जावित्री के 13 फायदे, उपयोग और नुकसान – Mace (Javitri) Benefits, Uses and Side Effects in Hindi


जावित्री का नाम तो आपने सुना ही होगा. कुछ लोग इसे जायफल की जुड़वां बहन भी कहते हैं. जायफल की चर्चा हम स्टाइलक्रेज के एक आर्टिकल में पहले की चुके हैं. अब वक्त है जावित्री के बारे में बात करने का. जायफल की तरह ही जावित्री फायदे भी अनेक हैं, जिसके बारे में में लेख में बता रहे हैं. जावित्री क्या है और जावित्री का उपयोग कैसे करना है, इसकी जानकारी आपको इस लेख में मिलेगी.

जावित्री क्या है? – What is Mace (Javitri) in Hindi

आखिर जावित्री क्या है? हम आपको बता दें कि जायफल और जावित्री एक ही मायरिस्टिका फ्रैगरैंस (Myristica fragrans) नामक पेड़ मिलते हैं. हालांकि, कई बार लोग जायफल और जावित्री दोनों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन हस्ता नहीं है. जायफल इस पेड़ का बीज होता है और इसे ढकने वाली रेशेदार परत को जावित्री कहा जाता है. जावित्री का वानस्पतिक नाम मायरिस्टिका फ्रैगरैंस and अंग्रेजी नाम मेस (mace) है. अन्य मसालों की तरह यह भी लगभग हर घर की रसोई में पाया जाता है. यह मसाला हल्के पीले, नारंगी या सुनहरे रंग का होता है.

जावित्री क्या है? यह न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि कई वर्षों से औषधीय गुणों के कारण भी इसका उपयोग किया जा रहा है. यह जानने के बाद अब बात करते हैं जावित्री के फायदों के बारे में.

जावित्री के फायदे – Benefits of Mace in Hindi

जावित्री के फायदे अनेक हैं और उनमें से कुछ के बारे में हम नीचे बता रहे हैं. [19659007] 1. पाचन के लिए जावित्री

 Jaithri for digestion

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व्यस्त दिनचर्या के कारण ज्यादा बाहरी खाना या ठीक वक्त पर न खाने से पेट और पाचन संबंधी समस्याएं आम हैं. If you want to find out more about this site, click here. Do not forget to check out the location of your hotel, but you can also check out the local restaurants and other places in the area. एक रिसर्च के अनुसार, जायफल और जावित्री दोनों को पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए उपयोग किया जा सकता है ( 1 )

2. डायबिटीज के लिए जावित्री

आजकल डायबिटीज आम बीमारी हो गई है, जो किसी को भी हो सकती है. एक वक्त था, जब कुछ लोगों को है है है है है है है है के लिए के लिए से होती थी और एक उम्र के बाद होती थी, लेकिन आज स्थित है. इस स्थिति में जावित्री के सेवन से डायबिटीज की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है. जावित्री में मौजूद एंटी-डायबिटिक गुणों के कारण कार संभव हो सकता है ( 2 )

3. दांतों के लिए जावित्री

 Jitri for teeth

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दांतों की देखभाल जरूरी होती है. Do not forget to take a look at what you want to do, and do not miss out on it. ऐसे में जावित्री का उपयोग काफी फायदेमंद हो सकता है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल and एंटी-कार्सिनोजेनिक गुण दांतों की समस्या से राहत दिला सकते हैं ( 3 ) ( 4 ). यह दांतों को कैविटी की समस्या से बचा सकते हैं. 5 ).

4. 4.

Here you can download it for free. 1 ). This entry was posted on Tuesday, April 19th, 2012 at 12:11 am and is filed under. आजकल की बिगड़ी जीवनशैली की वजह से किडनी से जुड़ी बीमारियां भी बढ़ गई है. ऐ ऐ े े स स स स स स स स स ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा ा [[[[[[[[[[[[[[[[[[[[सर्दी-जुकामकेलिएजावित्री

 Javitri for winter cold

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मौसम बदलने से सर्दी-जुकाम या बुखार की समस्या सामान्य है. इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर के पास जाने से पहले कुछ घरेलू उपाय आजमाएं. ऐसे में जावित्री एक अच्छा घरेलू उपचार है. इसे कई वर्षों से उपयोग भी किया जा रहा है. इसके एंटी-एलर्जी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्मेटरी गुण सर्दी-जुकाम जैसी एलर्जिक समस्याओं से बचाव कर सकते हैं ( 6 ). इसलिए, कई बार आपने सुना होगा कि छोटे बच्चों को जावित्री या जायफल चटाने की बात कही जाती है. हालांकि, शिशु को किस उल्कों और कितनी मात्रा में जावित्री या जायफल देना चाहिए, बारे में डॉक्टर ही बेहत सकते हैं.

6. भूख बढ़ाने के लिए जावित्री

कई बार बाहर का खाना खाने से पेट और पाचन संबंधी समस्याएं जैसे – एसिडिटी व पेट में संक्रमण हो जाता है, जिस कारण भूख कम हो जाती है. ऐ े े े े ई ग ग ग ग ग ग ग ग ग ग ग ग ग ग ग ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै. ऐ ऐ े े े े ा ा ा ा ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै [लिवरकेलिएजावित्री

 Javitri for liver

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कई बार है है कि बाहर खाना मजबूरी हो जाता है. जिस तरह की आजकल की दिनचर्या है, कभी लोग शौक के लिए भी बाहर खाते हैं. ऐसे में पेट की हालत दिन-ब-दिन खराब होते चली जाती है. तेल-मसाले वाले खाने का सीधा असर लिवर पर पड़ने लगता है और नतीजा लिवर कम समस्या शुरू हो जाती है. इस स्थिति में वक्त रहते खाने-पीने पर ध्यान देना जरूरी है, साथ ही अगर जावित्री का उपयोग किया जाए तो और फायदा हो सकता है. इसका हेपटोप्रोटेक्टिव (Hepatoprotective) असर और एंटीऑक्सीडेंट गुण लिवर को डिटॉक्सीफाई कर उसे स्वस्थ रख सकता है ( 3 ). इसे अपने डाइट में शामिल कर अपने लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं.

8. गठिया के लिए जावित्री

उत्पाद के लिए का नहीं है है के लिए सकते हैं और श्रेणियाँ जगह-जगह दर्द भी होने लगता है. बढ़ती उपकरण है, लेकिन आजकल की जीवनशैली and खान-पान की वजह से शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी हो जाती है. There are many places in the city that you can see in Northern Ireland, but you can see some of the most popular places in the world. Do not forget to check with us if you want to know more about it. जावित्री में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. 1 ), उससे बचा सकता है. (हिन्दी) रूमेटाइड अर्थराइटिस गठिया का ही एक प्रकार होता है.

9.

 Javitri to reduce obesity

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बढ़ता वजन और मोटापा लगभग हर किसी कम समस्या बन चुकी है. बाहरी और तैलीय खाना, व्यायाम न करना व सही वक्त पर न खाना इसकी अहम वजह है. जैसे ही मोटापा बढ़ता है, तो कई प्रकार की बीमारियां शरीर में घर करने लगती हैं. ऐ ऐ े े क क क क क स स स स स स स स स स स स स स स स स स स स स स स स स ै सिर्फ खान-पान में बदलाव और व्यायाम ही काफी नहीं, इसके साथ कुछ घरेलू उपाय भी जरूरी हैं. 7 ) ( 8 ).

10. 10. अनिद्रा के लिए जावित्री

कई लोगों को आजकल अनिद्रा की समस्या होती है. काम का दबाव and तनाव के कारण नींद की कमी होना आम बात है. इस स्थिति में लोग नींद आने की दवा का सेवन करते हैं और उन्हें खुद भी पता नहीं चलता कि कब वो इसके आदी हो गए हैं. ऐसे में घरेलू नुस्खे के तौर पर आप जावित्री का उपयोग कर सकते हैं. इसके सेवन से आपके अनिद्रा की परेशानी काफी हद तक ठीक हो सकती है. इसे कई वर्षों से औषधि की तरह उपयोग किया जा रहा है ( 8 )

11. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर जावित्री

कई बार सूजन के कारण हमारा शरीर कई बीमरियों के चपेट में आ जाता है. जोड़ों में दर्द भी सूजन के कारण ही होता है, का सेवन अच्छा विकल्प है. इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किसी भी तरह के सूजन के हैं के हैं और श्रेणियाँ को सकते हैं ( 3 ).

 Javitri for skin

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खूबसूरत और चमकती त्वचा की चाहत लगभग हर किसी को होती है. निखरी त्वचा व्यक्तित्व को और निखारती है, लेकिन आजकल प्रदूषण भरे वातावरण में त्वचा की प्राकृतिक चमक खो रही है. ऐ ऐ े े ई ई ई ई ई ई ई ई ो ई ई ई ई ई ो ो ो ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ई ो ई ई ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ो ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै ै…. ै. यहां तक ​​कि कई बार इसके दुष्प्रभाव के कारण त्वचा की बची-खुची चमक भी चली जाती है. इस स्थिति में घरेलू उपाय अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. जावित्री के उपयोग से त्वचा पर न सिर्फ चमक आएगी, बल्कि उसमें मौजूद मैक्लिग्नन (macelignan) त्वचा को सूरज के हानिकारक किरणों से होने वाले नुकसान से भी बचाता है ( 9 ). [19659007] 13. जावित्री पारंपरिक दवा की तरह

जावित्री को भारत में कई सालों से आयुर्वेदिक औषधि की तरह उपयोग किया जाता आ रहा है. इसमें एंटीफंगल, एंटीडिप्रेसेंट और पाचन बढ़ाने के गुण मौजूद हैं, जो आपके जीवन को बीमारियों से बचाकर आसान बनाने में मदद कर सकते हैं.

जावित्री के पौष्टिक तत्व – Mace Nutritional Value in Hindi

जावित्री के फायदे जानने के बाद अब वक्त है, इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों के बारे में जानने का. नीचे हम आपके साथ जावित्री के पौष्टिक तत्वों की सूची शेयर कर रहे हैं.

तत्व न्यूट्रिएंट वैल्यू आरडीए%
एनर्जी 475 केसीएल 24%
कार्बोहाइड्रेट 0% 0% 39% 39% 6.71 ग्राम 12%
कुल फैट 32.38 ग्राम
डायटरी फाइबर 20.2 ग्राम 54%

विटामिन

फॉलेट 76 माइक्रोग्राम 19%
नायसिन 1.350 मिलीग्राम 8%
पायरीडॉक्सीन 0.160 मिलीग्राम 12%
राइबोफ्लेविन 0.448 विटामिन ए 21 मिलीग्राम 34% थियामिन 0.312 मिलीग्राम 26%
विटामिन ए %

इलेक्ट्रोलाइट

मिलीग्राम 80% 5%
पोटैशियम 463 मिलीग्राम मिनरल्स

कैल्शियम 252 मिलीग्राम 25%
कॉपर 2.467 मिलीग्राम 274%
आयरन मिलीग्राम मिलीग्राम मैंगनीज 1.500 मिलीग्राम 65%
फास्फोरस 110 मिलीग्राम ] जावित्री के फायदे जानने के बाद जरूरी है, जावित्री का उपयोग कैसे किया जाए.

जावित्री का उपयोग – How to Use Mace in Hindi

अगर जावित्री के फायदों को जल्दी और अच्छे त ीके से शरीर में अवशोषित करना चाहते हैं, तो इसका सही तरीके से उपयोग करना भी आवश्यक है. नीचे हम आपको जावित्री का उपयोग बता रहे हैं.

  1. जावित्री से आप मिठाई, पुडिंग, मफिन, केक और विभिन्न प्रकार के ब्रेड बना सकते हैं.
  2. आप इसे मसाला चाय या मसाला दूध बनाने के लिए उपयोग कर सकते हैं.
  3. जावित्री मसाले का उपयोग खाना, अचार और सॉस बनाने में किया जा सकता है.
  4. आप इसका उपयोग सूप, उबले हुए आलू और चावल के साथ भी कर सकते हैं
  5. जावित्री का इस्तेमाल तरह-तरह की सब्जी बनाने में भी किय जा सकता है.

जावित्री के नुकसान – Side Effects of Mace in Hindi

 Side Effects of Mace in Hindi

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अगर जावित्री के फायदे हैं, तो उसके कुछ नुकसान भी है. नीचे हम जावित्री के कुछ नुकसान आपको बता रहे हैं.

  1. गर्भवती महिलाएं जावित्री के सेवन से बचें, अगर सेवन करना भी चाहती हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह लें.
  2. स्तनपान कराने वाली मां भी इसके सेवन से बचे.
  3. अगर आपको जल्दी किसी चीज से एलर्जी होती है और आप पहली बार जावित्री का सेवन कर रहे हैं, तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें.

जावित्री का सेवन अगर सही तरीके से किया जाए, तो यह का ी गुणकारी हो सकता है. उम्मीद है कि आप इस लेख से जावित्री के फायदे जान चुके होंगे. अगर आपने अभी तक इसे अपनी डाइट में शामिल नहीं किया है, तो अब भी देरी नहीं हुई है. आप जावित्री का उपयोग करके अपने जीवन से बीमारियों को दूर कर सकते हैं. इसके अलावा, अगर आपको भी जावित्री के बारे में कुछ और बातें पता हैं, जिनका जिक्र इस लेख में नहीं किया गया है, तो आप हमारे साथ जरूर शेयर करें. साथ ही अगर आपने जावित्री का उपयोग किया है, तो हमारे साथ अपने अनुभव कमेंट बॉक्स में शेयर कर सकते हैं.

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