सोरायसिस (छाल रोग) के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Psoriasis Symptoms and Home Remedies in Hindi


त्वचा नाजुक होती है और जल्द संक्रमण की चपेट में आ जाती है. इसके लिए दूषित वातावरण और गलत खानपान अहम कारण हो सकते हैं. त्वचा से जुड़े रोगों की सूची लंबी है, जिनमें से कुछ जल्द ठीक हो जाते हैं और कुछ आसानी से पीछा नहीं छोड़ते. सोरायसिस भी गंभीर चर्म गर्नुहोस्, जो त्वचा को बुरी तरह प्रभावित करता है. इसमें स्किन खुजली करने से लाल हो जाती है और पपड़ी भी बनने लगती है.

अगर आप भी इस त्वचा रोग से ग्रसित हैं, तो स्टाइलक्रेज का यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. हमारे साथ जानिए सोरायसिस के कारण, लक्षण और इससे निजात पाने के सबसे सटीक घरेलू उपाय.

सोरायसिस क्या है – What is Psoriasis in Hindi

सोरायसिस एक चर्म रोग है, जो त्वचा कोशिकाओं के जीवन चक्र को बढ़ा देता है. साधारण स्थिति में त्वचा कोशिकाएं (Skin Cells) अंदर से बढ़ना शुरू करती हैं और महीने में एक बार त्वचा की सतह पर पहुंचती हैं, लेकिन सोरायसिस की अवस्था में कोशिकाएं 14 दिन में ही त्वचा के ऊपर आ जाती हैं और नष्ट हो जाती हैं. सोरायसिस से प्रभावित त्वचा लाल and सफेद परतदार हो जाती है. 1 ). 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 27 28 29 30 31 नीचे जानिए इस चर्म रोग के होने के कारणों के बारे में.

सोरायसिस के कारण – Causes of Psoriasis in Hindi

सोरायसिस किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है, लेकिन इसके सबसे ज्यादा मामले 15 out of 35 and a great deal of extraordinary results from all over the world. इस चर्म रोग के विकसित होने के पीछे निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है ( 1 ): [19659007] बैक्टीरिया या वायरस से संक्रमण [19659008] शुष्क हवा या शुष्क त्वचा [19659008] त्वचा पर चोट, जिसमें त्वचा के कटने, जलने, कीड़े के काटने और चकत्ते शामिल हैं.

  • दवाओं का दुष्प्रभाव, जिसमें एंटी मलेरिया जैसी दवाएं शामिल हैं.
  • तनाव
  • बहुत कम धूप
  • बहुत अधिक धूप के कारण सनबर्न [19659014] सोरायसिस उन लोगों के लिए ्यादा घातक हो सकता है, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है या जिन्हें एड्स है.

    सोरायसिस के लक्षण – Symptoms of Psoriasis in Hindi

    चर्म रोग कई प्रकार के हो सकते हैं, जिनमें सोरायसिस की पहचान करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए, निम्नलिखित लक्षणों से सोरायसिस की पहचान की जा सकती है ( 1 ): [19659007] खुजली [19659008] सूखी, सफेद और परतदार त्वचा [19659008] त्वचा का लाल-गुलाबी होना [19659008] त्वचा का मोटा होना

  • जोड़ों में दर्द
  • नाखूनों में बदलाव (मोटे नाखून, पीले-भूरे रंग के नाखून, नाखून में गड्ढे आदि)
  • सोरायसिस के प्रकार – Types of Psoriasis in Hindi

    सोरायसिस रोग कई रूपों में आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकता है, जिनमें से प्रमुख इस पा रकार हैं ( 1 ):

    एरिथ्रोडर्मिक – इसमें त्वचा पर लालिमा तीव्र हो जाती है और एक बड़े क्षेत्र को कवर करती है. [19659002] गुट्टेट – त्वचा पर छोटे व गुलाबी-लाल धब्बे दिखाई देते हैं. यह खासकर बच्चों में स्ट्रेप संक्रमण (बैक्टीरियल संक्रमण, जो गले में खराश व खरोंच के कारण) से जुड़ा होता है.

    इनवर्स – यह कोहनी और घुटनों जैसे सामान्य क्षेत्रों की जगह शरीर के अन्य हिस्सों जैसे बगल व कमर आदि में होता है.

    प्लाक – इसमें त्वचा मोटी, लाल व धब्बेदार हो जाती है. इसमें त्वचा लाल हो जाती है और जलन भी होती है. साथ ही त्वचा पर चांदी के रंग जैसी सफेद पपड़ी उभर आती है.

    पस्टुलर (Pustular) – इस स्थिति में त्वचा पीले मवाद भरे छालों से भर जाती है.

    सोरायसिस क्या है और इसके प्रकारों को जानने के बाद नीचे जानिए सोरायसिस का सफल इलाज.

    सोरायसिस (छाल रोग) के घरेलू उपाय – Home Remedies for Psoriasis in Hindi [19659032] ऐसा नहीं है कि सोरायसिस का इलाज नहीं किया जा सकता है. डॉक्टरी चिकित्सा के अलावा आप इस चर्म रोग को प्राकृतिक रूप भी ठीक कर सकते हैं. नीचे बताए जा रहे घरेलू नुस्खे आपके लिए लाभदायक साबित हो सकते हैं

    1. सेब का सिरका

     1. सेब का सिरका

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    सामग्री:
    • एक चौथाई कप सेब का सिरका
    • तीन चौथाई कप गुनगुना पानी
    • वाशक्लॉथ या कॉटन बॉल
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • पानी में सिरका अच्छी तरह मिलाएं.
    • प्रभावित क्षेत्र के अनुसार वाशक्लॉथ या कॉटन बॉल का चुनाव करें.
    • अब कॉटन बॉल या वाशक्लॉथ को सिरके वाले गुनगुने पानी में भिगोकर हल्का निचोड़ें और प्रभावित त्वचा पर लगाएं.
    • इसे एक या दो मिनट के लिए प्र भावित क्षेत्र पर रखें और फिर हटा दें.
    कितनी बार करें:

    खुजली व जलन से निजात पाने के लिए रोजाना दिन में चार से पांच बार यह प्रक्रिया दोहराएं.

    कैसे है लाभदायक:

    सोरायसिस का Make sure you do not have to worry about getting involved. जैसा कि हमने पपर बताया है कि सोरायसिस बैक्टीरिया, वायरस संक्रमण, कटने and जलने से हो सकता है. एंटीएलर्जिक, एंटीवायरल, एंटीमाइक्रोबियल and एंटीइंफ्लेमेटरी जैसे गुणों समृद्ध होता है ( 2 ), 3 ). ये तमाम गुण मिलकर सोरायसिस से प्रभावित त्वचा से खुजली, जलन व्यक्तिक के लिए सकते हैं.

    2. हल्दी

    सामग्री:
    • दो चम्मच हल्दी
    • एक चौथाई कप पानी
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • पानी में हल्दी मिलाएं और गर्म करके गाढ़ा पेस्ट बना लें.
    • पेस्ट को ठंडा होने दें और इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं. बचे हुए पेस्ट को रेफ्रिजरेटर में स्टोर करें.
    • सूखने तक पेस्ट को त्वचा पर लगा रहने दें और बाद में त्वचा को साफ कर लें.
    कितनी बार करें:

    हल्दी का पेस्ट दिन में दो बार लगाएं. [19659047] कैसे है लाभदायक:

    हल्दी आयुर्वेदिक औषधि है, जो एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और जल्दी घाव भरने जैसे गुणों से समृद्ध होती है ( 4 ). इसका उपयोग आप सोरायसिस से प्रभावित स्किन की खुजली, जलन, बैक्टीरिया व फंगल को खेल करने के लिए कर सकते हैं.

    3. एलोवेरा

    सामग्री:
    • मध्यम आकार का एलोवेरा का पत्ता
    कैसे करें इस्तेमाल:
    • एलोवेरा को पानी से साफ करें और थोड़ी देर फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें.
    • अब चाकू की मदद से एलोवेरा की ऊपरी परत हटा दें और जेल को छोटे बाउल में स्टोर कर लें.
    • इस जेल को प्रभावित त्वचा पर लगाकर 20-25 मिनट के लिए छोड़ दें और बाद में ठंडे पानी से त्वचा साफ कर लें. [19659040] कितनी

      यह उपाय आप दिन में बार करें: ो बार कर सकते हैं.

      कैसे है लाभदायक:

      सोरायसिस का सफल इलाज एलोवेरा के माध्यम से किया जा सकता है. सायरोसिस से प्रभावित त्वचा पर आप एलोवेरा जेल लगा सकते हैं. यह एक प्राकृतिक औषधि है, जो त्वचा की जलन को अपनी ठंडक से शांत करने का काम करती है. इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं ( 5 ), जो सूजन और जीवाणु संक्रमण निजात दिलाने मदद करते हैं. इसमें ब्रैडीकाइनस (Bradykinase) नामक खास एंजाइम पाया जाता है, जो त्वचा की अत्यधिक सूजन वाली स्थिति को ठीक करने का काम करता है ( 6 )

      4. अदरक

       4. अदरक

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      सामग्री:
      • लहसुन का तेल
      • जैतून का तेल
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • लहसुन के तेल की कुछ बूंदें लें और प्रभावित त्वचा पर लगाएं.
      • अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो आप लहसुन के तेल के साथ जैतून का तेल भी मिला सकते हैं.
      कितनी बार करें:

      दिन में दो बार लहसुन का तेल लगाएं.

      कैसे है लाभदायक:

      लहसुन का तेल एंटीमाइक्रोबियल गुणों से समृद्ध होता है, जो सोरायसिस रोग क 7 ), ( 8 ).

      5. ग्रीन टी

      सामग्री:
      • एक ग्रीन टी बैग
      • एक कप गर्म पानी
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • ग्रीन टी बैग को लगभग पांच मिनट के लिए गर्म पानी में डालकर रखें. [19659008] टी बैग को हटा दें और चाय पिएं.
      कितनी बार करें:

      दिन में दो से तीन कप ग्रीन टी पिएं.

      कैसे है लाभदायक:

      ग्रीन टी को अपने एंटीऑक्सीडेंट गुण के लिए जाना जाता है ( 9 ). इसलिए, ग्रीन-टी छाल के लिए के लिए करने के लिए करने के लिए करने के लिए करने है. यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर करने का काम करती है, जो खुजली और जलन कारण बन सकते हैं.

      6. नारियल तेल

      सामग्री:
      • नारियल का तेल
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • नारियल तेल की कुछ बूंदें लें और प्रभावित त्वचा पर लगाकर छोड़ दें.
      कब करें

      यह प्रक्रिया

      कैसे है लाभदायक:

      नारियल तेल को त्वचा के लिए अच्छा माना जाता है. यह मॉइस्चराइजिंग गुण से समृद्ध होता है, जो पपड़ीदार and खुजली वाली त्वचा को आराम देने का काम करता है. Do not hesitate to contact us if you have any questions or suggestions. इसके अलावा, यह तेल प्रभावी एंटीसेप्टिक है, जो सोरायसीस के संक्रमण को करने में मदद करेगा ( 10 )

      7. टी ट्री तेल

      सामग्री:
      • टी ट्री तेल की तीन-चार बूंदें
      • एक बड़ा चम्मच जैतून का तेल
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • टी ट्री तेल में जैतून का तेल मिलाएं.
      • अब तेल को प्रभावित त्वचा पर लगाएं.
      कितनी बार करें:

      दिन में दो से तीन बार इस तेल को लगा सकते हैं.

      कैसे है लाभदायक:

      टी ट्री ऑयल एक खास तेल है, जो एंटीसोरायसिस के रूप में काम करता है. यह चर्म रोग से जल्द छुटकारा दिलाने में मदद करता है. यह एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से भी समृद्ध होता है, जो सूजन और जलन से जल्द राहत दिलाने में मदद करेगा ( 11 ).

      सावधानी: टी ट्री तेल का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें.

      8. डेड सी सॉल्ट / सेंधा नमक

       डेड सी सॉल्टसेंधा नमक

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      सामग्री:
      • एक कप डेड सी सॉल्ट / सेंधा नमक
      • नहाने योग्य गर्म पानी
      • बाथटब
      कैसे करें इस्तेमाल:
      • बाथटब में नहाने योग्य गर्म पानी डालें और इसमें नमक मिलाएं.
      • इस पानी में लगभग 15-20 मिनट के लिए नहाएं.
      • बाद में बिना नमक वाले पानी से नहा लें. [19659040] कितनी बार करें: [19659046] हर दूसरे दिन यह उपाय

        कैसे है लाभदायक:

        डेड सी सॉल्ट सोडियम और मैग्नीश यम जैसे खनिजों से समृद्ध है. यह सूजन और खुजली वाली त्वचा पर प्रभावी रूप सा काम करता है. इसके अलावा, यह त्वचा को हाइड्रेट करने का काम भी करता है ( 12 ). आप डेड सी सॉल्ट की जगह सेंधा नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सेंधा नमक भी मैग्नीशियम ये समृद्ध होता है ( 13 ), जो छाल के लिए को देखें के लिए सकता है.

        9. जैतून का तेल

        सामग्री:
        • एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून तेल
        कैसे करें इस्तेमाल:
        • जैतून तेल की कुछ बूंदें लें और प्रभावित त्वचा पर लगाएं.
        कितनी बार करें:

        कैसे है लाभदायक:

        सोरायसिस का घरेलू उपचार करने के लिए जैतून का तेल प्रभावी विकल्प हो सकता है.

        कैसे है लाभदायक:

        सुरक्षित है. यह तेल एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो घाव को जल्दी भरने और त्वचा संबंधी परेशानियों से निजात दिलाने का काम करता है ( 14 ). [19659033] 10. अलसी का तेल

        सामग्री:
        • थोड़ा-सा अलसी का तेल
        कैसे करें इस्तेमाल:
        • तेल की कुछ बूंदों को प्रभावित जगह पर लगाएं और छोड़ दें.
        कितनी बार करें:

        Here you can find all the characters you like in

        This is a great place for you to play with, but you can not find it anywhere in the world. अलसी का तेल अल्फा-लिनोलेनिक एसिड, हमेगा -3 फैटी एसिड, टोकोफेरोल और बैंक के है. यह त्वचा के पीएच को संतुलित and हाइड्रेट रखता है. 15 ), ( 16 )

        11. 11. नीम

        सामग्री:
        • नीम का तेल
        कैसे करें इस्तेमाल:
        • नीम के तेल की कुछ बूंदें उंगलियों पर या कॉटल बॉल पर डालकर प्रभावित जगह पर अच्छी तरह लगाएं.
        कितनी बार

        This is a great place for you to play with, but do not hesitate to contact us for more information. त्वचा के लिए नीम का तेल सबसे कारगर हो सकता है. यह एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुणों से समृद्ध होता है, जो त्वचा के जीवाणु संक्रमण को जल्द दूर करने का काम करेगा ( 17 )

        फिश ऑयल

         फिश ऑयल

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        सामग्री:

        फिश ऑयल कैप्सूल

        कैसे करें इस्तेमाल:

        फिश ऑयल कैप्सूल से तेल निकालें और सीधा प्रभावित त्वचा पर लगाएं.

        कितनी बार करें:

        कैसे है लाभदायक:

        सोरायसिस का घरेलू उपचार करने के लिए आप फिश ऑयल प्रयोग में ला सकते हैं. फिश ऑयल ओमेगा -3 और ओमेगा -6 फैटी एसिड से समृद्ध होता है, जिससे त्वचा पर एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पड़ता हैं. सोरायसिस के लक्षण जैसे जलन और सूजन को दूर करने के लिए आप फिश ऑयल का उपयोग कर सकते हैं.

        ओटमील बाथ

        सामग्री:
        • आधा कप ओटमील
        • नहाने योग्य गर्म पानी
        • एक बाथटब
        कैसे करें इस्तेमाल:
        • बाथटब को नहाने योग्य गर्म पानी से भरें और उसमें कोलाइडल ओटमील मिलाएं. अगर आपको कोलाइडल ओटमील नहीं मिलता है, तो आप साबुत ओटमील को पीसकर इस्तेमाल कर सकते हैं.
        • लगभग 15 से 20 मिनट तक इससे स्नान करें. [19659040] कितनी बार करें: [19659046] रोजाना इस उपाय को दोहराएं. [19659047] कैसे है लाभदायक:

          ओटमील एंटी इंफ्लेमेटरी और मॉइस्चराइजिंग गुणों से समृद्ध होता है, जो सोरायसिस से संक्रमित त्वचा को आराम देने का काम कर सकता है ( 18 ). [19659047] 14. बेकिंग सोडा

          सामग्री:
          • आधा कप बेकिंग सोडा
          • नहाने योग्य गर्म पानी
          • बाथटब
          कैसे करें इस्तेमाल:
          • बाथटब को पानी से भर लें और बेकिंग सोडा मिलाएं.
          • अब इस पानी में शरीर को 10 से 15 मिनट तक डूबोकर रखें. [19659040] कितनी बार करें: [19659046] कम से कम तीन सप्ताह तक बेकिंग सोडा के पानी से स्नान करें. [19659047] कैसे है लाभदायक: [19659046] सोरायसिस का उपचार करने के लिए आप बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल गुणों से समृद्ध होता है ( 19 ) ( 20 ), जो सोरायसिस रोग से प्रभावित त्वचा को आराम देने का काम करेगा. [19659033] 15. सोरायसिस के लिए जूस

            क) गाजर

            सामग्री:
            • तीन से चार गाजर
            • 10 पालक के पत्ते
            • एक सेब
            • पानी [19659040] कैसे करें इस्तेमाल:
              • गाजर और पालक को थोड़े पानी के साथ अच्छी तरह ब्लेंड कर लें।
              • अब इस मिश्रण को पिएं।
              कितनी बार करें :

              रोजाना एक बार गाजर का जूस पिएं।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस में आहार के रूप में आप गाजर का सेवन कर सकते हैं। गाजर बीटा-कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होता है (21), जो सोरायसिस के लक्षणों को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है।

              ख) नींबू का रस 

              सामग्री :
              • एक चम्मच नींबू का रस
              • एक गिलास पानी
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • पानी में नींबू का रस मिलाएं और नाश्ते, दोपहर व रात के भोजन से 20 मिनट पहले पिएं।
              • आप नींबू के रस को प्रभावित जगह पर 10 मिनट के लिए लगा भी सकते हैं। इसके बाद गुनगुने पानी से त्वचा को धो लें।
              कितनी बार करें :

              तीन से चार सप्ताह तक नींबू का रस रोजाना पिएं।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस के इलाज के लिए आप नींबू के रस का उपाय कर सकते हैं। नींबू एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से समृद्ध होता है (22), जो सोरायसिस के लक्षण जैस दर्द, सूजन व खुजली से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

              ग) व्हीटग्रास

              ग) व्हीटग्रास

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              सामग्री :
              • आधा कप व्हीटग्रास
              • दो-तीन कप पानी
              • एक चम्मच नींबू का रस
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • व्हीटग्रास को चाकू से काटें और इसे ब्लेंडर में पानी के साथ ब्लेंड करें।
              • अब इस े एक गिलास में छानकर डालें और नींबू का रस मिलाकर पिएं।
              कितनी बार करें :

              रोज सुबह खाली पेट पिएं।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस जैसे चर्म रोगों से बचने के लिए आप व्हीटग्रास जूस का सेवन कर सकते हैं। व्हीटग्रास फ्लेवोनोइड्स और विटामिन-सी व ई से समृद्ध होता है, जो सोरायसिस के लक्षणों को शांत करने का काम कर सकते हैं (23), (24), (25)।

              घ) करेले का जूस

              सामग्री :
              • एक चौथाई कप करेले का जूस
              • आधा कप पानी
              • एक चौथाई चम्मच नींबू का रस
              • एक चौथाई चम्मच शहद
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • पानी में करेले के रस, नींबू के रस और शहद को मिलाएं।
              • सुबह खाली पेट इस मिश्रण को पिएं
              कितनी बार करें :

              कुछ महीनों तक रोजाना इस उपाय को किया जा सकता है।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस का इलाज करने के लिए आप करेले का जूस पी सकते हैं। यह एक प्राकृतिक औषधि है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर कर खून को साफ करती है। यह एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होती है, जो जीवाणु संक्रमण से शरीर को बचाने और जल्द घाव भरने का काम करती है (26)।

              16. विटामिन-डी और विटामिन-ई 

              सोरायसिस ट्रीटमेंट के लिए आप अपने आहार में विटामिन-डी को शामिल कर सकते हैं। यह एक खास पोषक तत्व है, जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से त्वचा की रक्षा करता है (27)। इसके अलावा, विटामिन-ई भी त्वचा के लिए खास माना जाता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो फ्री रेडिकल्स को खत्म करने का काम करता है और सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाता है (28)।

              17. नारियल पानी 

              सामग्री :
              • नारियल पानी
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • रोजाना एक गिलास नारियल पानी का सेवन करें।
              कितनी बार करें :

              सोरायसिस के इलाज के लिए कुछ महीनों तक नारियल पानी का नियमित सेवन किया जा सकता है।

              कैसे है लाभदायक :

              सोरायसिस ट्रीटमेंट के लिए नारियल पानी उपयोग में लाया जा सकता है। नारियल पानी का सेवन शरीर को हाइड्रेट करने का सबसे कारगर प्राकृतिक तरीका है (29), जिसका सकारात्मक असर त्वचा पर पड़ता है। इसके अलावा, नारियल पानी पाचन और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है, जिससे शरीर को पोषक तत्व अवशोषित करने में मदद मिलती है।

              18. छाछ

              18. छाछ

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              सामग्री :
              • ताजा छाछ
              • कॉटन बॉल
              कैसे करें इस्तेमाल :
              • कॉटन बॉल को छाछ में भिगोकर प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं और कुछ देर के लिए छोड़ दें।
              • इसके अलावा, रोजाना एक गिलास छाछ पिएं।
              कितनी बार करें :

              छाछ एक दूध उत्पाद है और दूध उत्पाद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से समृद्ध होते हैं (30)। सोरायसिस के जलन और सूजन वाले लक्षणों को शांत करने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

               सोरायसिस का इलाज जानने के बाद आगे जानिए इससे जुड़े कुछ और टिप्स।

              सोरायसिस के लिए कुछ और टिप्स – Other Tips for Psoriasis in Hindi

              सोरायसिस के उपचारों के अलावा, आप नीचे बताए जा रहे सुझावों का भी पालन करें :

              • सूर्य की तेज किरणों से बचें। जब भी कड़ी धूप में बाहर निकलें, तो छतरी का इस्तेमाल करें।
              • त्वचा पर किसी भी तरह का घाव या संक्रमण दिखने पर इलाज करवाएं।
              • रोजाना स्नान करें और त्वचा को साफ रखें।
              • खुजली होने पर त्वचा को खरोंचे नहीं, इससे समस्या गंभीर हो सकती है।
              • सोरायसिस के लक्षण दिखने पर डॉक्टरी इलाज या बताए गए घरेलू उपाय करें।

              सोरायसिस में आहार – Diet for Psoriasis in Hindi

              सोरायसिस से पीड़ित व्यक्ति अपने भोजन में उन खाद्य पदार्थों को शामिल करे, जो एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी और विटामिन-सी, ई व डी से समृद्ध हों। हरी-सब्जियों और फलों का सेवन ज्यादा-से ज्यादा करें। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नारियल और फलों का जूस पीते रहें।

              सोरायसिस में आहार के महत्व को जानने के बाद सोरायसिस के दुष्प्रभावों के बारे में बात करते हैं।

              सोरायसिस के दुष्प्रभाव – Side Effects Psoriasis in Hindi

              सोरायसिस से पीड़ित इंसान निम्नलिखित शारीरिक समस्याओं का भी सामना कर सकता है (31) :

              • सोरायसिस अर्थराइटिस, जिसमें जोड़ों में दर्द और सूजन शामिल है।
              • ह्रदय संबंधि रोग
              • म ोटापा
              • उच्च रक्तचाप
              • मधुमेह

              आम खुजली जैसे त्वचा रोगों से अलग सोरायसिस एक गंभीर चर्म रोग है, जो मधुमेह और गठिया जैसी बीमारियों का कारण भी बन सकता है। इसलिए, लेख में बताए गए सोरायसिस के लक्षण दिखने पर तुरंत बताए गए उपचारों का पालन करें और एहतियात के लिए त्वचा विशेषज्ञ से मिलें। आशा है कि यह लेख आपको पसंद आया होगा, आप अपने सुझाव और त्वचा संबंधी रोगों से जुड़े अनुभव नीचे कमेंट बॉक्स में साझा कर सकते हैं।

              अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

              क्या सोरायसिस वंशानुगत है?

              सोरायसिस, वंशानुगत भी है। अगर परिवार में किसी सदस्य को यह बीमारी रह चुकी है, तो यह संभव है कि यह रोग आपको भी हो सकता है।

              क्या छालरोग संक्रामक है?

              नहीं, सोरायसिस संक्रामक नहीं है। यह संपर्क से नहीं फैलता है।

              क्या सोरायसिस ठीक होने की प्रक्रिया के दौरान खुजली हो सकती है?

              खुजली सोरायसिस के मुख्य लक्षणों में से एक है। जब सोरायसिस से प्रभावित त्वचा ठीक होने लगती हैं, तो खुजली भी कम होने लगती है।

              क्या सोरायसिस के चकत्ते मिट जाते हैं?

              प्रभावी उपचार के कारण सोरायसिस के चकत्ते काफी हद तक मिट जाते हैं, लेकिन इसमें कुछ महीने या अधिक समय भी लग सकता है।

              क्या लेजर उपचार से सोरायसिस दूर हो सकता है?

              जी हां, अल्ट्रावायलेट (यूवी) बी 308-एनएम एक्साइमर लेजर थेरेपी के जरिए सोरायसिस का उपचार किया जा सकता ह (32)।

              क्या सोरायसिस अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़ा है?

              सोरायसिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जो आसानी से अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों का कारण बन सकती है, जैसे सोरायसिस गठिया व मधुमेह आदि (31)।

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