:

      As a diluent you can use sandal paste No. Sandalwood is known for its soft properties, whose paste can be used to remove heat from the affected skin and eliminate symptoms such as headaches (19459039) 16 ). In addition to the treatment you have received, follow the following tips:

      Avoid some tips and hints for a heat stroke

      • While leaving the sun, always keep your head with a shawl or hat capUndere you can also use umbrellas.
      • Drink lots of water, especially in the summer. The water will hydrate your body and keep the body cool.
      • To control body temperature, drink lemonade or buttermilk
      • Wear broad and cotton clothes in the summer.
      • In the summer. Wear bright clothes as they absorb less heat.
      • Do not work or train in strong sun
      • Sleeps at least 6-7 hours each day and contains vitamins, minerals and proteins. Eat a balanced diet.

      To get all the necessary information that is related to a heat stroke will become known. If you or your family member is experiencing Lou's symptoms, be sure to follow the necessary treatment and methods that should be avoided. This problem can happen to everyone around you, so do not limit this information to yourself but share it with others.

      Frequently Asked Questions:

      What are the long-term effects of the heat stroke?

      Long-term effects of heat stroke may follow. ) –
      • Seizure, coma and stroke, etc.
      • Which foods should not be consumed to avoid heat stroke, liver, kidney and heart damage

      ?

      To avoid thermal shock, avoid the following foods:
      • Fried foods
      • Food products that increase body temperature such as garlic and carnation, etc.
      • Vegetables such as radishes and mustard, etc.
      • Hot foods such as meat, alcohol, tea and coffee

      What is First Aid Heat Treatment?

      After calling for emergency medical assistance, follow the following points (4):
      • Take the victim in a cool place.
      • Remove all unnecessary clothing so that the skin can go outdoors.
      • Sprink cold water throughout the body.
      • Do not deliver liquid immediately to the unconscious person with a heat stroke

      What is the time to restore the heat stroke?

      After recruiting in the hospital, it may take one to two days to recover from the heat stroke. ,

      At what temperature is the heat stroke? When the body temperature reaches 41 ° C or higher, it is considered a heat stroke

    मलेरिया के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Malaria Symptoms and Home Remedies in Hindi

    मलेरिया के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज – Malaria Symptoms and Home Remedies in Hindi


    क्या आपको पता है कि छोटा-सा मच्छर भी आपकी जान का दुश्मन बन सकता है? मच्छर से कई तरह की बीमारियां होती है और मलेरिया उन्हीं में से एक है. मलेरिया के कारण कई हैं, लेकिन गंदगी सबसे बड़ा कारण है. आसपास फैली गंदगी से मच्छर होते हैं और यही मच्छर मलेरिया रोग का कारण बनते हैं. अगर वक्त रहते मलेरिया का इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है. स्टाइलक्रेज के इस लेख में के लिए में बेरिया के लक्षणों के बारे में बताएंगे, बल्कि मलेरिया से बचाव के लिए मलेरिया का इलाज भी बताएंगे. मलेरिया रोग से जुड़ी तमाम जानकारियों के लिए पढ़ें यह आर्टिकल.

    मलेरिया क्या है – What is Malaria in Hindi

    अगर लोगों से पूछा जाए कि मलेरिया क्या है, तो कई लोग यही कहते हैं कि मलेरिया एक तरह का बुखार होता है, जो मच्छर के काटने से होता है. इसमें मरीज को ठंड लगती है और तेज बुखार आता है. हालांकि, यह सही है, लेकिन यह पूरी तरह से मलेरिया की परिभाषा नहीं है. इससे पहले कि आप मलेरिया के लक्षणों को जानें, आपका यह जानना जरूरी है कि मलेरिया क्या है? 'मलेरिया' इटालियन शब्द 'माला आरिया' से लिया गया है, जिसका अर्थ है खराब हवा, क्योंकि पहले ऐसा माना जाता था कि यह खराब हवा के कारण होता है, लेकिन ऐसा नहीं है.

    चिकित्सकीय रूप से मलेरिया एक प्रोटोजोआ परजीवी (जो दूसरे जीवों पर आश्रित होते हैं) के कारण होने वाली संक्रामक बीमारी है. मादा एनोफिलीज मच्छर इस परजीवी के लिए वाहक काम करते हैं. मादा मच्छर स्थिर पानी में प्रजनन कर, परजीवी को मनुष्य तक फैलाते हैं. जब ये मच्छर किसी व्यक्ति को काटते हैं, तो परजीवी उसके शरीर में प्रवेश करता है और शुरू में कुछ दिनों के लिए लिवर में बढ़ने लगता है. फिर यह लाल रक्त कोशिकाओं को क्षति पहुंचना शुरू करते हैं. ऐसा ज्यादातर गर्म स्थानों में होता है, जिस कारण गर्म जगहों पर रहने वाले लोग इससे जल्दी प्रभावित हो जाते हैं ( 1 ) ( 2 ). [19659004] नीचे हम आपको मलेरिया से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

    मलेरिया के कुछ रोचक तथ्य

     Some interesting facts about malaria

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    इससे पहले कि आप मलेरिया के प्रकार और लक्षणों को जानें, आप मलेरिया से जुडी कुछ रोचक बाते जान लें.

    • हर वर्ष 25 अप्रैल को व िश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है.
    • विश्व मलेरिया दिवस का उद्देश्य लोगों को मलेरिया जैसी बीमारी से जागरूक कराना है.
    • आपको जानकर हैरानी होगी कि मलेरिया मादा मच्छर के काटने होता है.
    • मादा मच्छर एक बार में 300 या उससे अधिक अंडे दे सकती है.
    • अंडों से निकलने के बाद मच्छर शुरुआत के कुछ दिन पानी में ही बिताते हैं.
    • संक्रमण फैलाने के लिए एनोफिलीज मच्छर की तीन अलग-अलग प्रजातियों क जिम्मेदार पाया गया है.
    • जब एक गर्भवती महिला को यह संक्रमण होता है, तो इसके परिणामस्वरूप जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है. यहां तक ​​कि शिशु की जान को खतरा भी हो सकता है.

    मलेरिया के प्रकार भी होते हैं, जिसके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं.

    मलेरिया के प्रकार – Types of Malaria in Hindi

    कई लोगों को लगता होगा कि मलेरिया बस एक ही बीमारी, लेकिन इसके कई प्रकार भी होते हैं. नीचे हम आपको मलेरिया के प्रकार के बारे में बता रहा हैं. संक्रमण की गंभीरता के आधार पर, दो प्रकार के मलेरिया होते हैं – अनकॉमप्लिकेटेड मलेरिया और सीवियर मलेरिया

    1. अनकॉमक्लिकेटेड मलेरिया (Uncomplicated Malaria)

    • इसमें मलेरिया का बुखार तीन तरीके से हो सकता है ( 3 ): [19659011] ठंड लग के या कंपकंपी के साथ,
    • गर्मी लग के बुखार या फिर [19659011] पसीने और थकान के साथ बुखार की समस्या हो सकती है.

    इस प्रकार के मलेरिया के लक्षण हम नीचे आपके साथ शेयर कर रहे हैं.

    • बुखार
    • ठंड लगना
    • पसीना
    • सिरदर्द [19659011] See also
    • थकान
    • शरीर में दर्द
    • जोड़ों का दर्द
    • भूख म ं कमी
    • डायरिया

    नोट: जिन देशों में मलेरिया के मामले अधिक नहीं होते हैं, वहां इन लक्षणों को इन्फ्लुएंजा, सर्दी या अन्य सामान्य संक्रमणों के तौर पर देखा जाता है.

    2 . सीवियर मलेरिया

    यह मलेरिया का सबसे गंभीर रूप होता है. यह तब होता है जब मलेरिया शरीर के विभिन्न अंगों में फैलकर उन्हें प्रभावित करने लगता है. इसमें कई अंग काम करना बंद कर देते हैं और इससे भी अधिक गंभीर लक्षण हो सकते हैं. इस मलेरिया के कुछ और लक्षण हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं ( 3 ): [19659010] सेरेब्रल या दिमागी मलेरिया – दौरे आना, कोमा व अन्य न्यूरोलॉजिकल असामान्यताएं [19659011] गंभीर एनीमिया [19659011] रक्त जमावट की निम्न रक्तचाप

    सुरक्षित में असामान्यताएं

  • किडनी की समस्या
  • श्वसन संबंधी समस्याएं
  • सुरक्षित हैं. सीवियर मलेरिया के लिए तुरंत इलाज बहुत जरूरी है.

    मलेरिया के कारण – Causes of Malaria in Hindi

    मलेरिया के प्रकार जानने के बाद आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि मलेरिया के कारण क्या हैं. ज्यादातर लोग मलेरिया के कारण को सरल भाषा में यही कहते हैं कि मच्छरों के कारण मलेरिया होता है. मलेरिया प्रोटोजोआ परजीवी के कारण होता है, जिसे प्लास्मोडियम कहा जाता है. इस परजीवी की पांच प्रमुख प्रजातियां हैं, जो मनुष्यों को संक्रमित करती है.

    प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (Plasmodium falciparum) – अफ्रीका में प्रमुख
    प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (Plasmodium falciparum) – अंग्रेजी में प्रमुख [
    प्लास्मोडियम विवैक्स (Plasmodium vivax) – एशिया, लैटिन अमेरिका and अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में प्रमुख
    प्लास्मोडियम ओवले (Plasmodium ovale) – पश्चिम अफ्रीका और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख
    प्लास्मोडियम मलेरिया (Plasmodium malariae) – दुनिया भर में प्रमुख
    प्लास्मोडियम नॉलेसी (Plasmodium knowlesi) – दक्षिण पूर्व एशिया में प्रमुख ( 4 )

    आगे जानिए मलेरिया के लक्षण. [19659002] मलेरिया के लक्षण – Symptoms of Malaria in Hindi [19659051] Symptoms of Malaria in Hindi ” width=”700″ height=”450″ />

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  • This is the only way to get your hands on the shutterstocks (Shutterstocks) to get the hang of it. इनमें से कोई भी लक्षण नजर आने पर आप डॉक्टर से संपर्क करें.

    • तेज सिरदर्द
    • उल्टी या जी-मिचलाना
    • तेज बुखार
    • ठंड लगकर बुखार आना
    • बुखार देर तक रहना
    • बार -बार प्यास लगना
    • हाथ-पैर में ऐंठन
    • थकान या कमजोरी महसूस होना
    • घबराहट या बेचैनी महसूस होना
    • बहुत ज्यादा ठंड लगना
    • खून की कमी

    बेशक, मलेरिया का नाम लोगों में डर पैदा कर देता है, लेकिन निर्धारित दवाओं और घरेलू उपच र से इसका इलाज संभव है. इसलिए, आगे लेख में हम मलेरिया उपचार के बारे में बात करेंगे.

    मलेरिया का घरेलू इलाज – Home Remedies for Malaria in Hindi

    इसमें कोई दो राय नहीं है कि अगर वक्त रहते मलेरिया का इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. फिर भी मलेरिया का इलाज आसानी से संभव है. आजकल डॉक्टर भी मलेरिया प्राकृतिक एवं घरेलू उपचार की सलाह देते हैं के लिए दवाई के साथ-साथ. यहां हम आपको मलेरिया से बचाव के लिए कुछ घरेलू उपचार बता रहे हैं.

    1. अदरक

     Ginger

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    अदरक लगभग हर रसोई में पाया जाता है. वर्षों से खाने में स्वाद का तड़का लगाने वाला अदरक गर्नुहोस् के लिए गर्नुहोस्, बनाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. अदरक का उपयोग आप मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से जल्द छुटकारा पाने के लिए भी कर सकते हैं. नीचे जानिये कैसे –

    सामग्री:

    • एक इंच अदरक का टुकड़ा
    • एक या डेढ़ कप पानी

    बनाने और सेवन करने की विधि:

    • अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में थोड़ी देर के लिए उबाल लें.
    • फिर इसे छान लें और थोड़ा ठंडा कर पिएं.
    • स्वाद के लिए आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं.

    कैसे फायद

    आप हो के लिए के लिए

    कैसे फायद मंद है?

    अदरक में मौजूद घटक जैसे – जिन्जेरॉल (gingerol) में एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. इसमें मौजूद ये गुण मलेरिया के दौरान होने वाले दर्द व मितली से राहत दिला सकते हैं. साथ ही पाचन शक्ति को भी बढ़ा सकते हैं. (19459027) 5 ) ( 6 ) ( 7 ). [[19659020] 2. तुलसी

    भारत में सदियों से तुलसी का उपयोग निर्फ पूजा के लिए, बल्कि औषधि के रूप में भी किया जाता आ रहा है. चाहे सर्दी-जुकाम हो या किसी प्रकार का दर्द, इसके लिए तुलसी का काढ़ा, तुलसी की चाय व तुलसी के पत्ते हर तरह फायदेमंद हैं. ठीक उसी तरह यह मलेरिया में भी कारगर साबित हो सकती है. नीचे जानिए मलेरिया में तुलसी के उपयोग की विधि.

    सामग्री:

    • 12 से 15 तुलसी के पत्ते [19659011] आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर

    बनाने और सेवन करने की विधि

    • पत्तियों को कुचल लें और फिर इन्हें नीचोड़ कर रस निकाल लें.
    • इस रस में काली मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरीके से मिलाएं.

    कितनी बार सेवन करें? [19659004] This is a great place to start an appointment with

    . 4] कैसे फायदेमंद है?

    This is a great place to go and find out how to make a lot of fun and enjoyment. इसमें एंटी-मलेरिया गुण होता है. संक्रमण के दौरान नियमित रूप सेवन करने पर मतली, उल्टी, दस्त व्यक्तिक लेक्स के लिए है ( 8 )

    3. पपीता का पत्ता

     Papaya leaf

    Shutterstock

    प्रकार का पत्ता

     प्रकार गर्नुहोस्. यह पेट से लेकर त्वचा तक के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पत्ते भी लाभकारी होते हैं. डेंगू के वक्त पपीते के पत्ते के रस का सेवन करने के बारे में आपने सुना ही होगा, लेकिन ये मलेरिया में भी बहुत लाभकारी हैं. </p>
<p> <strong> सामग्री: </strong> </p>
<ul>
<li> चार से छह ताजे पपीते के पत्ते [19659011] शहद (स्वादानुसार) </li>
</ul>
<p> <strong> बनाने और सेवन करने की विधि: </strong> </p>
<ul>
<li> पपीते के पत्तों को अच्छी तरह से धो लें. </li>
<li> धोने के बाद इनको छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. </li>
<li> फिर पत्तों का रस निकाल लें. </li>
<li> रस निकालते वक्त आप गर्म प नी का उपयोग करें. </li>
<li> उसके बाद आप इसमें स्वाद के लिए शहद मिला सकते हैं. </li>
<li> फिर इसका सेवन करें. </li>
<li> अगर आप एक बार में इसका सेवन नहीं कर सकते हैं, तो एक बोतल में इसे डालकर फ्रिज में रख लें. </li>
<li> जब भी इसका उपयोग करें, उससे पहले बोतल को अच्छी तरह हिला लें. </li>
<li> ध्यान रहे कि इसे ज्यादा दिनों के लिए फ्रिज में स्टोर न करें. </li>
<li> कोशिश करें कि उतना ही बनाए, जितनी जरूरत हो. </li>
</ul>
<p> <strong> कितनी बार सेवन करें </strong> </p>
<p> आप दिनभर में एक से दो बार इस जूस का सेवन करें. </p>
<p> अगर आप जूस का सेवन नहीं करना चाहते, तो आप पपीते के पत्ते की चाय भी बना सकते हैं. </p>
<h4> चाय के लिए – [19659117] सामग्री: </strong> </p>
<ul>
<li> लगभग चार से छह ताजा पपीते के पत्ते </li>
<li> नींबू (आवश्यकतानुसार) </li>
<li> शहद (स्वादानुसार) </li>
</ul>
<p> <strong> बनाने और सेवन करने की विधि: </strong> [19659010] There are currently no product reviews उबालें (आप इसमें नींबू के दो से तीन टुकड़े भी मिला सकते हैं) और छान लें. [19659011] आप इसमें स्वादानुसार शहद भी मिला सकते हैं. </li>
</ul>
<p> <strong> कितनी बार सेवन करें? </strong> </p>
<p> आप दिनभर </p>
<p> <strong> कैसे फायदेमंद है? </strong> </p>
<p> प्रकार का पत्ता एंटी-मलेरिया की तरह काम करता है. पश्चिमी कैमरून में पपीते के पत्ते और लेमन ग्रास को मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया जाता है, जिसे मरीजे को पीने के लिए दिया जाता था. हालांकि, इस पर अभी और शोधा होना बाकी है. इसके अलावा, पपीता का भी सेवन मलेरिया के दौरान लाभकारी हो सकता है, क्योंकि कई बार मलेरिया में खून की कमी हो जाती है और ऐसे में पपीते का सेवन फायदेमंद हो सकता है (<a href= 9 ).

    4 . मेथी

    मेथी के सेवन से डायबिटीज से लेकर कई अन्य बीमारियों तक से राहत मिल सकती है. मलेरिया भी उन्ही में एक है. नीचे जानिए मलेरिया में मेथी का सेवन कैसे करें –

    सामग्री:

    • थोड़ा मेथी दाना
    • एक गिलास पानी

    बनाने और सेवन करने की विधि: [19659010] रातभर मेथी दानों को पानी में भिगोकर रखें.

  • फिर सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन करें.
  • कितनी बार सेवन करें?

    जब तक मलेरिया ठीक न हो जाए, इसका

    कैसे फायदेमंद है?

    बुखार के कारण मलेरिया के रोगी अक्सर कमज री महसूस करते हैं. इस कमजोरी से निपटने के लिए मेथी के दाने सबसे अच्छा प्राकृतिक उपचार हैं. ये आपकी इम्यून सिस्टम को बढ़ाते हैं और परजीवियों से लड़र मलेरिया जल्दी होने में मदद करते हैं. ये एंटी-प्लाज्मोडियल की तरह काम कर मलेरिया से राहत दिला सकते हैं. 10 ) ( 11 )

    5. 5. दालचीनी

     Cinnamon

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    खाने का जायका बढ़ाना हो, तो दालचीनी अच्छा मसाला है. साथ ही यह मलेरिया में भी लाभकारी है.

    सामग्री:

    • एक चम्मच दालचीनी पाउडर
    • एक चुटकी काली मिर्च पाउडर
    • एक चम्मच शहद
    • एक गिलास पानी

    बनाने और सेवन करने की विधि:

    • दालचीनी पाउडर और काली मिर्च पाउडर को कुछ मिनट के लिए पानी में उबालें.
    • फिर पानी को छानकर उसमें शहद मिला लें.

    कितनी बार सेवन करें?

    आप इसका दिनभर के लिए सकते हैं [196590] 04] कैसे फायदेमंद है?

    मलेरिया के लक्षणों के इलाज के लिए दालचीनी भी प्रभावी घरेलू उपचार है. दालचीनी में मौजूद सिनामाल्डिहाइड (cinnamaldehyde), प्रोसीएनिडिन्स (procyanidins) और कैटेकिन (catechins) में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं. दालचीनी प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (Plasmodium falciparum) के लिए रूकावट का काम करता है. 12 ) ( 13 ).

    6. सागर गोटा

    सागर गोटा एक जड़ी-बूटी है, जिसका इस्तेमाल भारत and अन्य देशों में उपचार के लिए किया जाता है. यह मलेरिया के उपचार में भी काफी फायदेमंद है.

    सामग्री

    • तीन ग्राम सागर गोटा के बीज
    • एक कप पानी

    बनाने और सेवन करने की विधि:

    • इन बीजों को बुखार होने की आशंका होने पर पानी के साथ लें और बुखार होने के एक घंटे बाद भी लें.

    कितनी बार सेवन करें?

    मलेरिया के कारण होने वाले बुखार से पहले और बाद में लें।

    कैसे फायदेमंद है?

    सागर गोटा पौधे के बी मलेरिया के लिए प्रभावी उपाय माने गए हैं। यह एक दुर्लभ पौधा है। यह आपको हर्बल दुकानों में मिल जाएगा। इसमें मौजूद एंटी-मलेरिया और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण मलेरिया से जल्द राहत पाने में मदद मिल सकती है (14)।

    7. चकोतरा

    Seasonal or grapefruit

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    कई बार आपने बड़े नींबू देखे होंगे, जिन्हें चकोतरा या ग्रेपफ्रूट कहते हैं। संतरे और नींबू के प्रजाति का यह फल खट्टा होने के साथ-साथ इसमें हल्की मिठास भी होती है। वजन कम करना हो, थकान दूर करनी हो, पाचन बढ़ाना हो या अन्य कोई शारीरिक समस्या दूर करनी हो, यह लाभकारी हो सकता है। उसी तरह यह बुखार और मलेरिया पर भी असर कर सकता है।

    सामग्री :

    • एक चौथाई चकोतरा
    • पानी

    बनाने और सेवन करने की विधि :

    • चकोतरे को उबाल लें।
    • फिर इसे छानकर इसका सेवन करें।

    कितनी बार सेवन करें?

    आप हर दिन इसका सेवन कर सकते हैं।

    कैसे फायदेमंद है?

    अगर मलेरिया के दौरान इसका जूस लिया जाए, तो इससे मलेरिया की दवाई- अर्टेमेथर का प्रभाव बढ़ाने मे मदद मिल सकती है (15)। हालांकि, इस पर अभी और अध्ययन की जरूरत है, लेकिन अगर आप विटामिन-सी युक्त किसी फल का सेवन करते हैं, तो उससे पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

    8. सेब का सिरका

    सेब तो फायदेमंद होते ही हैं, लेकिन सेब का सिरका भी लाभकारी होता है। कई घरों में खाना बनाने और अन्य कामों में सेब के सिरके को उपयोग किया जाता रहा है। एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। इसका उपयोग मलेरिया में भी किया जा सकता है, जिसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं।

    सामग्री :

    • आधा कप सेब का सिरका
    • दो से तीन गिलास पानी
    • दो मुलायम कपड़े या तौलिये

    बनाने और सेवन करने की विधि :

    • सेब के सिरके को अच्छे से पानी में घोल लें।
    • अब उसमें कपड़े के टुकड़े को भिगो दें।
    • फिर इसे भीगे कपड़े को पैर के पीछे वाली मांसपेशियों पर रखें, जिसे काफ (calf muscle) कहते हैं।

    कितनी बार प्रयोग करें?

    मलेरिया के दौरान बुखार होने पर इससे सिकाई करें।

    कैसे फायदेमंद है?

    सेब के सिरके में एंटीबायोटिक होते हैं, जो कई बीमारियों से बचाव कर सकते हैं और मलेरिया में इसके प्रयोग से आराम मिल सकता है। एंटीबायोटिक और एंटी-मलेरिया दवाइयों से मलेरिया का प्रभाव काफी हद तक कम हो सकता है (16) (17)।

    9. नींबू का रस

    Lemon juice

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    वजन घटाना हो, तो नींबू पानी का सेवन किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मलेरिया भगाना हो तो भी नींबू पानी का सेवन किया जा सकता है। मलेरिया में नींबू पानी बहुत ही असरदार काम करता है। मलेरिया में किस तरह नींबू पानी का सेवन करें, उसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं –

    सामग्री :

    • एक नींबू
    • एक गिलास गर्म पानी

    बनाने और सेवन करने की विधि :

    • एक गिलास गर्म पानी में नींबू का रस निचोड़कर उसका सेवन करें।
    • ध्यान रहे पानी ज्यादा गर्म न हो, बल्कि गुनगुना हो।

    कितनी बार सेवन करें?

    आप बुखार के वक्त एक से दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।

    कै े फायदेमंद है?

    हर किसी को पता होगा कि नींबू पानी शरीर के विषैले पदार्थों को निकाल सकता है। ठीक उसी तरह अगर मलेरिया में दवाइयों के साथ नींबू का जूस लिया जाए, तो यह शरीर से मलेरिया के परजीवी को निकालने में ज्यादा तेजी से असर कर सकता है (18)। फिर भी इसे प्रयोग करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें।

    10. फिटकिरी

    कटने पर खून बंद करना हो या दांत दर्द ठीक करना हो फिटकिरी का इस्तेमाल कारगर साबित होता है। इसके अलावा, फिटकिरी का प्रयोग मलेरिया के दौरान भी कर सकते हैं, नीचे जानिए कैसे –

    सामग्री :

    • एक इंच फिटकिरी
    • चीनी

    बनाने और सेवन करने की विधि :

    • पहले फिटकिरी को भूनकर पाउडर बना लें।
    • अब इसको दो ग्राम चीनी के साथ मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें।
    • बुखार आने की आशंका होने पर आधा चम्मच इस मिश्रण का सेवन करें।
    • इसके अलावा, बुखार होने पर हर दो घंटे में आधा चम्मच ल ं (19)।

    कितनी बार सेवन करें?

    लक्षणों से तत्काल राहत के लिए मलेरिया के बुखार के पहले और बाद में इसका सेवन करें।

    कैसे फायदेमंद है?

    फिटकरी में मॉस्किटो लार्विसाइडल (Mosquito larvicidal) क्षमता होती है, जो मलेरिया फैलाने वाले मच्छर एनोफीलज (Anopheles) को निशाना बनाकर मलेरिया से छुटकारा दिला सकते हैं (20)।

    नोट: इसका सेवन और इसकी मात्रा के बारे में एक बार डॉक ्टर से जरूर पूछ लें, क्योंकि हर किसी का शरीर और उनकी जरूरत अलग-अलग होती है। इसके अलावा, अगर आपको एलर्जी की परेशानी है, तो भी इसका सेवन विशेषज्ञ की राय के बाद ही करें।

    11. ग्रीन टी

    Green tea

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    वजन घटाना हो या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी हो, तो ग्रीन-टी ही काम आती है। इतना ही नहीं, मलेरिया का इलाज करना हो, तो भी यह असरदार साबित हो सकती है।

    सामग्री :

    • एक ग्रीन टी बैग
    • एक इमली का छोटा टुकड़ा
    • एक कप गर्म पानी

    बनाने और सेवन करने की विधि :

    • गर्म पानी में ग्रीन टी बैग और इमली को भिगोएं।
    • अब टी बैग को निकालें और चाय को छानें।
    • फिर इसका सेवन करें।

    कितनी बार सेवन करें?

    हर रोज दो बार इस हर्बल चाय का सेवन करें।

    कैसे फायदेमंद है?

    ग्रीन टी में मौजूद एंटी-मलेरिया गुण मलेरिया से राहत दिला सकता है (21)। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्यून सिस्टम को स्वस्थ करता है और अन्य बीमारियों से भी बचाव कर सकता है (22)।

    12. कलौंजी या काला जीरा

    सरसों के तेल, खासकर के काले सरसों के बीज में एंटी-मलेरियल गतिविधि पाई गई है। इसे खाना पकाने के तेल के रूप में उपयोग करके या इसे एक स्मूदी में मिलाकर अपने दैनिक आहार में शामिल किया जा सकता है। इससे आपके शरीर को संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ने में मदद मिल सकती है। यह तेल आपके डॉक्टर द्वारा निर्धारित मलेरिया दवाओं के लिए एक अद्भुत सप्लीमेंट के रूप में कार्य कर सकता है। यह मलेरिया की दवाई जैसे – क्लोरोक्वीन के असर को बढ़ाने में मदद कर सकता है। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण मलेरिया के प्लाज्मोडियम संक्रमण से भी लड़ सकता है (23) (24)।

    13. चिरायता

    Chirahta

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    संभव है कि आप में से कुछ लोगों ने चिरायता का नाम सुना होगा। चिरायता एक प्रकार की जड़ी-बूटी है। सर्दी-खांसी हो, भूख बढ़ानी हो या अन्य कोई समस्या ठीक करनी हो, चिरायता बहुत फायदा करता है। स्वाद में भले ही यह कड़वा हो, लेकिन यह गुणों का खजाना है और मलेरिया में भी बहुत कारगर काम कर सकता है। नीचे हम चिरायता का काढ़ा बनाना बता रहे हैं।

    सामग्री :

    • 15 ग्राम चिरायता
    • 250 मिलीलीटर पानी
    • दो लौंग
    • एक चम्मच दालचीनी पाउडर

    बनाने और सेवन करने की विधि :

    • चिरायता को लौंग और दालचीनी के पाउडर के साथ गर्म पानी में डालकर दो से तीन मिनट तक रहने दें।
    • अब इसे छान लें और तीन चम्मच मिश्रण का सेवन करें।

    कितनी बार सेवन करें?

    आप दिनभर में चार से छह बार सका सेवन करें।

    कैसे फायदेमंद है?

    चिरायता में मौजूद एंटी-मलेरिया गुण मलेरिया को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। कई वर्षों से इसे मलेरिया, एनीमिया, लिवर, बुखार और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए औषधि के रूप में उपयोग किया जाता आ रहा है (25)।

    14. नीम

    आसानी से पाया जाने वाला नीम, भले ही बहुत सामान्य हो, लेकिन अगर बात करें इसके गुणों की, तो इसकी कोई तुलना नहीं की जा सकती है। नीम को न सिर्फ औषधि की तरह, बल्कि खाने में भी उपयोग किया जाता है। कई लोग नीम को बैंगन के साथ फ्राई करके भी खाते हैं। मलेरिया जैसी बीमारी से भी राहत दिलाने में भी नीम मदद कर सकता है। नीचे जानिए मलेरिया के वक्त नीम का सेवन कैसे करें –

    सामग्री :

    • मुट्ठीभर नीम के पत्ते
    • चार काली मिर्च
    • पानी

    बनाने और सेवन करने की विधि :

    • नीम के पत्तों को काली मिर्च के साथ पीस लें।
    • अब इस पाउडर को पानी में मिला लें।
    • फिर इसे छानकर पिएं।
    • इसके सेवन से मलेरिया के बुखार से राहत मिल सकती है।

    कितनी बार सेवन करें?

    आप इसका सेवन मलेरिया में बु खार होने पर कर सकते हैं।

    कैसे फायदेमंद है?

    नीम के एंटी-मलेरियल और एंटी-प्लाज्मोडियल गुणों के कारण यह काफी हद तक मलेरिया में बुखार होने पर आराम दे सकता है (26) (27)। इसे लेने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें, क्योंकि यह आपकी दवाइयों पर भी निर्भर करता है कि आपको इसका सेवन करना चाहिए या नहीं।

    15. हल्दी

    turmeric

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    हल्दी न सिर्फ खाने में रंग और स्वाद भरती है, बल्कि कई बीमारियों का रंग फीका भी कर देती है। भारतीय खाने में अहम भूमिका निभाने वाली हल्दी, वर्षों से औषधि की तरह काम कर हमें स्वस्थ्य भी रख रही है। जब इसमें इतने गुण हैं, तो मलेरिया कौन सी बड़ी चीज है। जानिए मलेरिया में हल्दी का उपयोग –

    सामग्री :

    • एक चम्मच हल्दी पाउडर
    • एक गिलास गर्म दूध

    बनाने और सेवन करने की विधि :

    • दूध में हल्दी डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
    • सोने से पहले इसका सेवन करें।

    कितनी बार सेवन करें?

    आप रोज रात को इसका सेवन करें।

    कैसे फायदेमंद है?

    हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन मलेरिया के इलाज में उपयोगी हो सकता है। यह मलेरिया परीजीवी को कम या खत्म कर सकता है (28)। साथ ही हल्दी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल एजेंट है। यह प्लास्मोडियम संक्रमण के कारण पैदा होने वाले विषाक्त पदार्थों को शरीर से साफ कर सकता है और परजीवी को मारने में भी मदद कर सकता है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो मलेरिया के लक्षणों को कम कर सकते हैं, जैसे मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में दर्द आदि (29)।

    नीचे जानिए मलेरिया के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

    मलेरिया में क्या खाना चाहिए – Foods to Eat for Malaria in Hindi

    मलेरिया ट्रीटमेंट के दौरान सिर्फ घरेलू उपचारा ही नहीं, बल्कि खान-पान का ध्यान रखना भी जरूरी है। मलेरिया रोग में मरीज काफी कमजोर हो जाता है, इसी का ध्यान रखते हुए हम यहां बता रहे हैं कि मरीज को क्या खाना चाहिए :

    1. मलेरिया में ऐसा खाना खाएं, जो जल्दी पचे जैसे – खिचड़ी व दलिया आदि।
    2. खाने में गाजर, चुकंदर व पपीता आदि का सेवन करें।
    3. सादा खाना जैसे दाल-रोटी व हरी सब्जियों का सेवन करें।
    4. जो मांसाहारी हैं, वो अंडे का सेवन कर सकते हैं, लेकिन इस बारे में एक बार डॉक्टर से सलाह लें।
    5. प् ोटीन युक्त आहार लें, जैसे – मछली आदि।
    6. सूप, नारियल पानी व एलेक्ट्रोल पानी पिएं।
    7. विटामिन युक्त आहार का सेवन करें, लेकिन विटामिन-सी युक्त आहार के सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से पूछ लें।
    8. सलाद का सेवन भी कर सकते हैं।

    मलेरिया में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods should avoid during Malaria in Hindi

    मलेरिया रोग में क्या नहीं खाना चाहिए, यह जानना भी जरूरी है। नीचे जानिए मलेरिया ट्रीटमेंट के दौरान क्या न खाएं।

    1. तेल-मसाले या फैट वाले खाद्य पदार्थ न खाएं।
    2. बाहरी खाना न खाएं।
    3. मलेरिया में ठंडी चीज या तरल पदार्थ का सेवन न करें।
    4. ठंडी तासीर के फल या खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
    5. चाय व कॉफी का सेवन न करें।
    6. ज्यादा भारी खाना जैसे – मीट व चिकन का सेवन न करें।
    7. सॉस और अचार का सेवन न करें।
    8. केक और पेस्ट्री का सेवन न करें।

    नोट : इन सबके अलावा आप मलेरिया के दौरान खाने-पीने के बारे में अपने डॉक्टर से भी जरूर पूछ लें। डॉक्टर मरीज को डाइट चार्ट बनाकर दे सकते हैं, जो उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

    मलेरिया से बचाव के बारे में जानना भी जरूरी है, ताकि इसे होने से रोका जा सके।

    मलेरिया से बचाव – Prevention Tips for Malaria in Hindi

    Prevention Tips for Malaria in Hindi

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    मलेरिया के लक्षण व उपचार तो आप जान ही गए हैं, लेकिन मलेरिया से बचाव के बारे में भी जानना जरूरी है। मलेरिया रोग न हो उसके लिए मलेरिया से बचाव के तरीके अगर आप पहले ही जान जाएंगे, तो यह आपके लिए अच्छा होगा। आप मलेरिया रोग के चपेट में आने से बच सकते हैं। नीचे जानिए कि मलेरिया से बचाव कैसे करें –

    1. कहीं भी अपने आसपास के वातावरण में पानी को ज्यादा दिनों तक स्टोर करके न रखें। कई बार गर्मियों में कूलर में कई-कई दिनों तक पानी को बदला नहीं जाता है। इसलिए, हर रोज कूलर का पानी बदलें और पानी को बदलना संभव नहीं है, तो कूलर में थोड़ा-सा मिट्टी का तेल डाल दें। साथ ही बाल्टी व अन्य बर्तनों में पानी अधिक दिन तक स्टोर करके न रखें। ज्यादा दिनों तक स्थिर पानी में ही एनोफिलीज यानी मलेरिया के मच्छर अंडे देते हैं।
    2. अपने आस-पास की जगह व घर में साफ-सफाई रखें और कीटाणुनाशक जैसे – फिनायल आदि से साफ करें।
    3. रात को सोते वक्त मच्छर मारने वाले कोइल को लगाकर सोएं। अगर आपको इन चीजों से एलर्जी है, तो मच्छरदानी लगाकर सोएं।
    4. बाहर जाने से पहले या किसी खुली जगह जैसे – पार्क या रोड पर जाने से पहले मच्छर भगाने वाले क्रीम को अपने व अपने बच्चों के शरीर पर लगा दें।
    5. कोशिश करें कि कपड़े ऐसे पहनें, जिससे हाथ व पैर पूरी तरह कवर हो जाएं।
    6. साफ पानी पिएं, खासकर तब जब आप बाहर कहीं यात्रा कर रहे हों।

    मलेरिया के लक्षणों से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि मलेर या बुखार के लक्षण जानकर सही मलेरिया ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। उम्मीद है कि घर में ही मलेरिया उपचार करने से जुड़ी सभी जानकारियां आपको मिल गई होंगी। आप चाहें तो मलेरिया का आयुर्वेदिक उपचार भी करा सकते हैं। इसके अलावा, अगर आपके पास भी मलेरिया के लक्षण व उपचार के बारे में कोई जानकारी है, तो उसे आप हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। साथ ही अगर आपके मन में सिंप्टम्स ऑफ मलेरिया या मलेरिया रोग से जुड़ा कोई सवाल है, तो वो भी हमसे नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

    क्या मलेरिया एक वायरस है?

    मलेरिया प्लास्मोडियम नामक परजीवी के कारण होने वाली बीमारी है। यह एक एकल-कोशिका यानि सिंगल सेल वाला जीव है, जो वायरस नहीं है।

    मलेरिया से कौन से अंग प्रभावित होते हैं?

    प्रारंभिक चरण में यह परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं को ही प्रभावित करता है, लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, यह लिवर को भी प्रभावित करना शुरू कर देता है। गंभीर मामलों में यह मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है और मस्तिष्क संबंधी मलेरिया (cerebral malaria) का कारण बन सकता है।

    मलेरिया के अंडों की अवधि क्या है?

    यह मलेरिया पैदा करने वाले परजीवी के प्रकार पर निर्भर करती है।
    पी फाल्सीपेरम के लिए- ऊष्मायन अवधि 9-14 दिन है।
    पी ऑवले और पी विवैक्स के लिए – यह 12-18 दिन है।
    पी मलेरी के लिए – यह 18-40 दिन है।(30)

    मलेरिया मानव शरीर को कैसे प्रभावित करता है?

    शुरू में परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में निष्क्रिय रहता है। फिर धीरे-धीरे लाल रक्त कोशिकाओं में बढ़ना शुरू कर देता है। हर 48-72 घंटों में कोशिकाएं फटती हैं और उसमें से और ज्यादा परजीवी निकलते हैं। यह वह समय है, जब किसी व्यक्ति को मलेरिया के लक्षण दिखने लगते हैं। इस स्थिति में मरीज को बुखार, ठंड लगना, मतली, उल्टी, सिरदर्द, थकान और आमतौर पर शरीर में दर्द का अनुभव होता है।

    क्या मलेरिया गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का कारण बन सकता है?

    एक गर्भवती महिला में मलेरिया और इसके लक्षण अधिक स्पष्ट हो सकते हैं। प्रारंभिक अवस्था में गर्भपात बहुत कम होता है, लेकिन सही समय पर लक्षण न समझकर इसका सही इलाज न करने पर गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है।

    क्या मलेरिया के कारण जोड़ों का दर्द हो सकता है?

    हां, यह जोड़ों के दर्द का कारण बन सकता है।

    क्या मलेरिया संक्रामक है?

    मलेरिया व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता है। अगर मलेरिया का मच्छर एक संक्रमित व्यक्ति को काटता है और वही मच्छर अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो संक्रामक व्यक्ति से परजीवी स्वस्थ व्यक्ति में आ सकता है और उसे भी मलेरिया हो सकता है।

    मलेरिया से उबरने में कितना समय लगता है?

    आमतौर पर मलेरिया से उबरने में लगभग दो सप्ताह लगते हैं।

    मलेरिया से मृत्यु कितने समय में हो सकती है?

    मलेरिया के कारण मृत्यु व्यक्तिपरक है। यह रोगी की वर्तमान स्थिति पर निर्भर करता है कि वह किस अवस्था में है। इसका कोई निश्चित वक्त नहीं है। हां, अगर मरीज का उपचार न किया जाए, तो मलेरिया एनीमिया, हाइपोग्लाइसीमिया और मस्तिष्क संबंधी मलेरिया का रूप ले सकता है। इस कारण मरीज कोमा में जा सकता है या उसकी मृत्यु हो सकती है।

    क्या मलेरिया के लिए कोई वैक्सीन है ? अगर है, तो उसका असर कब तक के लिए रहता है?

    मलेरिया के वैक्सीन पर अभी परीक्षण चल रहा है। इसलिए, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि यह किस अवधि के लिए प्रभावी होगी।

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